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मेडिकल कॉलेज के पीछे मिलीं हड्डियां मानव की निकलीं
बरेली
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:58 AM IST
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रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के पीछे नकटिया नदी किनारे बिखरी मिलीं अस्थियां के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मानव की होने की पुष्टि हुई है। हालांकि ये हड्डियां किसी एक शख्स की हैं या कई लोगों की, इसका पता हड्डियों के डीएनए टेस्ट के बाद ही चल सकेगा। हड्िडयों के साथ मिली मानव खोपड़ी कितनी पुरानी है, इसकी जांच के लिए लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला की मदद ली जा रही है। शनिवार को हड्डियां प्रयोगशाला भेजी जाएंगी।
रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के गेट पर बनी पार्किंग के पीछे नकटिया नदी किनारे करीब 500 मीटर के दायरे में मेडिकल वेस्ट और अस्थियां बिखरी मिली थीं। बारादरी थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हड्डियों को इकट्ठा करके पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। शुक्रवार को हुए पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने सभी हड्डियां मानव की होने की पुष्टि की है। खोपड़ी की हालत देखकर डॉक्टरों का अनुमान है कि उस पर मेडिकल लैब में प्रयोग किए गए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि हड्डियों को विस्तृत जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
अस्थियाें के मामले से स्वास्थ्य विभाग ने पल्ला झाड़ा
पोस्टमार्टम के बाद अब विभाग नहीं करेगा कोई पड़ताल
बरेली। रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के पास मिलीं अस्थियां मानव की होने की पुष्टि हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है। स्वास्थ्य विभाग अब अपनी ओर से इसकी कोई जांच नहीं कराएगा। स्वास्थ्य विभाग अब यह जानने की कोशिश भी नहीं करेगा कि आखिर मानव अस्थियां नदी किनारे कैसी पहुंचीं, जबकि मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज पार्किंग क्षेत्र में अस्थियां और मानव खोपड़ी के अलावा मेडिकल वेस्ट और प्रयोग किए गए पैड मिले थे। मेडिकल कॉलेज के सामने ही कूड़ा जलाया भी जा रहा है। मानव अस्थियां मिलने की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार को मौके पर भेजा लेकिन तब तक पुलिस अस्थियां पोस्टमार्टम के लिए ले जा चुकी थी। हालांकि डॉ. अशोक कुमार को मौके पर कूड़ा जलता मिला था और मेडिकल वेस्ट भी पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मानव अस्थियां मिलने की पुष्टि के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, जबकि मानव अस्थियां और अन्य मेडिकल सामग्री बायो वेस्ट के अंतर्गत ही आते हैं।
मेडिकल वेस्ट के मामले में केशलता अस्पताल पर होगा जुर्माना
मेडिकल वेस्ट सड़क पर फेंकने के मामले में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से केशलता अस्पताल को नोटिस भेजा गया है। चेतावनी दी गई है कि मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को अनुबंध के आधार पर एजेंसी को ही दें। भविष्य में अगर मेडिकल वेस्ट बाहर फेंका गया तो अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि बायो वेस्ट फेंकते रंगे हाथों पक ड़े जाने के चलते नगर निगम की ओर से जुर्माना ठोंका जाएगा। हालांकि जुर्माने की रकम बहुत अधिक नहीं है।
कोट
अस्थियां मिलने के मामले में तुरंत जांच के आदेश दिए गए थे और एसीएमओ को पड़ताल के लिए भेजा था, लेकिन उनके जाने तक पुलिस अस्थियाें को अपने साथ ले गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी मुझे नहीं है।
- डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ
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रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के गेट पर बनी पार्किंग के पीछे नकटिया नदी किनारे करीब 500 मीटर के दायरे में मेडिकल वेस्ट और अस्थियां बिखरी मिली थीं। बारादरी थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हड्डियों को इकट्ठा करके पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। शुक्रवार को हुए पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने सभी हड्डियां मानव की होने की पुष्टि की है। खोपड़ी की हालत देखकर डॉक्टरों का अनुमान है कि उस पर मेडिकल लैब में प्रयोग किए गए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि हड्डियों को विस्तृत जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
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अस्थियाें के मामले से स्वास्थ्य विभाग ने पल्ला झाड़ा
पोस्टमार्टम के बाद अब विभाग नहीं करेगा कोई पड़ताल
बरेली। रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के पास मिलीं अस्थियां मानव की होने की पुष्टि हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है। स्वास्थ्य विभाग अब अपनी ओर से इसकी कोई जांच नहीं कराएगा। स्वास्थ्य विभाग अब यह जानने की कोशिश भी नहीं करेगा कि आखिर मानव अस्थियां नदी किनारे कैसी पहुंचीं, जबकि मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज पार्किंग क्षेत्र में अस्थियां और मानव खोपड़ी के अलावा मेडिकल वेस्ट और प्रयोग किए गए पैड मिले थे। मेडिकल कॉलेज के सामने ही कूड़ा जलाया भी जा रहा है। मानव अस्थियां मिलने की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार को मौके पर भेजा लेकिन तब तक पुलिस अस्थियां पोस्टमार्टम के लिए ले जा चुकी थी। हालांकि डॉ. अशोक कुमार को मौके पर कूड़ा जलता मिला था और मेडिकल वेस्ट भी पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मानव अस्थियां मिलने की पुष्टि के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, जबकि मानव अस्थियां और अन्य मेडिकल सामग्री बायो वेस्ट के अंतर्गत ही आते हैं।
मेडिकल वेस्ट के मामले में केशलता अस्पताल पर होगा जुर्माना
मेडिकल वेस्ट सड़क पर फेंकने के मामले में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से केशलता अस्पताल को नोटिस भेजा गया है। चेतावनी दी गई है कि मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को अनुबंध के आधार पर एजेंसी को ही दें। भविष्य में अगर मेडिकल वेस्ट बाहर फेंका गया तो अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि बायो वेस्ट फेंकते रंगे हाथों पक ड़े जाने के चलते नगर निगम की ओर से जुर्माना ठोंका जाएगा। हालांकि जुर्माने की रकम बहुत अधिक नहीं है।
कोट
अस्थियां मिलने के मामले में तुरंत जांच के आदेश दिए गए थे और एसीएमओ को पड़ताल के लिए भेजा था, लेकिन उनके जाने तक पुलिस अस्थियाें को अपने साथ ले गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी मुझे नहीं है।
- डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ