फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Battle for supremacy in the district panchayat

जिला पंचायत में वर्चस्व की जंग

Tue, 05 Apr 2016 01:15 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Tue, 05 Apr 2016 01:15 AM IST
विज्ञापन
साफ साफ कहें तो तो जिला पंचायत में बड़े नेताओं को पहले ही काफी सेवा कर चुके संजय सिंह पर अब दबाव है कि बतौर अध्यक्ष जो भी करें पूछ कर करें नहीं तो चलने नहीं देंगे। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक के बहिष्कार के अब सियासी हलकों में यही निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। शपथ ग्रहण के बाद पिछले तीन महीने में अध्यक्ष संजय सिंह की कार्यशैली पार्टी नेताओं को रास नहीं आ रही। अंदरखाने अध्यक्ष ने कुछ निर्णय ले लिए, जिन पर सपा नेताओं से राय नहीं ली गई। पिछले वित्तीय वर्ष के बचे 12 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाने की बात हो या ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, पार्टी के बड़े नेताओं को इससे दरकिनार रखा गया। कुछ सदस्य कह रहे हैं कि  कामों के प्रस्ताव तो लिए गए लेकिन उनको कार्ययोजना में शामिल करने पर भी विचार नहीं हुआ। नए ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अध्यक्ष ने  शुरू तो कर दी लेकिन नेताओं से यह नहीं पूछा कि उनके किन ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन होने हैं।
विज्ञापन

सूत्रों ने बताया कि पार्टी के एक मौजूदा विधायक तथा एक पूर्व विधायक ने अपने चहेते ठेकेदारों से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कराया लेकिन अध्यक्ष ने उनको कोई तवज्जो नहीं दी।  नाराजगी इन्हीं कारणों से बढ़ती गई। सपा के दो नेता अपनी सियासी अदावत के चलते पूर्व अध्यक्ष नीरू पटेल के कार्यकाल के ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड कराना चाहते हैं। इसको लेकर वह अध्यक्ष संजय पर लगातार दबाव बनाए हुए थे लेकिन वह लगातार टालमटोल कर रहे थे।  अध्यक्ष संजय चुनाव से पहले सपा में आए और आरक्षण की वजह से उनको प्रत्याशी बनने का मौका मिल गया लेकिन पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव समेत कई सपा के नेता ओबीसी आरक्षण होने की उम्मीद लगाकर जिला पंचायत पर अपना कब्जा चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका तो संजय के जरिए उन्होंने यह उम्मीद लगाई लेकिन अब इन नेताओं को संजय सिंह की कार्यशैली रास नहीं आ रही है तो वर्चस्व के लिए दबाव की रणनीति अपनाई जा रही है।
विज्ञापन



इंसेट...
 मछली पालन ठेके पर नजर 
बरेली। जिला पंचायत की ओर से जिले की लगभग 60 नदियों में मछली पालने के लिए दिए गए ठेके पर सवाल खड़े किए गए हैं। फरवरी में यह ठेका 1.80 लाख रुपये में बरेली के सुखवीर को दिया गया। आलमपुर जाफराबाद के ब्लाक प्रमुख आदेश प्रताप सिंह गुड्डू ने बोर्ड की बैठक में भी यह मामला उठाया था। उनका आरोप है कि ठेका आचार संहिता के दौरान कर दिया गया। हालांकि इन आरोपों को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी रामपाल सिंह यादव गलत बताते हैं। वह कहते हैं कि कोई भी इसकी फाइल देख सकता है, ठेका पूरी प्रक्रिया से किया गया है।  इसमें आचार संहिता का कोई मतलब नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन



फार्म के काम पर भी सवाल
 अध्यक्ष संजय सिंह के फरीदपुर के पास नवादा वन गांव स्थित फार्म पर हो रहे निर्माण के बारे में कुछ लोगों का कहना है कि अध्यक्ष यह काम जिला पंचायत के कोटे से करा रहे हैं अध्यक्ष संजय सिंह इसे गलत बताते हैं। उनका कहना है कि वह अपना आधा फार्म हाउस बेच चुके हैं, जिन्होंने लिया है, वही काम करा रहे हैं। उससे हमारा या जिला पंचायत का कोई लेनादेना नहीं है।


कोट...
हमारी पार्टी के लोगों को खुद सोचना चाहिए कि वह अपनी पार्टी के ही जिला पंचायत अध्यक्ष पर सवाल उठा रहे हैं। इससे अच्छा संदेश नहीं जाता है। हम तो सबको साथ लेकर चलने की बात करते हैं लेकिन ऐसे हालात में कुछ कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। पार्टी हाईकमान तक भी बात पहुंच गई होगी।
-संजय सिंह, अध्यक्ष
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed