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जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में उठी चिंगारी, बाल बाल बचे बच्चे
बरेली।
Updated Sun, 07 May 2017 12:58 AM IST
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जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में उठी चिंगारी, बाल बाल बचे बच्चे
- फोटो : जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में उठी चिंगारी, बाल बाल बचे बच्चे
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में दो दिन पहले बड़ा हादसा होते- होते बचा। यहां एनआईसीयू में शार्ट सर्किट से अचानक पंखा धूं- धूं कर जलने लगा और कमरे में आग पकड़ने लगी। एनआईसीयू वार्ड में अपने बच्चों को भर्ती किए तीमारदाराें ने इसकी सूचना स्टाफ को दी तो उन्होंने तुरंत बच्चाें को बाहर किया और आग पर काबू पाया। आग ऑक्सीजन पाइप के पास लगी थी। हालंाकि कोई हताहत नहीं हुआ है। गंभीर हादसे की सूचना अस्पताल प्रशासन को दे दी गई है लेकिन अग्निशमन यंत्र का कोई इंतजाम बच्चा वार्ड में नहीं किया गया है।
कलकत्ता और लखनऊ के अस्पतालों में आग से बड़े हादसे हो चुके हैं बावजूद इसके सरकारी अस्पताल में इससे बचने के कोई इंतजाम नहीं है। मामला बच्चा वार्ड का है। दो दिन पहले यहां एनआईसीयू जैसे गंभीर कक्ष में लगाए गए पंखे में शार्ट सर्किट से आग लग गई। जिस वक्त हादसा हुआ उस समय वहां चार नवजात भर्ती थे। पंखे के ठीक नीचे आक्सीजन पाइप की गैस भी जा रही है। जब धुआं उठने लगा तो तीमारदाराें ने वार्ड की नर्स इंचार्ज डेजीलाल को बुलाया। सभी कर्मचारियों ने बच्चाें को बाहर निकाला और आग बुझाई। इसके लिए भी मशक्कत करनी पड़ी, क्याेंकि यहां आग बुझाने का कोई साधन नहीं था। वार्ड के स्टाफ ने बताया कि इसकी सूचना प्रमुख अधीक्षक डॉ. केएस गुप्ता को दे दी गई है।
- जिला अस्पताल में नहीं है आग बुझाने के इंतजाम
जिला अस्पताल में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं है। यहां किसी भी वार्ड में अग्निशमन यंत्र तक नहीं रखे गए हैं। बालू से भरी बाल्टियां भी नजर नहीं आती हैं। बच्चा वार्ड में जहां आग लगी वहीं ऑक्सीजन पाइप भी लगी हुई है। इसके अलावा वार्डों में भी ऑक्सीजन पाइप होने से खतरे की संभावना बढ़ जाती है।
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कलकत्ता और लखनऊ के अस्पतालों में आग से बड़े हादसे हो चुके हैं बावजूद इसके सरकारी अस्पताल में इससे बचने के कोई इंतजाम नहीं है। मामला बच्चा वार्ड का है। दो दिन पहले यहां एनआईसीयू जैसे गंभीर कक्ष में लगाए गए पंखे में शार्ट सर्किट से आग लग गई। जिस वक्त हादसा हुआ उस समय वहां चार नवजात भर्ती थे। पंखे के ठीक नीचे आक्सीजन पाइप की गैस भी जा रही है। जब धुआं उठने लगा तो तीमारदाराें ने वार्ड की नर्स इंचार्ज डेजीलाल को बुलाया। सभी कर्मचारियों ने बच्चाें को बाहर निकाला और आग बुझाई। इसके लिए भी मशक्कत करनी पड़ी, क्याेंकि यहां आग बुझाने का कोई साधन नहीं था। वार्ड के स्टाफ ने बताया कि इसकी सूचना प्रमुख अधीक्षक डॉ. केएस गुप्ता को दे दी गई है।
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- जिला अस्पताल में नहीं है आग बुझाने के इंतजाम
जिला अस्पताल में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं है। यहां किसी भी वार्ड में अग्निशमन यंत्र तक नहीं रखे गए हैं। बालू से भरी बाल्टियां भी नजर नहीं आती हैं। बच्चा वार्ड में जहां आग लगी वहीं ऑक्सीजन पाइप भी लगी हुई है। इसके अलावा वार्डों में भी ऑक्सीजन पाइप होने से खतरे की संभावना बढ़ जाती है।
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