{"_id":"5e9f42cf8ebc3e905328f286","slug":"construction-will-be-done-in-the-first-populated-area-on-the-highway-in-lockdown-bareilly-news-bly4033758102","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में हाईवे पर पहले आबादी वाले इलाके में होंगे निर्माण कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में हाईवे पर पहले आबादी वाले इलाके में होंगे निर्माण कार्य
विज्ञापन
जेसीबी फास्ट्रैक ट्रैक्टर
- फोटो : Social media
लखनऊ-दिल्ली हाईवे- लेबर जुटाने की चुनौती के बावजूद अफसर बोले- फिलहाल ट्रैफिक कम होने से निर्माण कार्य कराना आसान
विज्ञापन
बरेली। निर्माणदायी संस्थाओं को 15 अप्रैल से काम शुरू करने की अनुमति मिलने के साथ ही लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बरेली-सीतापुर के बीच काफी समय से लटके फोरलेन के काम शुरू कराने की तैयारी है। एनएचएआई के अफसरों की प्लानिंग है कि अभी लॉकडाउन में आबादी वाले इलाकों में हाईवे पर काम कराया जाए, क्योंकि इस समय ट्रैफिक बहुत कम होने से काम शुरू कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी। इन क्षेत्रों में अधूरे पुलों और ड्रेन के कामों को जल्द पूरा कराया जा सकता है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने इसके लिए ठेकेदार को आदेश भी जारी कर दिए हैं। हालांकि ठेकेदार के लिए लॉकडाउन में लेबर जुटाना आसान नहीं है, लेकिन अफसर हाईवे पर ट्रैफिक कम होने के इस अवसर को गंवाना नहीं चाहते हैं।
इस हाईवे पर बरेली से सीतापुर के बीच करीब 157 किलोमीटर हिस्से में अधूरे फोरलेन का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है, जबकि टूटते-दरकते हाईवे पर हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है। हालांकि एनएचएआई एक फर्म को पिछले साल करीब सात अरब का कांट्रेक्ट दे चुकी है। बताते हैं कि रोजा और फरीदपुर के पास दो हॉटमिक्स प्लांट भी शुरू होने वाले थे लेकिन लॉकडाउन की वजह से काम शुरू नहीं हो सका। अब सरकार ने 15 अप्रैल से निर्माणदायी संस्थाओं को काम शुरू करने की झंडी दे दी है, इसलिए अब एनएचएआई के अधिकारियों ने फोरलेन के अधूरे काम शुरू कराने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में मंगलवार को पीडी अमित प्रकाश ने शाहजहांपुर में डीएम से मुलाकात कर काम शुरू कराने की अनुमति मांगी। एनएचएआई अफसरों की प्लानिंग है कि इस वक्त लॉकडाउन है, लिहाजा हाईवे पर बहुत ही कम ट्रैफिक है, इसलिए बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर के बीच हाईवे पर आबादी वाले हिस्सों में जल्द से जल्द अधूरे ओवरब्रिज-फ्लाईओवर के साथ ही ड्रेन के निर्माण को पूरा करा लिया जाए।
विज्ञापन
इस हाईवे पर बरेली से सीतापुर के बीच करीब 157 किलोमीटर हिस्से में अधूरे फोरलेन का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है, जबकि टूटते-दरकते हाईवे पर हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है। हालांकि एनएचएआई एक फर्म को पिछले साल करीब सात अरब का कांट्रेक्ट दे चुकी है। बताते हैं कि रोजा और फरीदपुर के पास दो हॉटमिक्स प्लांट भी शुरू होने वाले थे लेकिन लॉकडाउन की वजह से काम शुरू नहीं हो सका। अब सरकार ने 15 अप्रैल से निर्माणदायी संस्थाओं को काम शुरू करने की झंडी दे दी है, इसलिए अब एनएचएआई के अधिकारियों ने फोरलेन के अधूरे काम शुरू कराने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में मंगलवार को पीडी अमित प्रकाश ने शाहजहांपुर में डीएम से मुलाकात कर काम शुरू कराने की अनुमति मांगी। एनएचएआई अफसरों की प्लानिंग है कि इस वक्त लॉकडाउन है, लिहाजा हाईवे पर बहुत ही कम ट्रैफिक है, इसलिए बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर के बीच हाईवे पर आबादी वाले हिस्सों में जल्द से जल्द अधूरे ओवरब्रिज-फ्लाईओवर के साथ ही ड्रेन के निर्माण को पूरा करा लिया जाए।
विज्ञापन
ठेकेदार के लिए लेबर का इंतजाम करना चुनौती
हाईवे का कांट्रेक्ट लेने वाली फर्म को जल्द काम शुरू कराना है लेकिन ठेकेदार के सामने लेबर की व्यवस्था करने की बड़ी चुनौती है। हालांकि एनएचएआई अफसरों का कहना है कि जब तक श्रमिक नहीं मिल जाते, हाईवे पर गड्ढे भरवाने के काम शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
सेतु निगम भी नहीं शुरू कर पा रहा काम
सेतु निगम को भी 15 अप्रैल से काम प्रारंभ करने थे लेकिन सेतु निगम की शहर की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। चूंकि लॉकडाउन में सड़कों पर सन्नाटा है। ऐसे में काम को तेजी से कराया जा सकता है लेकिन लेबर न होने की बात कहकर अधिकारियों ने काम शुरू नहीं कराया है। डीपीएम वीके सेन का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में फिलहाल काम शुरू करा दिया गया है।सीतापुर फोरलेन का अभी आबादी वाले हिस्से में काम शुरू होगा। इसके लिए पीडी और ठेकेदार दोनों को निर्देश दे दिए गए हैं। - अब्दुल वासित, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई