बरेली। दो दिन छुट्टी के बाद खुले सरकारी दफ्तरों और बैंकों में ज्यादातर स्टाफ नदारद रहा। मंगलवार को फिर छुट्टी है, इसलिए जीएसटी, उद्योग, बिजली, मंडी परिषद, सिंचाईं समेत कई विभागों के कार्यालयों में सोमवार को भी सन्नाटा बना रहा। वाणिज्य कर विभाग के कार्यालयों में तो एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। शनिवार और रविवार अवकाश के बाद सोमवार को नियमित तौर पर कार्यालय खुले, लेकिन स्टाफ की कमी बनी रही। कैंट स्थित वाणिज्य कर जोनल कमिश्नर कार्यालय का नजारा ही कुछ अलग था। वहां दोपहर 12 बजे कार्यालयों से ज्यादातर कर्मचारी नदारद हो गए। इससे खुद जोनल कमिश्नर एमएन वर्मा प्रभावित दिखे। कार्यालय में बैठे वर्मा लगातार कॉलबेल बजा रहे थे, लेकिन स्टाफ नहीं आया। अफसर भी कार्यालयों में नहीं बैठे। एडिशनल कमिश्नर कार्यालय परिसर में भी यही स्थिति थी, खुद आरके पांडे के कक्ष पर ताला पड़ा हुआ। विकास भवन स्थित कृषि, समाज कल्याण, आरईएस, डीडीओ, डीपीआर आदि कार्यालयों में भी ज्यादातर स्टाफ नदारद दिखा। जिला पंचायत कार्यालय में सबसे ज्यादा मनमानी दिखी जबकि नगर निगम में चहल पहल रही। बिजली कार्यालयों में स्टाफ कमी से बिल जमा होने में समस्या रही। बैंकों में पटल से गायब रहा स्टाफ दो दिन बाद बैंक खुलीं तो ग्राहक की भीड़ भी ज्यादा रही, क्योंकि मंगलवार को फिर अवकाश है। सोमवार को स्टेट बैंक मेन ब्रांच में स्टाफ कमी सबसे ज्यादा रही। यही स्थित बड़ौदा, यूको, विजया, पीएनबी, केनरा बैंक प्रेमनगर, राजेंद्रनगर शाखा में बनी रही। विभिन्न पटलों पर स्टाफ कम होने से खातेदारों को लेनदेन में परेशानी रही।