फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Cold havoc: Nainital-like conditions in Bareilly, 40-year record breaks as mercury drops one degree

ठंड का कहर : बरेली में नैनीताल जैसे बने हालात, पारा एक डिग्री लुढ़कते ही टूट गया 40 साल का रिकॉर्ड

Tue, 24 Nov 2020 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 24 Nov 2020 12:42 AM IST
विज्ञापन
Cold havoc: Nainital-like conditions in Bareilly, 40-year record breaks as mercury drops one degree
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo photo

नवंबर में पहली बार 6.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज
विज्ञापन

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पहाड़ों की बर्फबारी से कांप रहा मैदान

बरेली। आखिरकार सोमवार को न्यूनतम तापमान बीते 40 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए 6.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पहली बार नवंबर में इस हद की ठंड पड़ी है। गुजरे 40 सालों में न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री ही दर्ज हुआ था। उन्होंने फिलहाल हवाओं के स्थिर रहने से तापमान में और गिरावट की आशंका जताई है। दो दिन बाद हल्के बादल मंडराने के भी आसार जताए हैं।
करीब सात दिनों से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी है। इसने सोमवार को पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए बरेली में ठंड का नया कीर्तिमान बनाया। ठंड इस कदर है कि बरेली के तापमान और नैनीताल के न्यूनतम तापमान में महज 0.4 डिग्री सेल्सियस का ही अंतर है। अगर तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस और लुढ़का तो बरेली में नैनीताल जैसी ठंड का सामना लोगों को करना होगा। आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक, किसी तरह के समुद्री चक्रवात का असर नहीं बल्कि पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंड का कहर शुरू हुआ है। पश्चिम उत्तर दिशा से चल रही हवाएं अपने साथ पर्वतों की सर्द हवाएं लेकर आ रही हैं। वहीं, हल्के बादलों के मंडराने की वजह से सूरज की चटख धूप भी बेअसर साबित हो रही है।
विज्ञापन

गुनगुना पानी पिएं, सुबह और शाम घर में रहें

चिकित्सक लोगों से बेहद सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। लापरवाही सेहत के लिए घातक साबित हो सकती है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के मुताबिक सुबह और शाम बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। दोपहर में भी पूरी आस्तीन की शर्ट और पैंट पहनें। गुनगुना पानी पिएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिन और रात की नमी में 30 फीसदी अंतर

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बीते दिनों नमी में दस फीसदी तक का ही अंतर दर्ज हो रहा था, जो कि 70 से 80 के बीच रहा। वहीं, रविवार देर रात नमी 95 फीसदी दर्ज हुई है, जबकि दिन में 65 फीसदी रिकॉर्ड हुई थी। उन्होंने पहाड़ों की हवा और मंडरा रहे बादलों के असर से हवाओं में नमी का प्रतिशत बढ़ने की आशंका जताई है। सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 23.1 और न्यूनतम 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है।

वर्ष 1981 के बाद पड़ी कड़ाके की ठंड

आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक इंडियन मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट की वेबसाइट से सिर्फ साल 1981 तक का ही डाटा मिल सका है। जिसके मुताबिक 23 नवंबर 2020 में दर्ज हुआ न्यूनतम पारा वर्ष 1981 के बाद पहली बार दर्ज हुआ है, जो कि एक नया रिकॉर्ड है। अभी नवंबर गुजरने में सात दिन और बाकी हैं। ऐसे में अगर न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज हुई तो नैनीताल की ठंड का रिकॉर्ड भी टूटेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed