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शिकारी काले हिरन को मारकर फेंक गए, रेंजर बोले-कल देखेंगे
बरेली
Updated Sat, 11 Jul 2015 12:15 AM IST
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मीरगंज। परचई गांव में धान के खेत में पहुंचे काले हिरन को शिकारियों ने लाठियों से पीटकर मार डाला। वह उसे बोरे में डालकर ले जा रहे थे, ग्रामीणों ने दौड़ाया तो उसे तालाब में फेंककर भाग गए। सूचना पर दुनका चौकी की पुलिस पहुंची मगर अंधेरा होने की बात कहकर लौट गई। रेंजर ने पहले तो ऐसी घटना से इन्कार कर दिया फिर कहा कि शनिवार सुबह देखा जाएगा।
परचई गांव के कई लोग शुक्रवार शाम अपने खेतों में काम कर रहे थे। तभी धान रोपाई के कीचड़ वाले एक खेत में काला हिरन फंस गया। यहां मौजूद तीन लोगों ने हिरन को घेर लिया और लाठी डंडों से पीटकर मार डाला। पड़ोस के खेत में काम कर रहे कुछ ग्रामीणों ने ये देखा तो आवाज लगाकर दूसरे लोगों को भी बुला लिया। इस बीच शिकारी मरे हिरन को बोरे में भरकर भागने लगे। ग्रामीणों ने पीछा किया तो शिकारी बोरे को गांव में मंदिर के पास स्थित तालाब में फेंककर भाग गए। इसके बाद भीड़ मौके पर जमा हो गई। उन्होंने दुनका पुलिस चौकी पर सूचना दी। बताते हैं कि चौकी के दो सिपाही मौके पर पहुंचे भी पर शाम ढलने की बात कहकर वापस चले आए। ग्रामीण अंधेरा होने तक पुलिस या वन विभाग की टीम के पहुंचने की आस में तालाब किनारे डटे रहे। जब कोई नहीं आया तो लौट गए। वन क्षेत्राधिकारी अनिल मिश्र ने पहले तो घटना की जानकारी से ही इन्कार कर दिया। बाद में बताया कि फारेस्ट गार्ड ने किसी जानवर के मारे जाने की सूचना तो दी है लेकिन पुष्टि विभागीय कर्मियों के पहुंचने पर शनिवार सुबह ही हो पाएगी। उधर, एसओ शाही सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस ने तालाब और संदेह के आधार पर कुछ घरों में तलाश की पर हिरन का शव नहीं मिला। सुबह फिर से तालाब में शव की तलाश कराई जाएगी।
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परचई गांव के कई लोग शुक्रवार शाम अपने खेतों में काम कर रहे थे। तभी धान रोपाई के कीचड़ वाले एक खेत में काला हिरन फंस गया। यहां मौजूद तीन लोगों ने हिरन को घेर लिया और लाठी डंडों से पीटकर मार डाला। पड़ोस के खेत में काम कर रहे कुछ ग्रामीणों ने ये देखा तो आवाज लगाकर दूसरे लोगों को भी बुला लिया। इस बीच शिकारी मरे हिरन को बोरे में भरकर भागने लगे। ग्रामीणों ने पीछा किया तो शिकारी बोरे को गांव में मंदिर के पास स्थित तालाब में फेंककर भाग गए। इसके बाद भीड़ मौके पर जमा हो गई। उन्होंने दुनका पुलिस चौकी पर सूचना दी। बताते हैं कि चौकी के दो सिपाही मौके पर पहुंचे भी पर शाम ढलने की बात कहकर वापस चले आए। ग्रामीण अंधेरा होने तक पुलिस या वन विभाग की टीम के पहुंचने की आस में तालाब किनारे डटे रहे। जब कोई नहीं आया तो लौट गए। वन क्षेत्राधिकारी अनिल मिश्र ने पहले तो घटना की जानकारी से ही इन्कार कर दिया। बाद में बताया कि फारेस्ट गार्ड ने किसी जानवर के मारे जाने की सूचना तो दी है लेकिन पुष्टि विभागीय कर्मियों के पहुंचने पर शनिवार सुबह ही हो पाएगी। उधर, एसओ शाही सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस ने तालाब और संदेह के आधार पर कुछ घरों में तलाश की पर हिरन का शव नहीं मिला। सुबह फिर से तालाब में शव की तलाश कराई जाएगी।
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