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खतौनी कांड: शासन ने फिर खुलवाई अरबों के जमीन घोटाले की फाइल

Sun, 20 Oct 2019 02:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2019 02:51 AM IST
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Civic Amenities,fraud
बरेली। खतौनियों को खुरचकर अरबों की जमीन हड़पने के मामले में आरोपियों पर कोई कार्रवाई न किए जाने की शिकायत मिलने के बाद इस घोटाले की फाइल शासन ने फिर खुलवा दी है। शासन के उप सचिव गिरीश चंद्र ने डीएम को विभागीय जांच कराकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी में सैकड़ों बीघा जमीन के रिकॉर्ड में जालसाजी करने के मामले में नवाबगंज में तैनात रहे एसडीएम अरुणमणि तिवारी ने सात लोगों के खिलाफ 13 अक्तूबर 2017 को कोतवाली बरेली में मुकदमा दर्ज कराया था। इनमें वाहिद बेग, ताहिर बेग, फैयाज बेग, मोहम्मद बेग और आसिफ बेग शामिल थे जो फतेहगंज पूर्वी के निवासी थे। भूमाफिया के साथ मिलकर खतौनियों में हेराफेरी करने वाले बाबुओं में राजेंद्रनगर निवासी विनोद कुमार सक्सेना और सुभाषनगर में बालाजी मंदिर के पीछे रहने वाली शैली जौहरी सेवानिवृत्त हो चुके हैं जबकि ऊषा जयंत नवाबगंज तहसील में अब भी तैनात हैं। रिकॉर्ड रूम का रखरखाव कर्मचारी ममता सक्सेना की देखरेख में होता था जिनकी अब मौत हो चुकी है। उनके खिलाफ जांच हो चुकी है और उसमें वह निर्दोष साबित हुई थीं। इसी साल एक जुलाई को फतेहगंज पूर्वी के एक व्यक्ति ने शासन को शिकायत भेजी कि इस जमीन घोटाले में खतौनियों में व्हाइटनर लगाकर राजस्व रिकार्डों में गड़बड़ी हुई थी। अभिलेख में कई जगहों पर ब्लेड से खुरचकर उनकी जगह पर फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराए थे। शिकायतकर्ता ने शासन को बताया है कि अशुद्घ किए गए इन रिकार्डों को अब तक ठीक नहीं किया गया है। इसके अलावा दोषी बाबुओं पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शासन के 16 अक्तूबर के आदेश के बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को इस घोटाले की जांच करके रिपोर्ट देनी है।
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इस तरह पकड़ी गई यह जालसाजी तब पकड़ में आई जब एक जमींदार मुख्त्यार अली जिन्होंने अपनी जमीन बहादुर अली खां और कटरा के विधायक के बाबा सुरेंद्र पाल सिंह को बैनामा कर दी थी। उस जमीन की मिल्कियत से मुख्त्यार अली का नाम हटाकर माफिया ने अपने लोगों के नाम दर्ज करा दिए और फिर न्यायालय मेें यह आरोप लगाते हुए मुकदमा भी दायर कर दिया कि जब खतौनियों में जमीन मुख्तार अली आदि लोगों के नाम ही दर्ज नहीं है तो उन्होंने इस जमीन को दूसरे लोगों को कैसे बेच दिया। इसको लेकर शिकायतें हुई तो छानबीन में जमीन घोटाले की परत दर परत खुलने लगीं।
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इस संबंध में शासन से जो भी निर्देश मिले हैं, उनका शीघ्र अनुपालन कराते हुए रिपोर्ट भेजी जाएगी। -वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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