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Bareilly News: संभलकर चलिए... मंजिल की जगह अस्पताल पहुंचा देंगे सड़कों के गड्ढे
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बरेली। शहर की सड़कों पर बेशुमार गड्ढे हैं। संभलकर नहीं चले तो आप मंजिल की जगह अस्पताल पहुंच जाएंगे। खस्ताहाल सड़कें नगर निगम के निर्माण विभाग की लापरवाही बयां कर रही हैं। गली-मोहल्लों की बात छोड़िए, मुख्य मार्गों पर भी गड्ढों की भरमार है। इन गड्ढों को बचकर निकलने में ही भलाई है। अटामांडा धौराशाही मार्ग पर गड्ढे की वजह दो जानें चलीं गईं। इसके बाद भी अभियंता नहीं चेत रहे हैं।
पटेल चौक से नगर निगम की ओर आगे बढ़ेंगे तो बाएं हाथ पर एक गड्ढा है। श्यामगंज पुल से प्रेमनगर और माधौबाड़ी की ओर जाएंगे तो सड़क के गड्ढों में बाइक असंतुलित होकर गिर सकती है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी तो चार पहिया गाड़ियों में निकल जाते हैं पर असली खतरा तो बाइक सवारों के लिए है। उनके वाहन असंतुलित होने पर गिरने का खतरा रहता है। रामपुर गार्डन निवासी उमानाथ अग्रवाल ने बताया कि ईंट पजाया चौराहे से मूर्ति नर्सिंग होम तक खतरनाक गड्ढे हैं। वह दो बार स्कूटर से गिर चुके हैं। एक बार घुटने में चोट आई थी तो दूसरी बार हाथ छिल गया था। पार्षद राजेश अग्रवाल को अवगत करा चुके हैं। पार्षद ने नगर निगम में आवाज उठाई पर सड़कें ठीक नहीं हो पाईं। नगर निगम की दो बैठकों में गड्ढों का मुद्दा छाया रहा। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए काम तो कराए गए हैं। अगर कहीं किसी सड़क में गड्ढा रह गया है तो उसे भी ठीक कराएंगे।
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चौकी चौराहे से अय्यूब खां चौराहे की ओर चलेंगे तो सड़क पर खतरनाक गड्ढे से आपका सामना होगा। दूर से इसको लेकर कोई संकेत नहीं मिलता। करीब जाकर ही खतरे से बचाव करना है।
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चौपुला चौराहे से दिनभर में छोटे-बड़े दस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। वहां मुख्य सड़क पर टिन पड़ा है। कबाड़खाना इतना है कि वाहन फिसलने की वजह से आप चोटिल भी हो सकते हैं।
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कालीबाड़ी पुलिया के पास मुख्य मार्ग पर गड्ढा है। आसपास के लोग बताते हैं कि नगर निगम के अफसर यहां से कार से गुजरते हैं, लेकिन गड्ढे भरने के लिए आज तक कोई टीम नहीं भेजी।
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श्यामगंज चौराहे पर लंबे समय तक नाला खुला रहा। नगर निगम नेे इसे बंद कराया पर ढक्कन इस तरह से लगाए कि आवागमन में खतरा बरकरार है। लोग बचकर न निकलें तो चोट खा सकते हैं।
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पटेल चौक से नगर निगम की ओर आगे बढ़ेंगे तो बाएं हाथ पर एक गड्ढा है। श्यामगंज पुल से प्रेमनगर और माधौबाड़ी की ओर जाएंगे तो सड़क के गड्ढों में बाइक असंतुलित होकर गिर सकती है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी तो चार पहिया गाड़ियों में निकल जाते हैं पर असली खतरा तो बाइक सवारों के लिए है। उनके वाहन असंतुलित होने पर गिरने का खतरा रहता है। रामपुर गार्डन निवासी उमानाथ अग्रवाल ने बताया कि ईंट पजाया चौराहे से मूर्ति नर्सिंग होम तक खतरनाक गड्ढे हैं। वह दो बार स्कूटर से गिर चुके हैं। एक बार घुटने में चोट आई थी तो दूसरी बार हाथ छिल गया था। पार्षद राजेश अग्रवाल को अवगत करा चुके हैं। पार्षद ने नगर निगम में आवाज उठाई पर सड़कें ठीक नहीं हो पाईं। नगर निगम की दो बैठकों में गड्ढों का मुद्दा छाया रहा। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए काम तो कराए गए हैं। अगर कहीं किसी सड़क में गड्ढा रह गया है तो उसे भी ठीक कराएंगे।
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चौकी चौराहे से अय्यूब खां चौराहे की ओर चलेंगे तो सड़क पर खतरनाक गड्ढे से आपका सामना होगा। दूर से इसको लेकर कोई संकेत नहीं मिलता। करीब जाकर ही खतरे से बचाव करना है।
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चौपुला चौराहे से दिनभर में छोटे-बड़े दस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। वहां मुख्य सड़क पर टिन पड़ा है। कबाड़खाना इतना है कि वाहन फिसलने की वजह से आप चोटिल भी हो सकते हैं।
कालीबाड़ी पुलिया के पास मुख्य मार्ग पर गड्ढा है। आसपास के लोग बताते हैं कि नगर निगम के अफसर यहां से कार से गुजरते हैं, लेकिन गड्ढे भरने के लिए आज तक कोई टीम नहीं भेजी।
श्यामगंज चौराहे पर लंबे समय तक नाला खुला रहा। नगर निगम नेे इसे बंद कराया पर ढक्कन इस तरह से लगाए कि आवागमन में खतरा बरकरार है। लोग बचकर न निकलें तो चोट खा सकते हैं।