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औद्यानिक सोसायटी बेच रही थी ओवर रेट यूरिया
बरेली
Updated Fri, 30 Jan 2015 12:39 AM IST
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ग्रामीणों की शिकायत पर एआर कोआपरेटिव ने फरीदपुर क्षेत्र के केसरपुर में औद्यानिक समिति पर छापा मारा। यहां ओवररेट यूरिया बेचने वाला संचालक फरार हो गया। अब जिला कृषि अधिकारी उसके खिलाफ मुकदमा कराएंगे।
उद्यान विभाग से संचालित इस समिति के संचालक अरविंद कुमार गुप्ता के खिलाफ डीएम के यहां कई शिकायतें पहुंची थीं। डीएम के निर्देश पर एआर एनके सिंह ने समिति पर छापा मारा। इस पर संचालक निकल भागे। ग्रामीणों ने बताया कि 335 रुपये का यूरिया बैग 390 रुपये में बेचा जा रहा है। वह लोग काफी समय से इसी रेट पर यूरिया लेने को मजबूर हैं। एआर ने इसकी रिपोर्ट डीएम को दे दी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामतेज यादव ने बताया कि वह इस मामले में संचालक के खिलाफ संबंधित थाने में कालाबाजारी का केस दर्ज कराएंगे।
किसान ब्लैक में यूरिया खरीदने को मजबूर
सहकारी समितियों पर नहीं सुधर रही व्यवस्था
बाजार में सप्लाई को पंजाब से आई एक रैक
बरेली। जिले में एक बार फिर खाद का संकट बढ़ने लगा है। सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत लगातार बनी हुई है। उधर निजी विक्रेताओं के यहां बिक्री के लिए पंजाब से यूरिया की रैक बरेली आ गई है।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामतेज के निरीक्षण में बृहस्पतिवार को रजऊ परसपुर गांव की सहकारी समिति पर ताले लटके मिले। यहां केसरपुर तक से ग्रामीण यूरिया लेने आए थे। काफी देर इंतजार कर ये लोग लौट गए। जोगेंद्र, शिवरतन और प्यारे मियां ने बताया कि वे कई बार आकर लौट चुके हैं। अब मजबूरी है कि बाजार से ही महंगा यूरिया खरीद लिया जाए। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कुछ समितियों पर यूरिया वास्तव में नहीं है। अधिकांश जगह संचालकों के पेमेंट जमा करने बैंक जाने पर भी समिति बंद रहती है। वह लगातार निरीक्षण करके समितियों का हाल देख रहे हैं। लापरवाहों पर कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि समितियों पर वितरण के लिए इफ्को से रोज लगभग चार सौ एमटी यूरिया मिल रही है। अब नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड की 2500 एमटी यूरिया की रैक भी आ गई है। इससे निजी दुकानदारों को यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है।
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उद्यान विभाग से संचालित इस समिति के संचालक अरविंद कुमार गुप्ता के खिलाफ डीएम के यहां कई शिकायतें पहुंची थीं। डीएम के निर्देश पर एआर एनके सिंह ने समिति पर छापा मारा। इस पर संचालक निकल भागे। ग्रामीणों ने बताया कि 335 रुपये का यूरिया बैग 390 रुपये में बेचा जा रहा है। वह लोग काफी समय से इसी रेट पर यूरिया लेने को मजबूर हैं। एआर ने इसकी रिपोर्ट डीएम को दे दी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामतेज यादव ने बताया कि वह इस मामले में संचालक के खिलाफ संबंधित थाने में कालाबाजारी का केस दर्ज कराएंगे।
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सहकारी समितियों पर नहीं सुधर रही व्यवस्था
बाजार में सप्लाई को पंजाब से आई एक रैक
बरेली। जिले में एक बार फिर खाद का संकट बढ़ने लगा है। सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत लगातार बनी हुई है। उधर निजी विक्रेताओं के यहां बिक्री के लिए पंजाब से यूरिया की रैक बरेली आ गई है।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामतेज के निरीक्षण में बृहस्पतिवार को रजऊ परसपुर गांव की सहकारी समिति पर ताले लटके मिले। यहां केसरपुर तक से ग्रामीण यूरिया लेने आए थे। काफी देर इंतजार कर ये लोग लौट गए। जोगेंद्र, शिवरतन और प्यारे मियां ने बताया कि वे कई बार आकर लौट चुके हैं। अब मजबूरी है कि बाजार से ही महंगा यूरिया खरीद लिया जाए। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कुछ समितियों पर यूरिया वास्तव में नहीं है। अधिकांश जगह संचालकों के पेमेंट जमा करने बैंक जाने पर भी समिति बंद रहती है। वह लगातार निरीक्षण करके समितियों का हाल देख रहे हैं। लापरवाहों पर कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि समितियों पर वितरण के लिए इफ्को से रोज लगभग चार सौ एमटी यूरिया मिल रही है। अब नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड की 2500 एमटी यूरिया की रैक भी आ गई है। इससे निजी दुकानदारों को यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है।