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Bareilly News: दोनों भाइयों ने कंपनी का टर्नओवर 36 लाख ही दिखाया, दिवालिया होने में फंसा पेच

Mon, 09 Jun 2025 01:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jun 2025 01:20 AM IST
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Both the brothers showed the company's turnover as only 36 lakhs, stuck in bankruptcy
बरेली। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड धोखाधड़ी मामले में निदेशकों (मालिकों) के लिए बुरी खबर है। कंपनी के दिवालिया होने में पेच फंस गया है। दरअसल, निदेशकों ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में कंपनी का टर्नओवर केवल 36 लाख रुपये बताते हुए निवेशकों को बकाया भुगतान करने का दावा किया था। अब निवेशकों और एजेंटों ने करोड़ों रुपये बकाया के बांड दाखिल करके निदेशकों की मंशा पर पानी फेर दिया है। पूरा घोटाला करीब 800 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेता रहे सूर्यकांत व शशिकांत ने पांच साल पहले ही कंपनी को दिवालिया घोषित कराने का मन बना लिया था। इसी साजिश के तहत वर्ष 2020 में सूर्यकांत ने खुद को निदेशक पद से अलग भी कर लिया था। दोनों भाई अपने दो सीए की मदद से करोड़ों रुपयों को ठिकाने लगाने में जुटे थे।
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दोनों ने अपने नाम की संपत्तियों को खुर्दबुर्द करने के साथ ही दूसरे प्रदेशों में प्रॉपर्टी बनाई, पर कंपनी का सालाना टर्नओवर दर्शाने में चूक कर दी। सिर्फ 36 लाख टर्नओवर दिखाते हुए बताया गया कि वे निवेशकों को उनकी रकम लौटा चुके हैं। मामूली बकाया बचा है, जिसे लौटा दिया जाएगा। यही रिपोर्ट शशिकांत के वकील की ओर से एनसीएलटी कोर्ट प्रयागराज में दाखिल कर कंपनी को दिवालिया घोषित करने की मांग की गई।
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कंपनी प्रबंधन से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि निवेशकों ने कोर्ट में अपना वकील खड़ा कर दिया है। निवेशकों व एजेंटों की ओर से करोड़ों रुपये बकाया के बांड प्रस्तुत किए गए हैं। इससे साबित हो रहा है कि कंपनी करोड़ा का टर्नओवर कर रही थी। ऐसे में निदेशकों का दावा कमजोर पड़ गया। अब जुलाई में सुनवाई के दौरान एनसीएलटी अपने कदम पीछे खींच सकता है। ऐसे में कंपनी के निदेशकों को निवेशकों की रकम लौटानी पड़ करनी पड़ सकती है। ब्यूरो

दो सीए ने ठिकाने लगाई निदेशकों की काली कमाई
इस मामले में दो सीए की भूमिका भी नजर आ रही है। इनमें एक बदायूं का और दूसरा बरेली का बताया जा रहा है। सूर्यकांत व उसके भाई शशिकांत की काली कमाई को दूसरे प्रदेशों में ठिकाने लगाने की योजना इन्हीं के दिमाग की उपज बताई जा रही है। प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के टर्नओवर को लेकर भी इन्हीं सीए ने भ्रामक रिपोर्ट तैयार की, जिसकी वजह से नुकसान हो सकता है। इधर, एसआईटी भी इन सीए की भूमिका की जांच कर रही है। जल्द ही इनका नाम भी साजिशकर्ताओं में शामिल हो सकता है। इसमें कानूनी कार्रवाई के साथ ही दोनों का लाइसेंस निरस्त हो सकता है।
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