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Bareilly News: नदी में डूबे एमबीबीएस छात्र का मिला शव
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फाइल फोटो मृतक शनि एवं नदी में खोजते गोताखोर
फतेहगंज पश्चिमी। नदी में नहाते समय शनिवार रात डूबे एमबीबीएस छात्र शनिदेव का शव रविवार को गांव के गोताखोरों ने खोज निकाला। वह हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले का रहने वाला था। हादसे की सूचना नहीं देने से नाराज परिजनों ने काॅलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया, पर कोई तहरीर नहीं दी है।
फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के राजश्री मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे आराध्य मिश्रा और शनिदेव शनिवार रात गांव पिपरिया के पास बहगुल और भाखड़ा नदियों के संगम पर नहाने गए थे। इस दौरान दोनों गहरे पानी में डूबने लगे। शोर सुनकर नदी के तट पर घूम रहे ग्रामीण सोहनलाल और देवकी नंदन ने आराध्य मिश्रा को सकुशल बचा लिया, लेकिन शनिदेव का कुछ पता नहीं चल सका।
रविवार सुबह इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में गांव के गोताखोरों ने करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद शनिदेव का शव खोज निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा है। संवाद
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बचपन से था होनहार
मृतक के ताऊ कैलाश यादव ने बताया कि शनिदेव के माता-पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। वह इकलौता था। मेधावी होने के कारण वह उसकी पढ़ाई करवा रहे थे। उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि होनहार शनि अचानक इतना लापरवाह कैसे हो गया? ताऊ के साथ मृतक के चाचा प्रीतम यादव, रमेश यादव, डॉ. जितेंद्र सिंह, तहेरे भाई राकेश यादव, अरुण यादव भी आए थे। सभी रो-रोकर बेहाल हो रहे थे। एसडीएम तृप्ति गुप्ता और इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के राजश्री मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे आराध्य मिश्रा और शनिदेव शनिवार रात गांव पिपरिया के पास बहगुल और भाखड़ा नदियों के संगम पर नहाने गए थे। इस दौरान दोनों गहरे पानी में डूबने लगे। शोर सुनकर नदी के तट पर घूम रहे ग्रामीण सोहनलाल और देवकी नंदन ने आराध्य मिश्रा को सकुशल बचा लिया, लेकिन शनिदेव का कुछ पता नहीं चल सका।
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रविवार सुबह इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में गांव के गोताखोरों ने करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद शनिदेव का शव खोज निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा है। संवाद
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बचपन से था होनहार
मृतक के ताऊ कैलाश यादव ने बताया कि शनिदेव के माता-पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। वह इकलौता था। मेधावी होने के कारण वह उसकी पढ़ाई करवा रहे थे। उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि होनहार शनि अचानक इतना लापरवाह कैसे हो गया? ताऊ के साथ मृतक के चाचा प्रीतम यादव, रमेश यादव, डॉ. जितेंद्र सिंह, तहेरे भाई राकेश यादव, अरुण यादव भी आए थे। सभी रो-रोकर बेहाल हो रहे थे। एसडीएम तृप्ति गुप्ता और इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।

फाइल फोटो मृतक शनि एवं नदी में खोजते गोताखोर