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केमिकल और पाउडर से बन रहा था सॉस
बरेली
Updated Wed, 04 Nov 2015 01:46 AM IST
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बरेली। हजियापुर में सॉस बनाने वाली अन्नपूर्णा फूड फैक्ट्री पर मंगलवार दोपहर को छापा मारकर एफएसडीए की टीम ने बड़ी मात्रा में केमिकल और पाउडर बरामद किया है। शक है कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक इस केमिकल से सॉस तैयार किया जा रहा था। फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित कर माल सीज कर दिया गया है। कार्रवाई से बाजार में खलबली मच गई है। ये सॉस आसपास के जिलों में भी सप्लाई किया जा रहा था।
कुछ दिनों पहले ही शहामतगंज में तेल का खेल पकड़ा गया था। अब खतरनाक सॉस बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की स्थानीय टीम नेफैक्ट्री में जब छापा मारा, तो वहां विभिन्न ब्रांड की बोतलों में सॉस पैक किया जा रहा था। छापेमारी में बड़ी मात्रा में केमिकल और पाउडर भी पाया गया है। प्रथम दृष्टया सॉस में इसी पाउडर और केमिकल के इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई है। टीम ने इस कंपनी की कांटीनेंटल सॉस, चिली सॉस, सोया सॉस, गाजर पल्प, टिप टॉप विनेगर (सिरका) के नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय जैसवाल ने बताया कि फैक्ट्री में मिली क्यूलरी सॉस की 134 पेटी, कांटीनेंटल सॉस की 14, ग्रीन चिली की 16, और टिपटॉप सिरका की 37 पेटी सीज कर दी गई हैं। गाजर पल्प के 84 पीपा सीज किए हैं। प्रत्येक पीपे में 50-50 किलो माल है। मौके पर मिले पाउडर और केमिकल के नमूने भी परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
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‘सॉस बनाने वाली कंपनी एफएसडीए में पंजीकृत है लेकिन इसके उत्पाद मिस ब्रांड के साथ-साथ प्रथम दृष्टया स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक प्रतीत होते हैं। इसलिए माल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ लाइसेंस निलंबित करते हुए माल को सीज कर दिया गया है।’
- अजय जैसवाल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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कुछ दिनों पहले ही शहामतगंज में तेल का खेल पकड़ा गया था। अब खतरनाक सॉस बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की स्थानीय टीम नेफैक्ट्री में जब छापा मारा, तो वहां विभिन्न ब्रांड की बोतलों में सॉस पैक किया जा रहा था। छापेमारी में बड़ी मात्रा में केमिकल और पाउडर भी पाया गया है। प्रथम दृष्टया सॉस में इसी पाउडर और केमिकल के इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई है। टीम ने इस कंपनी की कांटीनेंटल सॉस, चिली सॉस, सोया सॉस, गाजर पल्प, टिप टॉप विनेगर (सिरका) के नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
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जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय जैसवाल ने बताया कि फैक्ट्री में मिली क्यूलरी सॉस की 134 पेटी, कांटीनेंटल सॉस की 14, ग्रीन चिली की 16, और टिपटॉप सिरका की 37 पेटी सीज कर दी गई हैं। गाजर पल्प के 84 पीपा सीज किए हैं। प्रत्येक पीपे में 50-50 किलो माल है। मौके पर मिले पाउडर और केमिकल के नमूने भी परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
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‘सॉस बनाने वाली कंपनी एफएसडीए में पंजीकृत है लेकिन इसके उत्पाद मिस ब्रांड के साथ-साथ प्रथम दृष्टया स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक प्रतीत होते हैं। इसलिए माल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ लाइसेंस निलंबित करते हुए माल को सीज कर दिया गया है।’
- अजय जैसवाल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी