{"_id":"674e23b38fe88df5b80ab114","slug":"confusion-continues-regarding-the-head-of-parshurampur-bareilly-news-c-182-1-sbly1021-103502-2024-12-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: परशुरामपुर के प्रधान को लेकर असमंजस बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: परशुरामपुर के प्रधान को लेकर असमंजस बरकरार
विज्ञापन
शिकायत मिलने पर डीएम ने सीडीओ को दिए जांच के आदेश
नवाबगंज। ब्लाॅक भदपुरा की ग्राम पंचायत परशुरामपुर गांव के ग्राम प्रधान रफीक या शफीक का मामला डीएम के दरबार में पहुंच गया है। इस मामले को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीडीओ को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
तहसील नवाबगंज के ब्लाक भदपुरा की ग्राम पंचायत परशुरामपुर के मो यूसुफ, गालिब हुसैन, नसरुद्दीन, अहमद अली, मुमताज अहमद, गब्बर और गुलफाम ने डीएम को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की सूची में प्रधान रफीक का नाम नहीं है, जबकि वह बैंक में खाता संचालित कर गांव की प्रधानी कर रहे हैं। रफीक ने ब्लॉक और जिले स्तर पर अपना नाम दर्ज करा लिया है।
इस मामले की गंभीरता पर एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय ने सीडीओ और डीपीआरओ को पत्र लिखकर जांच के बाद कार्रवाई करने को लिख चुके हैं। इस मामले में डीएम ने भूमि संरक्षण अधिकारी संजय कुमार सिंह और राज्य निर्माण निगम अभियंता संजय कुमार को जांच सौंपी तो दोनों अधिकारी जांच पड़ताल करने पहुंचे। जांच टीम के पहुंचने पर खुद को गांव का प्रधान बताने वाले रफीक अहमद और सचिव राजू सिंह से जांच टीम ने जानकारी जुटाई। रफीक ने कुछ अभिलेख प्रस्तुत करते हुए खुद को प्रधान बताया। इस मामले में एसडीएम ने भी पूर्व में बीडीओ को जांच करने के लिए कहा था। इसमें प्रधान पद को लेकर संशय बरकरार रहा।
विज्ञापन
सोमवार को गांव के यूसुफ अंसारी ने डीएम को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि गांव के प्रधान सफीक है। उनका नाम चुनाव निर्वाचन आयोग की सूची अंकित पर है। यूसुफ ने आरोप लगाया कि रफीक का नाम ब्लाॅक और जिला स्तर पर दर्ज कैसे हो गया। संवाद
विज्ञापन
नवाबगंज। ब्लाॅक भदपुरा की ग्राम पंचायत परशुरामपुर गांव के ग्राम प्रधान रफीक या शफीक का मामला डीएम के दरबार में पहुंच गया है। इस मामले को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीडीओ को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
तहसील नवाबगंज के ब्लाक भदपुरा की ग्राम पंचायत परशुरामपुर के मो यूसुफ, गालिब हुसैन, नसरुद्दीन, अहमद अली, मुमताज अहमद, गब्बर और गुलफाम ने डीएम को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की सूची में प्रधान रफीक का नाम नहीं है, जबकि वह बैंक में खाता संचालित कर गांव की प्रधानी कर रहे हैं। रफीक ने ब्लॉक और जिले स्तर पर अपना नाम दर्ज करा लिया है।
विज्ञापन
इस मामले की गंभीरता पर एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय ने सीडीओ और डीपीआरओ को पत्र लिखकर जांच के बाद कार्रवाई करने को लिख चुके हैं। इस मामले में डीएम ने भूमि संरक्षण अधिकारी संजय कुमार सिंह और राज्य निर्माण निगम अभियंता संजय कुमार को जांच सौंपी तो दोनों अधिकारी जांच पड़ताल करने पहुंचे। जांच टीम के पहुंचने पर खुद को गांव का प्रधान बताने वाले रफीक अहमद और सचिव राजू सिंह से जांच टीम ने जानकारी जुटाई। रफीक ने कुछ अभिलेख प्रस्तुत करते हुए खुद को प्रधान बताया। इस मामले में एसडीएम ने भी पूर्व में बीडीओ को जांच करने के लिए कहा था। इसमें प्रधान पद को लेकर संशय बरकरार रहा।
विज्ञापन
सोमवार को गांव के यूसुफ अंसारी ने डीएम को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि गांव के प्रधान सफीक है। उनका नाम चुनाव निर्वाचन आयोग की सूची अंकित पर है। यूसुफ ने आरोप लगाया कि रफीक का नाम ब्लाॅक और जिला स्तर पर दर्ज कैसे हो गया। संवाद