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साहब बीड़ी पीने की सजा उठक-बैठक ही मान लें.. जुर्माना देने लायक नहीं हैं
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बरेली। अदालत के बाहर बीड़ी पी रहे तीन लोगों को जब अदालत के आदेश पर हिरासत में लिया गया तो वे खुद ही जज के सामने उठक-बैठक लगाने लगे। अदालत ने इसकी वजह पूछी तो कहने लगे साहब हमारे पास जुर्माना देने लायक पैसे तो हैं नहीं, आप इस उठक बैठक को ही सजा मानकर हमें छोड़ दें। इसके बाद अदालत ने तीनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
सुबह साढ़े दस का वक्त रहा होगा। अदालतों में कामकाज शुरू ही हुआ था, एडीजे नरेश कुमार की कोर्ट के बाहर तीन लोग बीड़ी के कश लगाने में मशगूल थे। धुआं उठा तो उसकी गंध अदालत के अंदर तक पहुंच गई। एडीजे ने ने फाइलों से नजर उठाई तो बाहर बैठे बीड़ी पी रहे तीनों लोगों पर नजर पड़ी। उन्होंने कोर्ट मुहर्रिर से तीनों को बुलवाकर पूछा कि क्या उन्हें नहीं पता कि सार्वजनिक जगह पर बीड़ी पीना जुर्म है। इसके बाद वह तीनों को कटघरे में खड़ा करवाकर खुद फाइलों में व्यस्त हो गए। अचानक कटघरे में ही तीनों ने उठकबैठक लगानी शुरू कर दी। जज साहब ने कुछ देर बाद नजरें उठाईं तो तीनों को उठकबैठक लगाते देख हैरान रह गए। उन्होंने बगैर कहे बैठक लगाने का कारण पूछा एक ने हाथ जोड़कर कहा कि साहब जुर्माना देने लायक तो हम है नहीं । हमारी उठकबैठक को ही सजा मानकर हमें माफ कर दें। जज ने तीनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
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सुबह साढ़े दस का वक्त रहा होगा। अदालतों में कामकाज शुरू ही हुआ था, एडीजे नरेश कुमार की कोर्ट के बाहर तीन लोग बीड़ी के कश लगाने में मशगूल थे। धुआं उठा तो उसकी गंध अदालत के अंदर तक पहुंच गई। एडीजे ने ने फाइलों से नजर उठाई तो बाहर बैठे बीड़ी पी रहे तीनों लोगों पर नजर पड़ी। उन्होंने कोर्ट मुहर्रिर से तीनों को बुलवाकर पूछा कि क्या उन्हें नहीं पता कि सार्वजनिक जगह पर बीड़ी पीना जुर्म है। इसके बाद वह तीनों को कटघरे में खड़ा करवाकर खुद फाइलों में व्यस्त हो गए। अचानक कटघरे में ही तीनों ने उठकबैठक लगानी शुरू कर दी। जज साहब ने कुछ देर बाद नजरें उठाईं तो तीनों को उठकबैठक लगाते देख हैरान रह गए। उन्होंने बगैर कहे बैठक लगाने का कारण पूछा एक ने हाथ जोड़कर कहा कि साहब जुर्माना देने लायक तो हम है नहीं । हमारी उठकबैठक को ही सजा मानकर हमें माफ कर दें। जज ने तीनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
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