बरेली: नगर निगम की कंडम मार्केट में चल रहा कारोबार, निजी जर्जर भवनों पर लगा रहे लाल निशान
बरेली में नगर निगम की करीब 200 दुकानें और भवन जर्जर हालत में हैं। इससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। जबकि निगम ने शहर के 172 निजी जर्जर भवनों को चिह्नित कर नोटिस दिए हैं, जबकि अपने जर्जर भवनों पर खामोश है।
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बरेली में नगर निगम की दो सौ दुकानें और कुछ भवन जर्जर हाल में हैं, लेकिन जिम्मेदार इनकी सुध नहीं ले रहे हैं। दूसरी ओर, नगर निगम की तरफ से शहर में 172 जर्जर भवनों को चिह्नित करके लाल निशान लगा दिया गया है। संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अपने जर्जर भवनों पर निगम की खामोशी किसी दिन बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
एक सप्ताह पहले हई रिकॉर्ड बारिश के बाद सात सितंबर को शहर के अलग-अलग इलाकों में तीन जर्जर भवन जमींदोज हो गए थे। इन हादसों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन तीन दोपहिया वाहनों समेत कीमती सामान मलबे में दब गया था। इसके बाद नगर निगम ने शहर के 172 जर्जर भवनों को चिह्नित किया है। इनको गिराने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी ने घोषित किया है कंडम
दूसरी ओर, नगर निगम का लाजपत बाजार करीब 100 वर्ष पुराना है। पीडब्ल्यूडी की तरफ से कंडम घोषित किए जाने के बावजूद इसको आज तक गिराया नहीं गया। वहां पर सिर्फ बोर्ड लगा दिया गया है। व्यापारी वहां जबरन कब्जा करके बैठे हैं। यह स्थान साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज के सामने हैं, जहां रविवार को एनडीए परीक्षा का सेंटर था। सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा देने आए थे। उनके साथ आए अभिभावक परीक्षा शुरू होने के बाद इन्हीं दुकानों के बरामदे में बैठे देखे गए।
बाजार के पास से गुजरते हैं विद्यार्थी व लोग
साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय, चंद्रवती प्राथमिक स्कूल, राम गोपाल पाठशाला जूनियर हाईस्कूल, सावित्री देवी शिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राएं रोजाना इस बाजार के पास से ही गुजरते हैं। इस बाजार में लोग खरीदारी करने भी आते हैं। इसमें नर्सिंग होम, जूस कार्नर जूते व लोहे की दुकानें हैं। दुकान के साथ बरामदे व सड़क तक कब्जा है। इन इलाकों में जहां निजी दुकानों का किराया सात से आठ हजार रुपये है, वहीं व्यापारी निगम को मामूली किराया देते हैं।
शास्त्रीनगर बाजार का भी यही हाल
यही स्थिति कुतुबखाना के पास स्थित शास्त्रीनगर बाजार की है। यहां 150 दुकानें हैं, जिनको नगर निगम ने जर्जर घोषित कर दिया है। यहां भी व्यापारी दुकानें नहीं छोड़ रहे हैं। इसके अलावा नगर निगम के भवन में पन्नी लाल कोठी में आयुर्वेदिक अस्पताल चल रहा है। यह जर्जर हाल में है, कभी भी गिर सकता है। हिंद टाकीज के पीछे भी नगर निगम की दुकानें जर्जर हो गई हैं।
जैन मंदिर के पीछे निगम के कर्मचारियों के लिए बनाया गया आवास भी जर्जर हो गया है। पीडब्ल्यूडी से जांच कराकर इन भवनों को कंडम घोषित कराने की तैयारी है। सिकलापुर के पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने बताया कि जिस तरह नगर निगम लोगों के घरों को गिराने के लिए नोटिस चस्पा कर रहा है, उसी प्रकार अपनी जर्जर दुकानों व भवनों को गिरा दे तो हादसों की आशंका नहीं रहेगी।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि लाजपत बाजार व शास्त्रीनगर बाजार जर्जर हो चुके हैं। इनको जल्द गिराया जाएगा। निगम की अन्य जर्जर दुकानों को भी जल्द ही चिह्नित करके जेसीबी से गिराया जाएगा।