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Bareilly News: जनवरी 2027 तक रोडवेज के इज्जतनगर बस अड्डे से बसों के संचालन का दावा
Tue, 15 Sep 2026 12:58 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:58 AM IST
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बरेली। रोडवेज के इज्जतनगर बस अड्डे के हैंडओवर की मियाद को अब पांचवीं बार दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। अधिकारी एक बार फिर से जनवरी 2027 में यहां से बसों के संचालन का दावा कर रहे हैं।
इज्जतनगर में केंद्रीय कारागार की 2.285 हेक्टेयर भूमि पर 16.72 करोड़ की लागत से वर्ष 2021 में बस अड्डे का निर्माण शुरू हुआ था। पिछले साल सितंबर में 6.99 करोड़ रुपये मिलने के बाद काम ने तेजी पकड़ी। अधिकारियों ने दिसंबर तक काम पूरा करवाकर मार्च 2026 में यहां से बसों का संचालन शुरू करने का दावा किया, लेकिन काम समय से पूरा ही नहीं हो सका। आखिर हैंडओवर की मियाद को बढ़ाना पड़ा। इतना ही नहीं निर्माण लागत भी बढ़ गई। अधिकारियों ने दिसंबर 2025 में बस अड्डे से दिल्ली, देहरादून, पीलीभीत, टनकपुर आदि रूटों की बसों को इज्जतनगर बस अड्डे पर शिफ्ट करने का दावा किया, लेकिन काम पूरा ही नहीं हो सका।
इस बीच वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार ने काम समय से पूरा कराने के लिए परिवहन निगम मुख्यालय के साथ-साथ यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट काॅरपोरेशन (यूपी सिडको) को भी लिखा। इसके बाद जून इस बीच निर्माणाधीन बस अड्डे की दीवारें भी दो बार ढह गईं। अब बस अड्डे की हैंडओवर की मियाद को एक बार फिर से बढ़ा दिया गया है।
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शहर की सड़कों पर घटेगा दबाव, ऑटो, ई-रिक्शा का दायरा भी बढ़ेगा
पुराना रोडवेज और सेटेलाइट बस अड्डा से संचालित होने वाली दिल्ली, मुरादाबाद, रामपुर, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, पीलीभीत, टनकपुर, लखनऊ रूटों की बसों को इज्जतनगर बस अड्डा पर शिफ्ट किया जाना है। इससे शहर की सड़कों पर रोडवेज बसों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इसके अलावा जो ऑटो, ई-रिक्शा सेटेलाइट बस अड्डे से पुराना रोडवेज और जंक्शन तक दौड़ते हैं उनका दायरा बढ़कर इज्जतननगर मिनी बाइपास तक हो जाएगा। इससे सड़कों पर ऑटो, ई-रिक्शा का दबाव कम होने से जाम की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी।
वर्जन-
बस अड्डा पर कुछ काम शेष हैं। कार्यदायी संस्था को जल्द काम पूरा करने के संबंध में लिखा गया है। इस संबंध में रिपोर्ट मुख्यालय भी भेजी गई है। दिसंबर 2026 तक काम पूरा होने के बाद बस अड्डा हैंडओवर होने के बाद बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। - मोहम्मद अजीम, क्षेत्रीय प्रबंधक
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इज्जतनगर में केंद्रीय कारागार की 2.285 हेक्टेयर भूमि पर 16.72 करोड़ की लागत से वर्ष 2021 में बस अड्डे का निर्माण शुरू हुआ था। पिछले साल सितंबर में 6.99 करोड़ रुपये मिलने के बाद काम ने तेजी पकड़ी। अधिकारियों ने दिसंबर तक काम पूरा करवाकर मार्च 2026 में यहां से बसों का संचालन शुरू करने का दावा किया, लेकिन काम समय से पूरा ही नहीं हो सका। आखिर हैंडओवर की मियाद को बढ़ाना पड़ा। इतना ही नहीं निर्माण लागत भी बढ़ गई। अधिकारियों ने दिसंबर 2025 में बस अड्डे से दिल्ली, देहरादून, पीलीभीत, टनकपुर आदि रूटों की बसों को इज्जतनगर बस अड्डे पर शिफ्ट करने का दावा किया, लेकिन काम पूरा ही नहीं हो सका।
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इस बीच वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार ने काम समय से पूरा कराने के लिए परिवहन निगम मुख्यालय के साथ-साथ यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट काॅरपोरेशन (यूपी सिडको) को भी लिखा। इसके बाद जून इस बीच निर्माणाधीन बस अड्डे की दीवारें भी दो बार ढह गईं। अब बस अड्डे की हैंडओवर की मियाद को एक बार फिर से बढ़ा दिया गया है।
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शहर की सड़कों पर घटेगा दबाव, ऑटो, ई-रिक्शा का दायरा भी बढ़ेगा
पुराना रोडवेज और सेटेलाइट बस अड्डा से संचालित होने वाली दिल्ली, मुरादाबाद, रामपुर, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, पीलीभीत, टनकपुर, लखनऊ रूटों की बसों को इज्जतनगर बस अड्डा पर शिफ्ट किया जाना है। इससे शहर की सड़कों पर रोडवेज बसों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इसके अलावा जो ऑटो, ई-रिक्शा सेटेलाइट बस अड्डे से पुराना रोडवेज और जंक्शन तक दौड़ते हैं उनका दायरा बढ़कर इज्जतननगर मिनी बाइपास तक हो जाएगा। इससे सड़कों पर ऑटो, ई-रिक्शा का दबाव कम होने से जाम की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी।
वर्जन-
बस अड्डा पर कुछ काम शेष हैं। कार्यदायी संस्था को जल्द काम पूरा करने के संबंध में लिखा गया है। इस संबंध में रिपोर्ट मुख्यालय भी भेजी गई है। दिसंबर 2026 तक काम पूरा होने के बाद बस अड्डा हैंडओवर होने के बाद बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। - मोहम्मद अजीम, क्षेत्रीय प्रबंधक