फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Civic Amenities

लिफ्ट गिरने की वजह ज्यादा वजन नहीं, मेंटिनेंस न होना था

Wed, 25 Sep 2019 02:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 02:28 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
बरेली। करीब महीने भर पहले महिला अस्पताल में लिफ्ट टूटने की घटना की तकनीकी जांच रिपोर्ट ने अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर की है। रिपोर्ट के मुताबिक लिफ्ट टूटने की वजह उसमें क्षमता से ज्यादा वजन उठाना नहीं था बल्कि काफी समय से मेंटिनेंस न होने की वजह से लिफ्ट टूटी थी। तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के लिए बदायूं के स्वास्थ्य कर्मियों को जिम्मेदार बता रहे अफसर अब खुद इस मामले में घिरने लगे हैं। गर्दन बचाने के लिए अब तर्क दिया जा रहा है कि लिफ्ट में कितने लोग मौजूद थे, यह नहीं गिना जा सका था।
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल में लिफ्ट गिरने बड़ा हादसा होने से बचा था। हादसे के बाद महिला अस्पताल के अफसरों ने इसके लिए बदायूं से प्रशिक्षण लेने आए 19 स्वास्थ्य कर्मियों को जिम्मेदार बताया था। कहा गया था कि लिफ्ट की क्षमता सिर्फ पांच लोगों को ले जाने की थी लेकिन इसके बावजूद इसमें सभी 19 लोग एक साथ घुस गए थे। क्षमता से चार गुना वजन होने से लिफ्ट टूट गई। 11 सितंबर को इस हादसे की जांच के लिए लखनऊ से टेक्निकल टीम बुलाई गई थी। अब इस टीम जांच रिपोर्ट ने अस्पताल प्रशासन पर ही कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन

और बड़ा हो सकता था हादसा
जांच रिपोर्ट के मुताबिक लिफ्ट में एक साथ 26 लोगों को ले जाने की क्षमता है जबकि इसमें 20 लोग ही सवार थे। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि लिफ्ट का अप लिमिट सेफ्टी और डाउन लिमिट सेफ्टी उपकरण खराब थे। डोर का ड्राइव सेट भी काम नहीं कर रहा था। इसी कारण एलिवेटर पूरी तरह काम नहीं कर सका और क्षमता से कम वजन होने के बाद भी चार फुट ऊंचाई तक जाकर लिफ्ट टूटकर गिर पड़ी। हादसा और बड़ा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लिफ्ट में लगे लिफ्टिंग वायर, सेफ्टी अलार्म और ब्रेकिंग सिस्टम सही थे लेकिन मेंटिनेंस न होने की वजह से इन उपकरणों ने काम नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब सीएमएस बोलीं- गिन ही नहीं पाए कि लिफ्ट में कितने लोग थे
टेक्निकल जांच रिपोर्ट सामने आते ही अस्पताल प्रशासन अपने दावे से मुकर गया। पहले अस्पताल प्रशासन ने ज्यादा वजन को लिफ्ट के टूटने की वजह बताया था मगर अब यह जानकारी होने से इनकार कर रहा है कि लिफ्ट में कितने आदमी मौजूद थे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लिफ्ट गिरने के बाद दरवाजा टूटा तो उसमें से लोग तेजी से बाहर निकले, इसलिए उन्हें गिना नहीं जा सका। हालांकि हादसे के बाद लिफ्ट में मौजूद ऑपरेटर ने बताया था लिफ्ट में उसके अलावा बदायूं से प्रशिक्षण पर आए 19 स्वास्थ्यकर्मी चढ़े थे।
अब लिफ्ट ठीक करने को चाहिए एक लाख का बजट
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक लिफ्ट की मरम्मत के लिए अब एक लाख का बजट चाहिए। इसमें डोर ड्राइव सेट व वी3एफ ड्राइव के लिए 34,490 रुपये, डोर सेट के लिए 36,500 रुपये, अप लिमिट सेफ्टी के लिए 15,500 रु पये और डाउन लिमिट सेफ्टी के लिए 15,500 रुपये का खर्च अनुमानित है।


टेक्निकल टीम ने रिपोर्ट दे दी है। मेंटिनेंस में करीब एक लाख रुपये का बजट खर्च होगा जो एडी हेल्थ से मांगा गया है। हम लिफ्ट का मेंटिनेंस कराते हैं। लिफ्ट ज्यादा वजन से ही टूटी है, लिफ्ट में कितने आदमी सवार थे, इसकी गिनती नहीं हो सकी थी। - डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस, महिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed