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Bareilly News: संरक्षित पशुओं के सिर कटे शव मिले, हिंदूवादी संगठनों ने अलीगंज-सिरौली मार्ग लगाया जाम
Tue, 15 Sep 2026 01:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:06 AM IST
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गुलड़िया/अलीगंज। खटेटा और भजनई गांव के बीच सोमवार को संरक्षित पशुओं के सिर कटे दो शव मिलने पर हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने घटनास्थल के पास अलीगंज-सिरौली मार्ग पर जाम लगा दिया। शाम पांच बजे से धरना-प्रदर्शन कर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। तीन घंटे बाद अफसर मौके पर पहुंचे। पदाधिकारियों ने बीडीओ पर फोन कॉल का जवाब नहीं देने और कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की भी मांग की। रात नौ बजे पहुंचे एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शवों को दफन कराया।
गांव भजनई के पास सड़क किनारे आसपास के कई गांवों के मृत पशुओं को दफनाया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, दो दिन पहले कोई दो संरक्षित पशुओं के सिर कटे शवों को वहां पानी में फेंक गया। दो दिन बाद शव पानी में उतराने लगे। भजनई गांव की प्रशासक नेमवती ने जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर शवों को दफनाने के लिए भेजा।
सूचना पर अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष पवन हिंदू, विकास शर्मा, संदेश पाराशरी, नवीन ठाकुर, शिवम, सचिन श्रीवास्तव, निर्मल मौर्य आदि पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पशुओं के शवों को दफनाने से रोक दिया। सभी अलीगंज-सिरौली मार्ग पर धरना-प्रदर्शन करने लगे। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अलीगंज पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो उनसे भी झपड़ हो गई।
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सीओ आंवला हेमंत उपाध्याय और मझगवां के खंड विकास अधिकारी भगवानदास आदि ने पहुंचकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर डटे रहे। बजरंग दल के हर्ष गुप्ता ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। आरोप लगाया कि गोशाला होने के बावजूद गोकशी बढ़ रही है। बीडीओ व अन्य अधिकारी कॉल भी रिसीव नहीं करते हैं। उन्होंने बीडीओ के इस्तीफे की भी मांग की।
रात नौ बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम ने गतिरोध खत्म कराया।
वर्जन
गांव भजनई व गुलड़िया के ग्राम प्रशासकों की ओर से बताया गया कि इस स्थान पर पहले से ही मृत पशुओं के शवों को रखते हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों को मंगलवार को तहसील सभागार में बुलाया गया है। उनके आरोपों को सुना जाएगा। समाधान का प्रयास किया जाएगा। बैठक में बीडीओ और सीओ भी मौजूद रहेंगे। - सुशील मिश्रा, एसडीएम
मृत पशुओं को दफना दिया गया है। हिंदूवादी संगठनों ने जो जाम लगाया था, उसे खुलवा दिया है। प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ भजनई की प्रशासक ने तहरीर दी है। सभी पक्षों को मंगलवार को तहसील सभागार में बुलाया गया है। - हेमंत उपाध्याय, सीओ आंवला
चार घंटे लगा जाम, एंबुलेंस भी फंसी
अलीगंज-सिरौली मार्ग पर जाम की वजह से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अलीगंज से सिरौली की ओर जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंसी। एक घंटे की मशक्कत के बाद मरीज की तबीयत का हवाला देकर उसको निकलवाया गया। शाम सात बजे प्रदर्शनकारियों को समझाकर आधा रास्ता खुलवाया गया। आधे घंटे बाद कार्यकर्ता फिर सड़क पर जुट गए। इस दौरान धीरे-धीरे कुछ वाहनों को निकाला गया। रात में एसडीएम से वार्ता के बाद पूरी तरह यातायात बहाल हो सका।
हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों पर 25 हजार मांगने के आरोप
भजनई गांव की प्रशासक नेमवती ने अलीगंज पुलिस को तहरीर देकर बताया कि मृत पशुओं के शव उतराने की सूचना मिली थी। उन्होंने जेसीबी भेजकर दबाने का इंतजाम कराया। आरोप है कि 20-25 लोगों ने खुद को हिंदूवादी संगठनों का पदाधिकारी बताया। उन्होंने 25 हजार रुपये मांगे। रुपये न देने पर बवाल की धमकी दी। रुपये नहीं मिले तो साथियों संग सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान मरीजों, बच्चों समेत सभी राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।
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गांव भजनई के पास सड़क किनारे आसपास के कई गांवों के मृत पशुओं को दफनाया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, दो दिन पहले कोई दो संरक्षित पशुओं के सिर कटे शवों को वहां पानी में फेंक गया। दो दिन बाद शव पानी में उतराने लगे। भजनई गांव की प्रशासक नेमवती ने जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर शवों को दफनाने के लिए भेजा।
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सूचना पर अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष पवन हिंदू, विकास शर्मा, संदेश पाराशरी, नवीन ठाकुर, शिवम, सचिन श्रीवास्तव, निर्मल मौर्य आदि पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पशुओं के शवों को दफनाने से रोक दिया। सभी अलीगंज-सिरौली मार्ग पर धरना-प्रदर्शन करने लगे। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अलीगंज पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो उनसे भी झपड़ हो गई।
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सीओ आंवला हेमंत उपाध्याय और मझगवां के खंड विकास अधिकारी भगवानदास आदि ने पहुंचकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर डटे रहे। बजरंग दल के हर्ष गुप्ता ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। आरोप लगाया कि गोशाला होने के बावजूद गोकशी बढ़ रही है। बीडीओ व अन्य अधिकारी कॉल भी रिसीव नहीं करते हैं। उन्होंने बीडीओ के इस्तीफे की भी मांग की।
रात नौ बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम ने गतिरोध खत्म कराया।
वर्जन
गांव भजनई व गुलड़िया के ग्राम प्रशासकों की ओर से बताया गया कि इस स्थान पर पहले से ही मृत पशुओं के शवों को रखते हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों को मंगलवार को तहसील सभागार में बुलाया गया है। उनके आरोपों को सुना जाएगा। समाधान का प्रयास किया जाएगा। बैठक में बीडीओ और सीओ भी मौजूद रहेंगे। - सुशील मिश्रा, एसडीएम
मृत पशुओं को दफना दिया गया है। हिंदूवादी संगठनों ने जो जाम लगाया था, उसे खुलवा दिया है। प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ भजनई की प्रशासक ने तहरीर दी है। सभी पक्षों को मंगलवार को तहसील सभागार में बुलाया गया है। - हेमंत उपाध्याय, सीओ आंवला
चार घंटे लगा जाम, एंबुलेंस भी फंसी
अलीगंज-सिरौली मार्ग पर जाम की वजह से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अलीगंज से सिरौली की ओर जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंसी। एक घंटे की मशक्कत के बाद मरीज की तबीयत का हवाला देकर उसको निकलवाया गया। शाम सात बजे प्रदर्शनकारियों को समझाकर आधा रास्ता खुलवाया गया। आधे घंटे बाद कार्यकर्ता फिर सड़क पर जुट गए। इस दौरान धीरे-धीरे कुछ वाहनों को निकाला गया। रात में एसडीएम से वार्ता के बाद पूरी तरह यातायात बहाल हो सका।
हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों पर 25 हजार मांगने के आरोप
भजनई गांव की प्रशासक नेमवती ने अलीगंज पुलिस को तहरीर देकर बताया कि मृत पशुओं के शव उतराने की सूचना मिली थी। उन्होंने जेसीबी भेजकर दबाने का इंतजाम कराया। आरोप है कि 20-25 लोगों ने खुद को हिंदूवादी संगठनों का पदाधिकारी बताया। उन्होंने 25 हजार रुपये मांगे। रुपये न देने पर बवाल की धमकी दी। रुपये नहीं मिले तो साथियों संग सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान मरीजों, बच्चों समेत सभी राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।