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वीआईपी कोर्ट में चलेगा चिन्मयानंद का मुकदमा
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शाहजहांपुर। चिन्मयानंद के खिलाफ एलएलएम की छात्रा ने लिखाया दुष्कर्म का मुकदमा जिले के वीआईपी कोर्ट में चलेगा। इसकी वजह यह है कि चिन्मयानंद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रह चुके हैं। कानून के जानकारों का कहना है वर्तमान और पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री आदि के खिलाफ मुकदमे वीआईपी कोर्ट में चलते हैं, ताकि मुकदमे को जल्द से जल्द निपटाया जा सके।
चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की जांच पूरी कर एसआईटी छह नवंबर को चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर चुकी। दोनों ही मामलों में मुकदमा नंबर पड़ जाने के बाद छात्रा और उसके दोस्तों संजय, सचिन, विक्रम के मुकदमे की सुनवाई के लिए पहली तारीख 18 नवंबर तय है, जबकि चिन्मयानंद के मुकदमे की तारीख 19 नवंबर तय है। कानून के जानकारों के मुताबिक दोनों ही मामलों की तय तारीख पर पहले दिन आरोपियों को चार्जशीट की नकलें दी जाएंगी। इसके बाद चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मामला सीजेएम कोर्ट से जिला जज के यहां सेशन ट्रायल पर भेजा जाएगा। यहां जिला जज के विवेक पर निर्भर करेगा कि मुकदमा वह अपनी कोर्ट मेें रखेंगे या फिर दूसरे न्यायालय के सुपुर्द करेंगे। यहां सुनवाई के दौरान आरोप तय होंगे और फिर बयान और अलग-अलग तारीखों पर जिरह शुरू होगी। कानून के जानकारों के मुताबिक चिन्मयानंद के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई वीआईपी कोर्ट में चलेगी क्योंकि चिन्मयानंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रह चुके हैं। मुकदमा जल्दी निपटे, इसलिए ऐसा संभव है। वहीं छात्रा और उसके दोस्तों के खिलाफ दर्ज मुकदमा सीजेएम अपनी कोर्ट में भी रख सकते हैं और एसीजेएम कोर्ट में भी स्थानांतरित कर सकते हैं।
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चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की जांच पूरी कर एसआईटी छह नवंबर को चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर चुकी। दोनों ही मामलों में मुकदमा नंबर पड़ जाने के बाद छात्रा और उसके दोस्तों संजय, सचिन, विक्रम के मुकदमे की सुनवाई के लिए पहली तारीख 18 नवंबर तय है, जबकि चिन्मयानंद के मुकदमे की तारीख 19 नवंबर तय है। कानून के जानकारों के मुताबिक दोनों ही मामलों की तय तारीख पर पहले दिन आरोपियों को चार्जशीट की नकलें दी जाएंगी। इसके बाद चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मामला सीजेएम कोर्ट से जिला जज के यहां सेशन ट्रायल पर भेजा जाएगा। यहां जिला जज के विवेक पर निर्भर करेगा कि मुकदमा वह अपनी कोर्ट मेें रखेंगे या फिर दूसरे न्यायालय के सुपुर्द करेंगे। यहां सुनवाई के दौरान आरोप तय होंगे और फिर बयान और अलग-अलग तारीखों पर जिरह शुरू होगी। कानून के जानकारों के मुताबिक चिन्मयानंद के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई वीआईपी कोर्ट में चलेगी क्योंकि चिन्मयानंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रह चुके हैं। मुकदमा जल्दी निपटे, इसलिए ऐसा संभव है। वहीं छात्रा और उसके दोस्तों के खिलाफ दर्ज मुकदमा सीजेएम अपनी कोर्ट में भी रख सकते हैं और एसीजेएम कोर्ट में भी स्थानांतरित कर सकते हैं।
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