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भाई दूज आज: सुबह साढ़े नौ बजे शुरू होकर पूरे दिन रहेगा शुभ मुहूर्त
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भाइयों को टीका करती एक बहन। (प्रतीकात्मक)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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मान्यता: बहनों के अंगूठे में होता है अमृत का वास
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बरेली। सोमवार को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। भाइयों की दीर्घायु की कामना करते हुए बहनें उन्हें तिलक करेंगी। यम द्वितीय तिथि होने की वजह से इस दिन चित्रगुप्त और यम पूजन भी किया जाएगा।
पंडित राकेश पांडेय के अनुसार काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विश्व पंचांग के अनुसार भाई दूज के लिए शुभ समय सोमवार सुबह 9:32 बजे से शुरू होकर पूरे दिन रहेगा। तिथि मृत्युनाशक यम द्वितीया है। प्राचीनकाल से ही मान्यता है कि मनुष्य को मृत्यु निवारण के लिए किसी ज्ञानी ब्राह्मण को अलंकार सहित दुधारू गाय दान करनी चाहिए और इसके बाद सगी बहन के घर जाकर आयु वृद्धि के लिए वहां भोजन करना चाहिए। हिंदू ग्रंथों में उल्लेख है कि कार्तिक शुक्ल द्वितीया पर यमुना जी ने अपने भाई यमराज को अपने घर भोजन कराकर उनका सत्कार किया था। इसी कारण इस दिन पाश में बंधे नारकीय पापियों को भी छोड़ देते हैं। इस दिन बहन के अंगूठे में अमृत का वास होना माना जाता है। बहन से टीका कराने के बाद उसके पैरों छूकर यथाशक्ति उसका मान-सम्मान करना चाहिए।
पंडित राकेश पांडेय के अनुसार काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विश्व पंचांग के अनुसार भाई दूज के लिए शुभ समय सोमवार सुबह 9:32 बजे से शुरू होकर पूरे दिन रहेगा। तिथि मृत्युनाशक यम द्वितीया है। प्राचीनकाल से ही मान्यता है कि मनुष्य को मृत्यु निवारण के लिए किसी ज्ञानी ब्राह्मण को अलंकार सहित दुधारू गाय दान करनी चाहिए और इसके बाद सगी बहन के घर जाकर आयु वृद्धि के लिए वहां भोजन करना चाहिए। हिंदू ग्रंथों में उल्लेख है कि कार्तिक शुक्ल द्वितीया पर यमुना जी ने अपने भाई यमराज को अपने घर भोजन कराकर उनका सत्कार किया था। इसी कारण इस दिन पाश में बंधे नारकीय पापियों को भी छोड़ देते हैं। इस दिन बहन के अंगूठे में अमृत का वास होना माना जाता है। बहन से टीका कराने के बाद उसके पैरों छूकर यथाशक्ति उसका मान-सम्मान करना चाहिए।
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