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छात्रा के पिता का हंगामा- बेटी को घर से खींचकर ले गई एसआईटी
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शाहजहांपुर। फिरौती मामले में छात्रा की गिरफ्तारी पर पिता ने एसआईटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि बेटी को एसआईटी घर से खींचकर ले गई। वह नहाने जा रही थी, उसे कपड़े तक न बदलने दिए। उसके वकील को भी एसआईटी ने नहीं आने दिया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की शिकायत कोर्ट मेें करेंगे। इससे पहले उन्होंने और छात्रा के भाई ने चौक कोतवाली और फिर जिला अस्पताल में हंगामा काटा।
छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी पीड़ित थी, उसके साथ जो हुआ उसको लेकर एसआईटी ने कोई जांच आगे नहीं बढ़ाई। चिन्मयानंद के प्रभाव में आकर सारी जांच की गई है, ताकि उसकी बेटी का केस कमजोर किया जा सके। उन्होंने बताया कि उसकी बेटी सुबह बाथरूम में नहाने जा रही थी, तभी एसआईटी पहुंच गई और पूछताछ के बहाने घर में घुसने के बाद बेटी को जबरन खींच कर गाड़ी में बैठा लिया। बेटी को कपड़े तक नहीं पहनने दिए गए, जो कि मानवाधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन का मामला बनता है। उसकी बेटी की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर 26 सितंबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन इससे पहले गिरफ्तारी का मतलब है कि एसआईटी ने मनमाने तरीके से बेटी को गिफ्तार किया है। चिन्मयानंद को इलाज के नाम पर लखनऊ पीजीआई भिजवाने का मतलब उनको वीआईपी सुविधा मुहैया कराने का है।
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छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी पीड़ित थी, उसके साथ जो हुआ उसको लेकर एसआईटी ने कोई जांच आगे नहीं बढ़ाई। चिन्मयानंद के प्रभाव में आकर सारी जांच की गई है, ताकि उसकी बेटी का केस कमजोर किया जा सके। उन्होंने बताया कि उसकी बेटी सुबह बाथरूम में नहाने जा रही थी, तभी एसआईटी पहुंच गई और पूछताछ के बहाने घर में घुसने के बाद बेटी को जबरन खींच कर गाड़ी में बैठा लिया। बेटी को कपड़े तक नहीं पहनने दिए गए, जो कि मानवाधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन का मामला बनता है। उसकी बेटी की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर 26 सितंबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन इससे पहले गिरफ्तारी का मतलब है कि एसआईटी ने मनमाने तरीके से बेटी को गिफ्तार किया है। चिन्मयानंद को इलाज के नाम पर लखनऊ पीजीआई भिजवाने का मतलब उनको वीआईपी सुविधा मुहैया कराने का है।
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