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मृत बच्चे को भी बना दिया मोहरा
बरेली
Updated Wed, 04 Feb 2015 01:03 AM IST
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बारादरी इलाके के संजयनगर निवासी हिस्ट्रीशीटर विजय उर्फ छोटी की पत्नी मनीषा ने 29 जनवरी को मोहल्ले के ही धर्मेंद्र और संजीव पर शाहदाना चौराहे पर गोद से अपने डेढ़ माह के बच्चे को छीनकर अगवा कर ले जाने का आरोप लगाया है। बारादरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की। इंस्पेक्टर बारादरी मुहम्मद कासिम ने बताया कि मालूम हुआ कि 16 जुलाई 2013 को विजय ने रिश्तेदार धर्मेंद्र पर जानलेवा हमला किया था। इस मामले में विजय का भाई अनिल गूजर तो जेल चला गया, लेकिन विजय दिल्ली भाग गया। 27 जनवरी को विजय और उसकी पत्नी मनीषा शाहजहांपुर शहर के छोटा ककरा कलां निवासी अपने चाचा भोगपाल गूजर के घर गए थे। यहां रात में उसके डेढ़ माह के बच्चे की मौत हो गई। उसको शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भी ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। विजय ने गर्रा नदी किनारे बच्चे को दफन किया और पत्नी को बरेली भेजकर प्रतिद्वंद्वी धर्मेंद्र और संजीव पर बच्चे के अपहरण का आरोप लगा दिया। छानबीन में इस बात की पुष्टि हो गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि विजय ने मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के लिए धर्मेंद्र पर झूठा आरोप लगाया। सोमवार को वह धर्मेंद्र के घर तमंचा लेकर धमकाने भी पहुंच गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से तमंचा और पांच जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए गए हैं।
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पैसे में बहुत दम है कुछ दिन में ही छूट आऊंगा
बारादरी थाने की हवालात में बंद हिस्ट्रीशीटर कह रहा था कि पैसे में बहुत दम होता है साहब। जैसे मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए, वैसे ही मैं भी पैसे के बल पर कुछ ही दिनों में जेल से छूट आऊंगा। उसका कहना था कि वह तमंचा अपनी जान की हिफाजत के लिए अपने पास रखता था। वह धर्मेंद्र के घर बच्चे के बारे में पूछने गया था और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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पैसे में बहुत दम है कुछ दिन में ही छूट आऊंगा
बारादरी थाने की हवालात में बंद हिस्ट्रीशीटर कह रहा था कि पैसे में बहुत दम होता है साहब। जैसे मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए, वैसे ही मैं भी पैसे के बल पर कुछ ही दिनों में जेल से छूट आऊंगा। उसका कहना था कि वह तमंचा अपनी जान की हिफाजत के लिए अपने पास रखता था। वह धर्मेंद्र के घर बच्चे के बारे में पूछने गया था और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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