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जरुरत 160 तरह की दवाइयों की, कॉरपोरेशन भेज रहा 296 तरह की
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बरेली। जिला अस्पताल में करीब 150-160 तरह की दवाइयों की जरुरत है। लेकिन कॉरपोरेशन शासन की सूची में शामिल सभी 296 तरह की दवाइयों को भेज रहा है। हालांकि दवाइयों को बाद में वापस किया जाता है लेकिन उन्हें यहां उतारने और स्टोर करने बाद में पत्र तैयार कर वापस भेजने की प्रक्रिया में कर्मियों का समय खराब हो रहा है और उनकी दिक्कतें बढ़ी हई हैं। इस संबंध में कॉरपोरेशन और शासन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है लेकिन उसके बाद भी सुधार नहीं हो रहा है।
शासन ने 296 दवाइयाें की एक सूची तैयार की है। यह सूची प्रदेश के सभी जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में मौजूद है। डॉक्टरों को निर्देश हैं कि इसी सूची के हिसाब से मरीज को दवाई लिखे जिससे मरीज को बाहर से दवा न लेनी पड़े। हर क्षेत्र के हिसाब से अस्पतालों में प्रयोग होने वाली दवाइयों का डिमांड लेटर कॉरपोरेशन को भेजा जाता है। वहां से दवाई की सप्लाई होती है।
इधर जिला अस्पताल में सूची में लिख्ी दवाइयों में करीब 150-160 ऐसी दवाईयां हैं। जिनका डिमांड लेटर तैयार कर भेजा जाता है। लेकिन उसके बाद भी कॉरपोरेशन बिना डिमांड लेटर के ही सभी 296 तरह की दवाईयों की सप्लाई कर देता है। ऐसे में पश्चिमी क्षेत्र के अस्पतालों की दवाइयां भी यहां आ जाती हैं जिनका कोई उपयोग नहीं है। बाद में उन्हें वापस करने के लिए पत्र तैयार कर एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना होता है। इससे कर्मियों का समय भी खराब होता है।
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हाल में मिजिस्ट्राल इंजेक्शन की सप्लाई अधिक मात्रा में हुई है। यह गर्भपात में प्रयोग होता है। जबकि यहां से इसकी कोई डिमांड नहीं हुई। ऐसे ही बीपी में प्रयोग होेने वाली मैक्सल्स दवाई जिला अस्पताल के डॉक्टर नहीं लिखते हैं लेकिन उनकी सप्लाई भी हो रही है।
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शासन ने 296 दवाइयाें की एक सूची तैयार की है। यह सूची प्रदेश के सभी जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में मौजूद है। डॉक्टरों को निर्देश हैं कि इसी सूची के हिसाब से मरीज को दवाई लिखे जिससे मरीज को बाहर से दवा न लेनी पड़े। हर क्षेत्र के हिसाब से अस्पतालों में प्रयोग होने वाली दवाइयों का डिमांड लेटर कॉरपोरेशन को भेजा जाता है। वहां से दवाई की सप्लाई होती है।
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इधर जिला अस्पताल में सूची में लिख्ी दवाइयों में करीब 150-160 ऐसी दवाईयां हैं। जिनका डिमांड लेटर तैयार कर भेजा जाता है। लेकिन उसके बाद भी कॉरपोरेशन बिना डिमांड लेटर के ही सभी 296 तरह की दवाईयों की सप्लाई कर देता है। ऐसे में पश्चिमी क्षेत्र के अस्पतालों की दवाइयां भी यहां आ जाती हैं जिनका कोई उपयोग नहीं है। बाद में उन्हें वापस करने के लिए पत्र तैयार कर एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना होता है। इससे कर्मियों का समय भी खराब होता है।
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हाल में मिजिस्ट्राल इंजेक्शन की सप्लाई अधिक मात्रा में हुई है। यह गर्भपात में प्रयोग होता है। जबकि यहां से इसकी कोई डिमांड नहीं हुई। ऐसे ही बीपी में प्रयोग होेने वाली मैक्सल्स दवाई जिला अस्पताल के डॉक्टर नहीं लिखते हैं लेकिन उनकी सप्लाई भी हो रही है।