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तो प्राइमरी के बच्चे दे रहे नकल का बुस्टर
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 16 Mar 2016 01:56 AM IST
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परक्ष्ाा का हाल
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नकल बोर्ड परीक्षा में ही नहीं हो रही है बल्कि प्राइमरी के बच्चों को भी नकल से पास कराने का खेल हो रहा है। जिन गुरुजनों पर बच्चों के भविष्य को संवारने और अच्छी शिक्षा देने की जिम्मेदारी है वे प्राइमरी से ही नकल के लिए प्रेरित करने में जुटे हैं। यह हाल सरकारी स्कूलों का है। जहां किसी भी बच्चे को फेल नहीं करने का नियम है फिर भी ब्लैक बोर्ड में सवाल हल किए जा रहे हैं। ग्रुप में बैठाकर इम्तहान दिलाए जा रहे हैं। कहीं तो बच्चे परीक्षा देने ही नहीं आ रहे इसलिए प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को बुलाकर कोरम पूरा किया जा रहा है। पूरी परीक्षा मजाक बनकर रह गई है।
ये है रिछा का हाल
रिछा। जूनियर हाईस्कूल कचनेरा में एक कमरे में बच्चों को साथ बैठाकर परीक्षा कराई जा रही थी। यहीं के प्राइमरी स्कूल में कोई बच्चा ही नहीं पहुंचा। जूनियर हाईस्कूल मिलक पिछौड़ा में एक मास्टरजी छठी के बच्चों के प्रश्न पत्र के उत्तर ब्लैकबोर्ड में लिख रहे थे। दूसरे कमरे में आठवीं के बच्चों का प्रश्न पत्र हल हो रहा था। बीईओ राशिद अनवर सिद्धीकी जूनियर हाईस्कूल वसुपुरा पहुंचे तो वहां 20 से ज्यादा बच्चे मदरसों और प्राइवेट स्कूलों के बैठे थे। हेडमास्टर किरन कुमारी जवाब नहीं दे पाईं तो उन्हें नोटिस जारी किया गया।
ढूंढे नहीं मिल रहे बच्चे
नवाबगंज। मंगलवार को पहली पाली में गणित और दूसरी में शारीरिक शिक्षा का पेपर था। रिछोला किफायतुल्ला के प्राइमरी स्कूल में पंजीकृत 440 छात्रों में से परीक्षा देने 220 ही पहुंचे। प्रभारी हेड मास्टर वंदना शर्मा ने बताया कि पहले दिन 215 ही आए थे। इसी गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 77 में से 59 बच्चे पहुंचे। नगर के प्राइमरी स्कूल प्रथम में 137 में से 110, द्वितीय में 68 में से 52 और उर्दू मीडियम में 197 में से 194 छात्रों ने परीक्षा दी। उर्दू मीडियम के हेड मास्टर अमजद अली ने बताया कि अभिभावकों की बैठक के बाद छात्रों को परीक्षा के लिए राजी करना पड़ा।
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बच्चे को संभाले या छात्रों को
रिठौरा। बिथरी चैनपुर के प्राइमरी स्कूल कीरतपुर में पंजीकृत 63 बच्चों में से 39 ही पहुंचे। हेड मास्टर शालिनी सक्सेना 18 फरवरी से अवकाश पर हैं। सहायक अध्यापिका ज्ञान देवी अपने बच्चे को संभालने में व्यस्त थीं। कम स्टाफ के कारण प्राइमरी स्कूल अधकटा बुनियादी बेगम से सहायक अध्यापक नंदराम को कक्ष निरीक्षक बनाया गया है वह भी परिसर में ही बने जूनियर हाईस्कूल में बतियाते मिले।
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ये है रिछा का हाल
रिछा। जूनियर हाईस्कूल कचनेरा में एक कमरे में बच्चों को साथ बैठाकर परीक्षा कराई जा रही थी। यहीं के प्राइमरी स्कूल में कोई बच्चा ही नहीं पहुंचा। जूनियर हाईस्कूल मिलक पिछौड़ा में एक मास्टरजी छठी के बच्चों के प्रश्न पत्र के उत्तर ब्लैकबोर्ड में लिख रहे थे। दूसरे कमरे में आठवीं के बच्चों का प्रश्न पत्र हल हो रहा था। बीईओ राशिद अनवर सिद्धीकी जूनियर हाईस्कूल वसुपुरा पहुंचे तो वहां 20 से ज्यादा बच्चे मदरसों और प्राइवेट स्कूलों के बैठे थे। हेडमास्टर किरन कुमारी जवाब नहीं दे पाईं तो उन्हें नोटिस जारी किया गया।
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ढूंढे नहीं मिल रहे बच्चे
नवाबगंज। मंगलवार को पहली पाली में गणित और दूसरी में शारीरिक शिक्षा का पेपर था। रिछोला किफायतुल्ला के प्राइमरी स्कूल में पंजीकृत 440 छात्रों में से परीक्षा देने 220 ही पहुंचे। प्रभारी हेड मास्टर वंदना शर्मा ने बताया कि पहले दिन 215 ही आए थे। इसी गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 77 में से 59 बच्चे पहुंचे। नगर के प्राइमरी स्कूल प्रथम में 137 में से 110, द्वितीय में 68 में से 52 और उर्दू मीडियम में 197 में से 194 छात्रों ने परीक्षा दी। उर्दू मीडियम के हेड मास्टर अमजद अली ने बताया कि अभिभावकों की बैठक के बाद छात्रों को परीक्षा के लिए राजी करना पड़ा।
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बच्चे को संभाले या छात्रों को
रिठौरा। बिथरी चैनपुर के प्राइमरी स्कूल कीरतपुर में पंजीकृत 63 बच्चों में से 39 ही पहुंचे। हेड मास्टर शालिनी सक्सेना 18 फरवरी से अवकाश पर हैं। सहायक अध्यापिका ज्ञान देवी अपने बच्चे को संभालने में व्यस्त थीं। कम स्टाफ के कारण प्राइमरी स्कूल अधकटा बुनियादी बेगम से सहायक अध्यापक नंदराम को कक्ष निरीक्षक बनाया गया है वह भी परिसर में ही बने जूनियर हाईस्कूल में बतियाते मिले।