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Bareilly Ring Road: भूमि अधिग्रहण में देरी, गोल-गोल घूम रही बरेली की रिंग रोड परियोजना

Wed, 22 Jan 2025 11:18 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Wed, 22 Jan 2025 11:18 AM IST
सार

बरेली रिंग रोड का निर्माण शुरू होने में देरी हो सकती है। तय किए गए प्रतिकर में साल्वेज वैल्यू की कटौती से अधिग्रहण अटक गया है।

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Construction of ring road stuck due to delay in land acquisition in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

भूमि अधिग्रहण में देरी से बरेली रिंग रोड का निर्माण शुरू होने में देरी हो सकती है। तय किए गए प्रतिकर में साल्वेज वैल्यू की कटौती से अधिग्रहण अटक गया है। किसानों को मुआवजा मिलने में देरी हो रही है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बीच पत्राचार चल रहा है। कटौती के मुद्दे के समाधान में जितनी देरी होगी, मुआवजे के लिए भू स्वामियों को उतना ही इंतजार करना पड़ेगा। वहीं, 80 प्रतिशत भू अधिग्रहण नहीं हुआ तो रिंग रोड का निर्माण शुरू होने में भी देरी हो सकती है।

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विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 15 जनवरी को 2,117 करोड़ रुपये लागत की परियोजना को मंजूरी दी थी। टेंडर भी निकल गए। एनएचएआई के अधिकारी मार्च तक टेंडर फाइनल करवाकर अक्तूबर से काम शुरू कराने की कवायद कर रहे थे। अब साल्वेज वैल्यू में तीस फीसदी की कटौती के कारण अधिग्रहण की प्रक्रिया फंस गई। एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय ने साल्वेज वैल्यू में 30 प्रतिशत कटौती के लिए एसएलएओ को पत्र भेजा है। 
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एसएलएओ इससे सहमत नहीं है। उन्होंने साल्वेज वैल्यू की कटौती के प्रस्ताव को एनएच एक्ट 1956 और वर्ष 2013 के भूमि अर्जन अधिनियम-3 के विपरीत बताया है। अगर कटौती की जाती है तो प्रतिकर वितरण में देरी हो सकती है। ऐसे में सक्षम प्राधिकारी द्वारा घोषित अभिनिर्णय के अनुसार ही वित्तीय स्वीकृति दी जाए। इस मामले में अब एनएचएआई को फैसला लेना है। इसलिए काम अटकता दिख रहा है। अगर कुल जमीन के 80 फीसदी पर कब्जा नहीं मिलता है तो एनएचएआई काम शुरू नहीं करा सकेगा।

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झुमका चौराहे से इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी तक रिंग रोड का निर्माण होना है। इसकी कुल लंबाई 29.92 किलोमीटर होगी। इस पर 2,117 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। भूमि अधिग्रहण पर 863 करोड़ खर्च होने हैं, लेकिन अभी तक पांच करोड़ रुपये भी वितरित नहीं हुए हैं।
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