फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   BDA officer trapped in Talab Patkar township

तालाब पाटकर टाउनशिप बसवाने में फंसे बीडीए अफसर

Sat, 25 Jul 2020 02:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2020 02:27 AM IST
विज्ञापन
BDA officer trapped in Talab Patkar township
house - फोटो : अमर उजाला।

पूर्व वीसी, सेक्रेटरी, चीफ इंजीनियर और टाउन प्लानर जांच में दोषी मिले
विज्ञापन

कमिश्नर ने अपर मुख्य सचिव से की दोष्ी अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश

बरेली। शहर में विकसित की जा रही एक निजी टाउनशिप 113 निजी तालाबों को पाटकर बनाई जा रही है। अपर मुख्य सचिव गृह के आदेश पर कमिश्नर द्वारा कराई गई जांच में इस बात की पुष्टि हुई है। कमिश्नर की जांच में बीडीए के तत्कालीन वीसी, सेक्रेटरी, उप सचिव, चीफ इंजीनियर और नगर नियोजक को दोषी माना गया है। टाउनशिप के तलपट मानचित्र को नियमविरुद्ध व दोषीपूर्ण बताते हुए कमिश्नर ने इसके लिए जिम्मेदार सभी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश अपर मुख्य सचिव गृह से की है।
13 अगस्त 2019 को प्रमुख सचिव को मिली एक शिकायत के बाद इस मामले पर जांच बैठी थी। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने जांच पूरी करने के बाद अपर मुख्य सचिव गृह को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि सदर तहसील क्षेत्र के 18 गाटाओं पर स्थित निजी तालाबों को तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी नजरूल इस्लाम ने चकों में तब्दील कर दिया। नजरूल इस्लाम के रिटायर होने के बाद आए दूसरे चकबंदी अधिकारियों ने भी इसे नजरअंदाज किया। इसके लिए वह सभी दोषी हैं, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। कमिश्नर ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि चकबंदी एक्ट के अनुसार जहां चकबंदी प्रक्रिया चल रही हो वहां भूमि का उपयोग कृषि कार्य के अतिरिक्त अन्य किसी प्रयोजन के लिए नहीं किया जा सकता है। किसान अपनी मूल जोत के 300 मीटर पर ही गैर कृषि कार्य कर सकता है लेकिन इसके लिए उसे बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी से पूर्व अनुमति लेनी होगी। लेकिन निजी टाउनशिप बसाने वालों ने जब 101 गाटाओं की 100829.45 वर्ग मीटर भूमि पर तलपट मानचित्र स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया तो बीडीए अधिकारियों ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी से ऐसी कोई अनुमति नहीं ली। यदि ली भी होती तो यह सिर्फ 300 वर्ग मीटर के लिए ही हो सकती थी। कमिश्नर ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि टाउनशिप के तलपट मानचित्र में प्रदर्शित 101 गाटा संख्याओं में से 18 गाटा में निजी तालाब राजस्व रिकार्ड में हैं। इन्हें पाटकर समतल किया गया है। जांच रिपोर्ट कहती है कि सक्षम प्राधिकारी बरेली विकास प्राधिकरण के स्तर से तलपट मानचित्र स्वीकृत करने से पहले न तो जांच कराई गई और न ही नियमों का पालन किया गया। बीडीए अधिकारियों ने टाउनशिप का मानचित्र स्वीकृत करने में निर्धारित प्रक्रिया, मानकों और नियमों का पालन नहीं किया गया। दोषपूर्ण तलपट मानचित्र स्वीकृत करने के लिए बीडीए तत्कालीन उपाध्यक्ष, सचिव, उप सचिव, मुख्य अभियंता बरेली विकास प्राधिकरण एवं नगर नियोजक बरेली पूर्ण रूप से दोषी हैं। टाउनशिप का तलपट मानचित्र 28 सितंबर 2015 को स्वीकृत किया गया था।
विज्ञापन

कालोनाइजर को महंगी पड़ी बड़े साहब से नजदीकी

बरेली। कालोनाइजर को बड़े साहब से नजदीकियां महंगी पड़ गईं। बताते हैं कि कालोनाइजर का बड़े साहब से अच्छा उठना बैठना था। दोस्ती परवान चढ़ी तो लोगों की शिकायतें भी शुरू कर दीं। छोटी - मोटी खामियां दूसरों की बताकर पेंच कसवाए। वक्त के साथ दोस्ती में बेतकल्लुफी बढ़ती गई तो अपनी भी कुछ कमियां बता बैठे। बड़े साहब को मौका मिला और उन्होंने कालोनाइजर की भी फाइल खुलवा दी। खुद पर जांच बैठी तो बड़े साहब के दोस्त कालोनाइजर के होश फाख्ता हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed