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धुंध की तरह छंट गई खुराफात, दिन बदला और फिर अमन का आफताब

Sun, 22 Dec 2019 06:45 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 22 Dec 2019 06:45 PM IST
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Civic Amenities
बरेली। नागरिकता कानून के खिलाफ बरेली में हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसा की आग में झुलस रहे पूरे देश के लिए मिसाल बन गया। टेलिविजन पर आ रही खबरों से पैदा हुए तनाव और अफवाहों से शहर पर पिछले कुछ दिन जरूर कुछ भारी गुजरे लेकिन शनिवार का सूरज निकला तो सबकुछ सामान्य हो चुका था। शहर के प्रमुख बाजारों में पहले की तरह चहल-पहल दिखाई दी तो मुस्लिम बहुल इलाकों की रौनक भी बहाल हो गई। पुराना शहर के सबसे ज्यादा चहल-पहल वाले इलाके सैलानी में महिलाएं-बच्चे आम दिनों की तरह सड़कों दिखाई दिए तो साफ हो गया कि शहर पटरी पर लौट आया है।
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अमर उजाला की टीम शनिवार को शहर का जायजा लेने निकली तो हर इलाका पहले की तरह गुलजार दिखा। बाजारों में अच्छी-खासी चहल-पहल थी और मोहल्लों में भी लोग हमेशा की तरह चर्चा में मशगूल थे। कुछ चौराहों और इलाकों में पुलिस फोर्स जरूर तैनात दिखी लेकिन पुलिस वाले भी बेफिक्र दिखे। शुक्रवार को जिस पटेल चौक पर सन्नाटा था, वहां शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे माहौल पूरी तरह बदला हुआ था। बेतहाशा भीड़भाड़ के बीच चौराहे पर बेतरतीब टेंपो, ई रिक्शा ने जाम लगा रखा था। चौकी पर पुलिस तैनात थी लेकिन तनाव से मुक्त और जाम से बेपरवाह। दो बजे के करीब जिला अस्पताल रोड पर भी अवैध बाजार में खरीददारों की भीड़ उमड़ी हुई थी। बची जगह में ई रिक्शा और टेंपो का कब्जा था। यहां तैनात इकलौता होमगार्ड ट्रैफिक संभालने की नाकाम कोशिश कर रहा था।
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दोपहर सवा दो बजे बड़ा बाजार और कुतबखाना मार्केट आम दिनों से भी ज्यादा गुलजार दिखा। अच्छी-खासी तादाद में महिलाएं खरीददारी करती दिखीं। दुकानों के अंदर भीड़ थी तो बाहर लोगों ने बाइक लगाकर रास्ता कब्जा रखा था। आड़े तिरछे खड़े रिक्शे यहां भी जाम की वजह बने हुए थे। कुतुबखाना को ट्रैफिक लाइट सिस्टम से कंट्रोल किया जा रहा था और यहां ज्यादा जाम की स्थिति नहीं थी। ढाई बजे के करीब घंटाघर पर आम दिनों के मुकाबले ज्यादा पुलिस तैनात थी। महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। हालांकि माहौल सामान्य होने की वजह से पुलिस वाले बेफिक्री से टाइम पास कर रहे थे।
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सैलानी की गवाही.. शहर में अब अमन का माहौल
शहर और बाजार का माहौल अब पुरअमन है। जिंदगी पटरी पर है और लोग पहले की तरह बाहर निकले हुए हैं। अवाम ने समझदारी से काम लिया और पुलिस प्रशासन की भूमिका भी अच्छी रही। - हाजी मोहम्मद हनीफ, दुकानदार
आज बाजार की हालत आम दिनों से काफी बेहतर है। खुशी की बात है कि बरेली का अमन बरकरार है। पुलिस प्रशासन तारीफ का हकदार है कि उसने बहुत सूझबूझ से पूरे प्रदर्शन को शांति से निपटवा दिया। - जाहिद अली, गिफ्ट शॉप मालिक
अब सब नॉर्मल है। बाजार अपनी रौ में है। महिलाएं-बच्चे भी अब बाजारों में दिख रहे हैं। असल में बरेली शहर का मूड कभी दंगे फसाद का रहा ही नहीं है, इसीलिए इस दौर में भी बरेली शांत भी रहा। - नजमी जान, बेकरी मालिक

अवाम और पुलिस प्रशासन के तालमेल से सब शांति से निपट गया। अब बाजार नॉर्मल है। ग्राहक भी घर से बेफिक्र हो कर निकल रहे हैं। बाजार में पूरी रौनक दिख रही है। कहीं कोई डर की स्थिति नहीं है। - नासिर हुसैन, स्वीट शॉप मालिक
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