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रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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बरेली। प्रेमनगर के मोहल्ला शास्त्रीनगर में रहने वाली सीमा तिवारी को रेलवे में बुकिंग क्लर्क के पद पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर ढाई लाख रुपये की ठगी कर ली गई और बाद में जिला अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर का फर्जी नियुक्तिपत्र थमा दिया गया। सीमा ने कोतवाली में शिकायत की है कि अपनी रकम वापस मांगने पर आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
सीमा और उनके पति विक्की प्राइवेट नौकरी करते हैं। सीमा के मुताबिक सुभाषनगर में रहने वाले उनके परिचित जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। पिछले साल पहले उन्होंने सीमा को फोन कर रेलवे में बुकिंग क्लर्क की नौकरी लगवाने की बात कही। फिर दो लोगों से मुलाकात कराकर नौकरी लगवाने का खर्च 2.60 लाख रुपये बताया। दस फरवरी 2020 को आरोपियों ने बतौर एडवांस उनसे 50 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद दो आरोपी उन्हें लेकर लखनऊ की एक बिल्डिंग में लेकर पहुंचे जहां इंटरव्यू और मेडिकल प्रक्रिया के बाद एक लाख रुपये और ले लिए। उनसे कहा कि नियुक्ति पत्र एक-दो दिन में घर पहुंच जाएगा मगर नियुक्ति पत्र नहीं मिला। इसके बाद लॉकडाउन लग गया। न उनकी नौकरी लगी और न आरोपियों ने उनकी रकम लौटाई।
सीमा का कहना है कि उन्होंने अपनी रकम वापस करने का दबाव बनाया तो आरोपियों ने उन्हें उसी खर्च में ग्रामीण महिला मिशन के तहत जिला अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगवा देने का झांसा दिया। उन्होंने हामी भरी तो इंटरव्यू और मेडिकल के नाम पर उनसे फिर एक लाख रुपये वसूल लिए गए। ढाई लाख रुपये की वसूली करने के बाद आरोपियों ने उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जिसे लेकर 15 सितंबर को वह ज्वाइनिंग के लिए जिला अस्पताल पहुंचीं तो उसे फर्जी बताकर उन्हें वहां से भगा दिया गया।
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महिला की मित्र से भी ठगे 30 हजार
सीमा ने बताया कि जब उन्हें नियुक्ति पत्र दिया तो उन्होंने सोचा कि अब तो नौकरी लग ही गई है। इस बारे में उन्होंने अपनी एक मित्र को जानकारी दी। उसने भी ठगों को 30 हजार रुपये दे दिए। अब वह भी सीमा के साथ चक्कर काट रही है। आरोपी उन लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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सीमा और उनके पति विक्की प्राइवेट नौकरी करते हैं। सीमा के मुताबिक सुभाषनगर में रहने वाले उनके परिचित जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। पिछले साल पहले उन्होंने सीमा को फोन कर रेलवे में बुकिंग क्लर्क की नौकरी लगवाने की बात कही। फिर दो लोगों से मुलाकात कराकर नौकरी लगवाने का खर्च 2.60 लाख रुपये बताया। दस फरवरी 2020 को आरोपियों ने बतौर एडवांस उनसे 50 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद दो आरोपी उन्हें लेकर लखनऊ की एक बिल्डिंग में लेकर पहुंचे जहां इंटरव्यू और मेडिकल प्रक्रिया के बाद एक लाख रुपये और ले लिए। उनसे कहा कि नियुक्ति पत्र एक-दो दिन में घर पहुंच जाएगा मगर नियुक्ति पत्र नहीं मिला। इसके बाद लॉकडाउन लग गया। न उनकी नौकरी लगी और न आरोपियों ने उनकी रकम लौटाई।
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सीमा का कहना है कि उन्होंने अपनी रकम वापस करने का दबाव बनाया तो आरोपियों ने उन्हें उसी खर्च में ग्रामीण महिला मिशन के तहत जिला अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगवा देने का झांसा दिया। उन्होंने हामी भरी तो इंटरव्यू और मेडिकल के नाम पर उनसे फिर एक लाख रुपये वसूल लिए गए। ढाई लाख रुपये की वसूली करने के बाद आरोपियों ने उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जिसे लेकर 15 सितंबर को वह ज्वाइनिंग के लिए जिला अस्पताल पहुंचीं तो उसे फर्जी बताकर उन्हें वहां से भगा दिया गया।
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नई दिल्ली की मुहर, वेतन 21 हजार
सीमा को दिए नियुक्ति पत्र पर महिला विकास मिशन नई दिल्ली के डायरेक्टर के हस्ताक्षर थे और उनकी मुहर भी लगी हुई थी। इस पर 21 हजार 500 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने की बात लिखी गई थी।महिला की मित्र से भी ठगे 30 हजार
सीमा ने बताया कि जब उन्हें नियुक्ति पत्र दिया तो उन्होंने सोचा कि अब तो नौकरी लग ही गई है। इस बारे में उन्होंने अपनी एक मित्र को जानकारी दी। उसने भी ठगों को 30 हजार रुपये दे दिए। अब वह भी सीमा के साथ चक्कर काट रही है। आरोपी उन लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
कार्रवाई के बजाय प्रेमनगर पुलिस ने कराया समझौता
सीमा का कहना है कि उन्होंने ठगी की शिकायत थाना प्रेमनगर में की थी मगर वहां पुलिस ने कार्रवाई के बजाय मामले को रफादफा करने पर ज्यादा जोर दिया। आरोपियों से उन्हें ब्लैंक चेक दिला दिए। वे चेक उन्होंने रकम भरकर बैंक में लगाए तो बाउंस हो गए। प्रेमनगर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो शनिवार को उन्होंने कोतवाली में शिकायत की है।नौकरी के नाम पर महिला से ठगी के मामले में कोतवाली पुलिस जांच कर रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - यतेंद्र सिंह नागर, सीओ प्रथम