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Bareilly News: छात्रों का मददगार बना वनस्पति उद्यान, पढ़ाई हो रही आसान
Sat, 06 Jan 2024 02:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 06 Jan 2024 02:07 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थी पढ़ाई के साथ प्रयोगात्मक रूप से पौधों की वृद्धि व उनकी संरचना के बारे में सीख रहे हैं। विवि के वनस्पति उद्यान में छात्र शिक्षकों की सहायता से गोभी, मूली, गाजर आदि सब्जियां भी उगा रहे हैं। हाल में ही उन्होंने मशरूम का उत्पादन भी किया था। अब तक 60 विद्यार्थी गार्डन के माध्यम से अपने विषय से संबंधित पहलुओं के बारे में सीख चुके हैं।
वनस्पति विज्ञान विभाग में चल रहा उगाओ और खाओ (ग्रो एंड ईट) प्रोजेक्ट छात्रों के लिए मददगार साबित हो रहा है। इसमें छात्र मौसमी सब्जियों की बोआई भी करते हैं। समय-समय पर उनकी वृद्धि का भी अध्ययन करते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रों को प्रयोगात्मक रूप से सिखाने के लिए गार्डन में ही उचित व्यवस्था की गई है। इसमें छात्र प्लांट के आगे नाम पढ़कर ही उनके बॉटनिकल नाम भी याद कर लेते हैं। हाल में ही डार्करूम बनाकर मशरूम उत्पादन में भी छात्रों ने सहयोग किया था।
शोध में भी काम आएगा प्रोजेक्ट
प्रो. संजय कुमार गर्ग ने बताया कि ग्रो एंड ईट प्रोजेक्ट से छात्र किसानों को होने वाली समस्याओं को भी जान रहे हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व व आपस में सहयोग की की भावना को जगाना है। इन फसलों को उगाकर वह इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बीज से लेकर पौधा बनने तक की प्रक्रिया को किताबों में पढ़ने के साथ ही व्यावहारिक रूप से सिखाया जा रहा है। यह सभी चीजें उन्हें आगे चलकर शोध करने में काम आएंगी। एमएससी में प्रवेश लेने के बाद छात्र दो साल तक गार्डन के माध्यम से तमाम जानकारियों प्राप्त करते रहते हैं।
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वनस्पति विज्ञान विभाग में चल रहा उगाओ और खाओ (ग्रो एंड ईट) प्रोजेक्ट छात्रों के लिए मददगार साबित हो रहा है। इसमें छात्र मौसमी सब्जियों की बोआई भी करते हैं। समय-समय पर उनकी वृद्धि का भी अध्ययन करते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रों को प्रयोगात्मक रूप से सिखाने के लिए गार्डन में ही उचित व्यवस्था की गई है। इसमें छात्र प्लांट के आगे नाम पढ़कर ही उनके बॉटनिकल नाम भी याद कर लेते हैं। हाल में ही डार्करूम बनाकर मशरूम उत्पादन में भी छात्रों ने सहयोग किया था।
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शोध में भी काम आएगा प्रोजेक्ट
प्रो. संजय कुमार गर्ग ने बताया कि ग्रो एंड ईट प्रोजेक्ट से छात्र किसानों को होने वाली समस्याओं को भी जान रहे हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व व आपस में सहयोग की की भावना को जगाना है। इन फसलों को उगाकर वह इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बीज से लेकर पौधा बनने तक की प्रक्रिया को किताबों में पढ़ने के साथ ही व्यावहारिक रूप से सिखाया जा रहा है। यह सभी चीजें उन्हें आगे चलकर शोध करने में काम आएंगी। एमएससी में प्रवेश लेने के बाद छात्र दो साल तक गार्डन के माध्यम से तमाम जानकारियों प्राप्त करते रहते हैं।
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