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UP: इन सीटों पर दावेदारी को लेकर इनके बीच रस्साकशी, वरुण गांधी की जगह इन्हें मिलेगा टिकट! संघमित्रा पर असमंजस
Thu, 14 Mar 2024 10:34 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 14 Mar 2024 10:34 AM IST
सार
Bjp Candidate List 2024: भाजपा ने लोकसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में यूपी के किसी उम्मीदवार का नाम नहीं है। यूपी में अब तीसरी सूची का इंतजार। दावेदारों की सांसें अटक गई हैं।
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Bjp Candidate List
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मंडल की तीन लोकसभा सीटों बरेली, बदायूं और पीलीभीत से भाजपा के दावेदारों का इंतजार और बढ़ गया है। उम्मीद थी कि पार्टी की दूसरी सूची में इन सीटों पर प्रत्याशी तय हो जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बुधवार को दूसरी सूची जारी होने के बाद तीनों लोकसभा क्षेत्रों में बदलाव के कयास और तेज हो गए। हालांकि, मौजूदा सांसदों के समर्थक इन कयासों को लगातार खारिज कर रहे हैं।
बरेली सीट से सांसद संतोष गंगवार की लगातार दसवीं बार उम्मीदवारी में उम्र आड़े आ रही है। सूत्रों के अनुसार, हेमा मालिनी समेत कुछ अन्य नेताओं को टिकट मिलने का हवाला देकर वह अपने पक्ष में मजबूत पैरवी में जुटे हैं।
वहीं, बदायूं सांसद संघमित्रा मौर्य के सामने उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा के खिलाफ लगातार विवादित बयानों ने संकट खड़ा कर रखा था। हालांकि, स्वामी प्रसाद ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी का गठन कर समाजवादी पार्टी से राहें जुदा कर ली हैं।
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इसके जरिये संघमित्रा लगातार दूसरी बार टिकट हासिल करने की कोशिश में हैं। इधर, पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने व्यवस्था विरोधी बयान देकर अपनी उम्मीदवारी खतरे में डाल दी है। टिकट के लिए बढ़ते इंतजार के बीच वरुण के बोल बदले हैं। पिछले दिनों पीलीभीत को मिली सौगातों पर उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया था।
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बरेली सीट से सांसद संतोष गंगवार की लगातार दसवीं बार उम्मीदवारी में उम्र आड़े आ रही है। सूत्रों के अनुसार, हेमा मालिनी समेत कुछ अन्य नेताओं को टिकट मिलने का हवाला देकर वह अपने पक्ष में मजबूत पैरवी में जुटे हैं।
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वहीं, बदायूं सांसद संघमित्रा मौर्य के सामने उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा के खिलाफ लगातार विवादित बयानों ने संकट खड़ा कर रखा था। हालांकि, स्वामी प्रसाद ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी का गठन कर समाजवादी पार्टी से राहें जुदा कर ली हैं।
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इसके जरिये संघमित्रा लगातार दूसरी बार टिकट हासिल करने की कोशिश में हैं। इधर, पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने व्यवस्था विरोधी बयान देकर अपनी उम्मीदवारी खतरे में डाल दी है। टिकट के लिए बढ़ते इंतजार के बीच वरुण के बोल बदले हैं। पिछले दिनों पीलीभीत को मिली सौगातों पर उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया था।
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दूसरे दावेदारों की उम्मीदों का कमल खिला
दूसरी सूची में भी तीनों सीटों से उम्मीदवारों की घोषणा न होने को मौजूदा सांसदों के सामने दावेदारी कर रहे दूसरे नेता अपने लिए सकारात्मक मान रहे हैं। उनका मानना है कि पुराने नामों पर ही मुहर लगानी होती तो पार्टी आलाकमान पहली ही सूची में उम्मीदवारों की घोषणा कर देते।
दूसरी सूची में भी तीनों सीटों से उम्मीदवारों की घोषणा न होने को मौजूदा सांसदों के सामने दावेदारी कर रहे दूसरे नेता अपने लिए सकारात्मक मान रहे हैं। उनका मानना है कि पुराने नामों पर ही मुहर लगानी होती तो पार्टी आलाकमान पहली ही सूची में उम्मीदवारों की घोषणा कर देते।
इस आधार पर वे दावा कर रहे हैं कि बदलाव तय है, इसीलिए इंतजार लंबा खिंच रहा है। फिलहाल, राम लहर के बीच अपने-अपने हिसाब से जातिगत समीकरणों को आधार बनाकर दावेदार दिल्ली के दरबार तक हाजिरी लगा रहे हैं।
असमंजस भी, बदलाव न होने का दावा भी
तीनों सीटों पर सांसदों के समर्थक अपने-अपने हिसाब से तर्क दे रहे हैं। उनका मानना है कि सांसदों को टिकट बंटवारे में देरी का फायदा मिलेगा। एक सांसद के करीबी का कहना है कि यह देरी उनके नेता के लिए क्षेत्र में सहानुभूति की लहर पैदा करेगी।
तीनों सीटों पर सांसदों के समर्थक अपने-अपने हिसाब से तर्क दे रहे हैं। उनका मानना है कि सांसदों को टिकट बंटवारे में देरी का फायदा मिलेगा। एक सांसद के करीबी का कहना है कि यह देरी उनके नेता के लिए क्षेत्र में सहानुभूति की लहर पैदा करेगी।
कुछ नेता तो बड़े पदाधिकारियों के हवाले से तीनों सीटों पर टिकटों में कोई बदलाव न होने का दावा कर रहे हैं। इधर, असमंजस भरे माहौल में मौजूदा सांसद लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच सक्रिय हैं। हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में उपस्थिति भी दर्ज करा रहे हैं।
दावेदारी को लेकर इनके बीच रस्साकशी
बरेली सीट से सांसद संतोष गंगवार के अलावा महापौर उमेश गौतम, शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक हरिशंकर गंगवार, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. विजय गंगवार दावेदारी कर रहे हैं।
बदायूं से संघमित्रा मौर्य के अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, भाजपा ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, सिनोद शाक्य और रामसेवक सिंह पटेल की दावेदारी चर्चा में है।
पीलीभीत से मौजूदा सांसद वरुण गांधी के सामने गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार, बिथरी चैनपुर से विधायक रहे राजेश मिश्रा (पप्पू भरतौल) के नामों की चर्चा है।
बदायूं से संघमित्रा मौर्य के अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, भाजपा ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, सिनोद शाक्य और रामसेवक सिंह पटेल की दावेदारी चर्चा में है।
पीलीभीत से मौजूदा सांसद वरुण गांधी के सामने गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार, बिथरी चैनपुर से विधायक रहे राजेश मिश्रा (पप्पू भरतौल) के नामों की चर्चा है।
चर्चा यह भी
...और अपना टिकट कटवाने में जुट गए मंत्री
सूत्रों के अनुसार, पीलीभीत सीट से प्रदेश सरकार के एक मंत्री को मैदान में उतरने के लिए कहा गया। हालांकि, वह बरेली मंडल के बाहर दूसरी सीट से टिकट चाहते थे। उस सीट पर पहली ही सूची में प्रत्याशी की घोषणा हो चुकी है। पिछले सप्ताह उन्होंने दिल्ली पहुंचकर अपना टिकट कटवाने की पैरवी की है। माना जा रहा है कि पीलीभीत से वरुण गांधी का टिकट कटा तो भी वह इसी सीट से मैदान में उतरेंगे। ऐसे में मंत्री को जीत की राह आसान नहीं नजर आ रही है।
...और अपना टिकट कटवाने में जुट गए मंत्री
सूत्रों के अनुसार, पीलीभीत सीट से प्रदेश सरकार के एक मंत्री को मैदान में उतरने के लिए कहा गया। हालांकि, वह बरेली मंडल के बाहर दूसरी सीट से टिकट चाहते थे। उस सीट पर पहली ही सूची में प्रत्याशी की घोषणा हो चुकी है। पिछले सप्ताह उन्होंने दिल्ली पहुंचकर अपना टिकट कटवाने की पैरवी की है। माना जा रहा है कि पीलीभीत से वरुण गांधी का टिकट कटा तो भी वह इसी सीट से मैदान में उतरेंगे। ऐसे में मंत्री को जीत की राह आसान नहीं नजर आ रही है।
बरेली से गंगवार नहीं तो पीलीभीत से गंगवार
पार्टी का एक धड़ा यह भी दावा कर रहा है कि बरेली से संतोष गंगवार का टिकट कटा तो पार्टी इस वोट बैंक को साधे रहने के लिए पीलीभीत से गंगवार प्रत्याशी पर दांव खेल सकती है। ऐसे में बरेली से सवर्ण उम्मीदवार उतारे जाने की संभावना अधिक है। हालांकि, बरेली में गंगवार की जगह गंगवार को ही टिकट दिए जाने की भी पैरवी की जा रही है।
पार्टी का एक धड़ा यह भी दावा कर रहा है कि बरेली से संतोष गंगवार का टिकट कटा तो पार्टी इस वोट बैंक को साधे रहने के लिए पीलीभीत से गंगवार प्रत्याशी पर दांव खेल सकती है। ऐसे में बरेली से सवर्ण उम्मीदवार उतारे जाने की संभावना अधिक है। हालांकि, बरेली में गंगवार की जगह गंगवार को ही टिकट दिए जाने की भी पैरवी की जा रही है।
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