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अव्यवस्था : मासूमों के दिल पर कहीं भारी न पड़ जाए सर्जरी का इंतजार

Fri, 21 Nov 2025 02:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 21 Nov 2025 02:20 AM IST
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Chaos: Waiting for surgery may prove costly for the innocent.
बरेली। जन्मजात हृदय में छेद की विकृति से ग्रसित मासूमों को सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। रेफरल सेंटर से संपर्क करने पर इनके ऑपरेशन के लिए मार्च 2026 की तिथि प्रस्तावित की गई है। ऐसे में बच्चे दवा के सहारे हैं।
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चार माह पूर्व राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टीम ने बहेड़ी में सर्वे किया था। कुआडांडा निवासी रवि के चार वर्षीय बेटे आरव और शाहपुर डांडी निवासी आरिफ के सात माह के बेटे अली गाजी में जन्मजात हृदय विकार (कॉग्नेटल हार्ट डिजीज) यानी दिल में छेद की पुष्टि हुई।
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टीम ने परिवार को निशुल्क सर्जरी का भरोसा दिया था। चार माह बीतने के बाद भी अब तक बच्चों की सर्जरी नहीं हो सकी है। परिजन स्वास्थ्य विभाग के आरबीएसके नोडल और सुपरवाइजर को कॉल कर कर बच्चों के दिल का इलाज कराने की गुहार लगा रहे हैं।
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आरबीएसके मैनेजर डॉ. पारस गुप्ता के मुताबिक, विकार की पुष्टि के बाद से ही सर्जरी के लिए हायर सेंटर से संपर्क किया जा रहा है। निशुल्क सर्जरी के लिए पहले ही हायर सेंटर पर कतार है। इसलिए चार माह बाद की तिथि दी है। परिजन के संपर्क में टीम है।

70 फीसदी स्कूलों व आंगनबाड़ी
केंद्रों का टीम ने किया निरीक्षण
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आरबीएसके टीम ने वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अक्तूबर तक करीब 70 फीसदी स्कूल और आंगनबाड़ी का निरीक्षण किया। अब तक मोबाइल हेल्थ टीम ने 4डी (डिफेक्ट एट बर्थ, डिफिसिएंसीज, डिजीज, डेवलपमेंट डिले डिसेबिलिटी) में 11,399 बच्चे चिह्नित किए हैं। इनमें से 5,429 बच्चों का इलाज शुरू हुआ। सभी बच्चे फिलहाल स्वस्थ हैं।


इन बीमारियों का होता है निशुल्क इलाज
हृदय में छेद, कटे होंठ-तालु, भाषा और संज्ञानात्मक विलंब, मोटर और न्यूरो-मोटर दुर्बलता, मोतियाबिंद, श्रवण बाधित, फंगल संक्रमण, एक्जिमा, कान का संक्रमण, प्रतिक्रियाशील वायुमार्ग रोग, दांतों का क्षय, आक्षेप संबंधी विकार, सिकल सेल एनीमिया, बीटा थैलेसीमिया, जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म, टीबी और कुष्ठ रोग, माइक्रोसिफेली और मैक्रोसिफेली, एनीमिया, चिकनपॉक्स, मलेरिया व अन्य रोग शामिल हैं। ब्यूरो
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