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अमर उजाला लाइव: गंदे पानी ने नरक बना दी जिंदगी, जिम्मेदारों को कतई फिक्र नहीं
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दुर्गानगर स्थित वार्ड 65 गोल गेट की गली में निकासी न होने से बना गंदे पानी का तालाब
50 से अधिक परिवार रहते हैं गली में, यहां खाली प्लॉट मतलब कूड़े का ढेर और नाली मतलब चोक
बरेली। सोच कर देखिए अगर आप अपने घर का गेट खोलें और सामने की सड़क पर बदबूदार पानी भरा हो तो आप पर क्या बीतेगी। और ऐसा एक दिन नहीं पिछले कई महीनों से हो रहा तो... संजय नगर रोड पर बसे दुर्गा नगर गोल गेट के पास की गली में रहने वाले 50 से अधिक परिवारों की यही कहानी है। मुख्य सड़क का लेबल ऊंचा होने और घरों से निकलने वाले पानी की निकासी मुख्य नाले में न होने से यहां गली खुला नाला बन गई है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का गली से गुजरना दूभर हो गया है। जरूरी काम हो तभी लोग अपनी कारों और दोपहिया वाहन पर बैठते हैं, अगर पैदल निकले तो बदबूदार पानी में छपाक लगनी तय है। करीब छह महीने से कालोनी के लोग सभाषद से लेकर मेयर और नगर आयुक्त तक समस्या के समाधान की गुहार लगा चुके हैं लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने दुर्गानगर गोल गेट का जायजा लिया तो हर जुबां से एक ही बात निकली, यहां जिंदगी नरक बन चुकी है, अब कहें तो किससे कहें।
यूं झलका लोगों का दर्द
पहले गंदा पानी गली के खाली प्लॉटों में जमा हो जाता था। लेकिन अब अधिकांश प्लॉटों में मकान बन गए हैं। मुख्य सड़क का लेवल भी ऊंचा हो गया है, जिससे गली की सड़क नीचे हो गई। निकासी न होने से गंदा पानी गली में भर गया है। सुबह से शाम तक लोग गंदे पानी में चलने और गिरने को मजबूर हैं। - सत्यवीर सिंह, स्थानीय निवासी
गंदे पानी में हर रोज बच्चे गिर रहे हैं। स्कूल जाने को निकलते हैं और गंदे पानी में गिरकर वापस लौट आते हैं। मैं खुद सांस की बीमार हूं। गंदगी से बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। अफसर, नेता साफ- सफाई की बड़ी- बड़ी बातें करते हैं लेकिन जनता की सुनने वाला कोई नहीं है। - लक्ष्मी देवी, बुजुर्ग
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गली के पानी की निकासी न होने से गंदा पानी घरों के अंदर तक आ जाता है। कई महीनों से घर में कैद होकर रह गए हैं। सभाषद से लेकर मेयर तक को गुहार लगा चुके हैं लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। अब विधायक से गुहार लगाने की सोच रहे हैं। - दिनेश शरण अग्रवाल, बुजुर्ग
हम पिछले 20 साल से यहां रह रहे हैं। नाली और जल निकासी न होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लॉटों में जमा होता रहा। अब मुख्य सड़क और नाले के लेबल ऊंचा होने से गंदा पानी गली में जमा हो गया है। घर से निकले तो गंदे पानी से कपड़े गंदे होना तय है। कालोनी के पार्क में कूड़े का ढेर लगा है। - प्रियांशु गुप्ता, छात्र
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50 से अधिक परिवार रहते हैं गली में, यहां खाली प्लॉट मतलब कूड़े का ढेर और नाली मतलब चोक
बरेली। सोच कर देखिए अगर आप अपने घर का गेट खोलें और सामने की सड़क पर बदबूदार पानी भरा हो तो आप पर क्या बीतेगी। और ऐसा एक दिन नहीं पिछले कई महीनों से हो रहा तो... संजय नगर रोड पर बसे दुर्गा नगर गोल गेट के पास की गली में रहने वाले 50 से अधिक परिवारों की यही कहानी है। मुख्य सड़क का लेबल ऊंचा होने और घरों से निकलने वाले पानी की निकासी मुख्य नाले में न होने से यहां गली खुला नाला बन गई है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का गली से गुजरना दूभर हो गया है। जरूरी काम हो तभी लोग अपनी कारों और दोपहिया वाहन पर बैठते हैं, अगर पैदल निकले तो बदबूदार पानी में छपाक लगनी तय है। करीब छह महीने से कालोनी के लोग सभाषद से लेकर मेयर और नगर आयुक्त तक समस्या के समाधान की गुहार लगा चुके हैं लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने दुर्गानगर गोल गेट का जायजा लिया तो हर जुबां से एक ही बात निकली, यहां जिंदगी नरक बन चुकी है, अब कहें तो किससे कहें।
यूं झलका लोगों का दर्द
पहले गंदा पानी गली के खाली प्लॉटों में जमा हो जाता था। लेकिन अब अधिकांश प्लॉटों में मकान बन गए हैं। मुख्य सड़क का लेवल भी ऊंचा हो गया है, जिससे गली की सड़क नीचे हो गई। निकासी न होने से गंदा पानी गली में भर गया है। सुबह से शाम तक लोग गंदे पानी में चलने और गिरने को मजबूर हैं। - सत्यवीर सिंह, स्थानीय निवासी
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गंदे पानी में हर रोज बच्चे गिर रहे हैं। स्कूल जाने को निकलते हैं और गंदे पानी में गिरकर वापस लौट आते हैं। मैं खुद सांस की बीमार हूं। गंदगी से बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। अफसर, नेता साफ- सफाई की बड़ी- बड़ी बातें करते हैं लेकिन जनता की सुनने वाला कोई नहीं है। - लक्ष्मी देवी, बुजुर्ग
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गली के पानी की निकासी न होने से गंदा पानी घरों के अंदर तक आ जाता है। कई महीनों से घर में कैद होकर रह गए हैं। सभाषद से लेकर मेयर तक को गुहार लगा चुके हैं लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। अब विधायक से गुहार लगाने की सोच रहे हैं। - दिनेश शरण अग्रवाल, बुजुर्ग
हम पिछले 20 साल से यहां रह रहे हैं। नाली और जल निकासी न होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लॉटों में जमा होता रहा। अब मुख्य सड़क और नाले के लेबल ऊंचा होने से गंदा पानी गली में जमा हो गया है। घर से निकले तो गंदे पानी से कपड़े गंदे होना तय है। कालोनी के पार्क में कूड़े का ढेर लगा है। - प्रियांशु गुप्ता, छात्र