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Bareilly News: जागरूकता से घट रही जन्मदर, हर साल बढ़ रहा लिंगानुपात
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बरेली। बच्चों की बेहतर परवरिश, अच्छी शिक्षा के साथ भविष्य संवारने के लिए दंपतियों में परिवार नियोजन के प्रति रुझान बढ़ा है। बेटा-बेटी में समानता का भाव आने की वजह से जिले का लिंगानुपात भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञ इससे सामाजिक सोच में बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार जन्मदर 2.2 फीसदी और लिंगानुपात 949 पहुंच गया है।
परिवार नियोजन के लिए जागरूकता मुहिम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी वर्ष 2020 से पहले जन्म तीन फीसदी से अधिक थी। कोरोना महामारी के बाद जन्मदर साल दर साल कम होती रही। वर्ष 2023-24 में जन्मदर 2.4 फीसदी थी जो पिछले वर्ष 2.2 फीसदी पर आ गई। फैमिली प्लानिंग काउंसलर अरुण पांडेय के मुताबिक, अब औसतन बरेली के दंपती दो बच्चे पैदा कर रहे हैं। लिंगानुपात भी साल दर साल बढ़ता जा रहा है। अब प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 949 पहुंच गई है।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक, परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता मुहिम का सकारात्मक असर दिख रहा है। 80 फीसदी से अधिक दंपती किसी न किसी साधन को अपना रहे हैं।
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हम दो, हमारे दो का बढ़ा चलन
बरेली कॉलेज में समाज शास्त्र की विभागाध्यक्ष प्रो. नवनीत कौर आहूजा के मुताबिक, बेहतर परवरिश के लिए बच्चों की संख्या सीमित रखने के प्रति दंपती जागरूक हुए हैं। इसका असर जन्मदर घटने के तौर पर सामने आया है। आगे इसमें और कमी आने की संभावना है।
छह साल पहले 925 था जिले का लिंगानुपात
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में जिले का लिंगानुपात 925 था। वर्ष 2021 में 930, 2022 में 932, 2023 में 938, 2024 में 943, 2025 में 949 दर्ज हुई। इस वर्ष बीते छह माह में 23,237 लड़के और 22,756 लड़कियों का जन्म हुआ है। इस तरह से इनका लिंगानुपात 979 है।
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परिवार नियोजन के लिए जागरूकता मुहिम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी वर्ष 2020 से पहले जन्म तीन फीसदी से अधिक थी। कोरोना महामारी के बाद जन्मदर साल दर साल कम होती रही। वर्ष 2023-24 में जन्मदर 2.4 फीसदी थी जो पिछले वर्ष 2.2 फीसदी पर आ गई। फैमिली प्लानिंग काउंसलर अरुण पांडेय के मुताबिक, अब औसतन बरेली के दंपती दो बच्चे पैदा कर रहे हैं। लिंगानुपात भी साल दर साल बढ़ता जा रहा है। अब प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 949 पहुंच गई है।
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सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक, परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता मुहिम का सकारात्मक असर दिख रहा है। 80 फीसदी से अधिक दंपती किसी न किसी साधन को अपना रहे हैं।
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हम दो, हमारे दो का बढ़ा चलन
बरेली कॉलेज में समाज शास्त्र की विभागाध्यक्ष प्रो. नवनीत कौर आहूजा के मुताबिक, बेहतर परवरिश के लिए बच्चों की संख्या सीमित रखने के प्रति दंपती जागरूक हुए हैं। इसका असर जन्मदर घटने के तौर पर सामने आया है। आगे इसमें और कमी आने की संभावना है।
छह साल पहले 925 था जिले का लिंगानुपात
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में जिले का लिंगानुपात 925 था। वर्ष 2021 में 930, 2022 में 932, 2023 में 938, 2024 में 943, 2025 में 949 दर्ज हुई। इस वर्ष बीते छह माह में 23,237 लड़के और 22,756 लड़कियों का जन्म हुआ है। इस तरह से इनका लिंगानुपात 979 है।