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प्रशासन के अफसरों ने भी नहीं ली ज्यादा टेंशन, पहले की तरह घिसट रहीं विकास परियोजनाएं
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बरेली। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शहरवासियों को दिक्कतों से बचाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों को सेतु निगम के अटके प्रोजेक्ट की रिपोर्ट देने और काम की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए थे। अफसरों ने फिर भी ज्यादा टेंशन नहीं लिया, नतीजा यह है कि ये सभी प्रोजेक्ट जैसे की तैसी हालत में पड़े हुए हैं। सेटेलाइट पुल की डिजाइन बदलने का मामला सामने आने पर वह यह कह गए थे कि ये सारे काम सरकारी धन की लूट के लिए होते हैं लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने सेतु निगम को डिजाइन बदलने के लिए चिट्ठी भेज दी।
समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री के सामने यह मामला उठा था कि आईवीआरआई, लालफाटक, चौपुला, सेटेलाइट पुल समेत सेतु निगम के ज्यादातर प्रोजेक्ट बगैर योजना बनाए शुरू कर दिए गए। उन्हें पूरा करने में लगातार कोई न कोई अड़ंगा लग रहा है। चौपुला पर अंडरग्राउंड गैस लाइन और सीवर लाइन आने से पिलर नहीं बन पा रहे हैं। ट्रैफिक की दिक्कत का समाधान भी नहीं हो पा रहा। आईवीआरआई और लालफाटक ओवरब्रिज का काम रेलवे की लापरवाही से रुका पड़ा है। प्रभारी मंत्री ने अफसरों को आपस में तालमेल बनाकर इन परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को कहा था लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई पहल नहीं की। सेतु निगम, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, जल निगम आदि विभागों के साथ एक बैठक तक नहीं हो पाई। पुलों के प्रोजेक्ट पुरानी रफ्तार से घिसट रहे हैं।
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समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री के सामने यह मामला उठा था कि आईवीआरआई, लालफाटक, चौपुला, सेटेलाइट पुल समेत सेतु निगम के ज्यादातर प्रोजेक्ट बगैर योजना बनाए शुरू कर दिए गए। उन्हें पूरा करने में लगातार कोई न कोई अड़ंगा लग रहा है। चौपुला पर अंडरग्राउंड गैस लाइन और सीवर लाइन आने से पिलर नहीं बन पा रहे हैं। ट्रैफिक की दिक्कत का समाधान भी नहीं हो पा रहा। आईवीआरआई और लालफाटक ओवरब्रिज का काम रेलवे की लापरवाही से रुका पड़ा है। प्रभारी मंत्री ने अफसरों को आपस में तालमेल बनाकर इन परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को कहा था लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई पहल नहीं की। सेतु निगम, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, जल निगम आदि विभागों के साथ एक बैठक तक नहीं हो पाई। पुलों के प्रोजेक्ट पुरानी रफ्तार से घिसट रहे हैं।
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