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बरेली क्षेत्र से दो सौ का काला धन आया बाहर
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 02 Oct 2016 01:44 AM IST
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केंद्र सरकार ने काला धन बाहर निकालने के लिए पहली जून से आय घोषणा योजना (आईडीएस) शुरू करायी थी। तीस सितंबर आधी रात तक आनलाइन घोषणा करने का सिलसिला बना रहा है। इसके लिए बरेली का आयकर कार्यालय भी देर रात तक जागा। चार माह से चल रही योजना में दो सौ लोगों ने आय की घोषणा की है। हालांकि इसके अनुपात में धनराशि बेहद कम बतायी जा रही है।
आयकर विभाग ने चार माह तक चली आईडीएस योजना सफल बनाने के लिए काफी प्रयास किए। बरेली क्षेत्र में लोगों ने ज्यादा रुचि नहीं ली तो सर्वे अभियान से दबाव बनाया गया। इसके बावजूद कारोबारियों ने कोई खास घोषणाएं नहीं की हैं। पिछले एक सप्ताह में दबाव कुछ काम आय और योजना में छह जिलों के दो सौ लोगों ने अपने आय की घोषणा की।
आधी रात तक चली कार्रवाई
आनलाइन आईडीएस में शामिल होने के लिए शुक्रवार आधी रात तक सिलसिला जारी रहा। प्रमुख आयकर आयुक्त डा. आनंद अग्रवाल पल पल की जानकारी लेते रहे। आखिरी दिनों में कारोबारी आईडीएस को लेकर ज्यादा सक्रिय रहे। योजना सफल बनाने के लिए संयुक्त आयकर आयुक्त वृंदा देसाई और संजीव महाजन ने व्यापारी और उद्यमियों आदि के साथ वर्कशाप करायी थी, इससे लोग प्रेरित हुए। बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर, खीरी और हरदोई जिलों से करीब दो सौ लोग योजना में शामिल हुए हैं। इसमें गिने चुने ही करोड़पति हैं।
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बड़ी मछलियां अभी बाहर
आईडीएस में तमाम बड़े कारोबारी शामिल नहीं हुए। इसमें कई नर्सिंग होम, निजी अस्पताल, शैक्षिक संस्थान बताए जाते हैं। एक शैक्षिक संस्थान पर सर्वे करने गयी टीम बैरंग लौट आयी थी, संचालक से योजना में भी शामिल होने को कहा था लेकिन देश से बाहर होने के कारण बात नहीं बन पायी। इसलिए विभाग ने दर्जनों प्रतिष्ठान और कारोबारी चिह्नित कर लिए हैं। इन पर कार्रवाई की योजना बन सकती है।
‘आईडीएस में बरेली क्षेत्र स्टाफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है। योजना अब बंद हो गयी है। अब विभाग से जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुरूप कार्य होगा।’
- डा. आनंद अग्रवाल, प्रमुख आयकर आयुक्त
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आयकर विभाग ने चार माह तक चली आईडीएस योजना सफल बनाने के लिए काफी प्रयास किए। बरेली क्षेत्र में लोगों ने ज्यादा रुचि नहीं ली तो सर्वे अभियान से दबाव बनाया गया। इसके बावजूद कारोबारियों ने कोई खास घोषणाएं नहीं की हैं। पिछले एक सप्ताह में दबाव कुछ काम आय और योजना में छह जिलों के दो सौ लोगों ने अपने आय की घोषणा की।
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आधी रात तक चली कार्रवाई
आनलाइन आईडीएस में शामिल होने के लिए शुक्रवार आधी रात तक सिलसिला जारी रहा। प्रमुख आयकर आयुक्त डा. आनंद अग्रवाल पल पल की जानकारी लेते रहे। आखिरी दिनों में कारोबारी आईडीएस को लेकर ज्यादा सक्रिय रहे। योजना सफल बनाने के लिए संयुक्त आयकर आयुक्त वृंदा देसाई और संजीव महाजन ने व्यापारी और उद्यमियों आदि के साथ वर्कशाप करायी थी, इससे लोग प्रेरित हुए। बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर, खीरी और हरदोई जिलों से करीब दो सौ लोग योजना में शामिल हुए हैं। इसमें गिने चुने ही करोड़पति हैं।
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बड़ी मछलियां अभी बाहर
आईडीएस में तमाम बड़े कारोबारी शामिल नहीं हुए। इसमें कई नर्सिंग होम, निजी अस्पताल, शैक्षिक संस्थान बताए जाते हैं। एक शैक्षिक संस्थान पर सर्वे करने गयी टीम बैरंग लौट आयी थी, संचालक से योजना में भी शामिल होने को कहा था लेकिन देश से बाहर होने के कारण बात नहीं बन पायी। इसलिए विभाग ने दर्जनों प्रतिष्ठान और कारोबारी चिह्नित कर लिए हैं। इन पर कार्रवाई की योजना बन सकती है।
‘आईडीएस में बरेली क्षेत्र स्टाफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है। योजना अब बंद हो गयी है। अब विभाग से जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुरूप कार्य होगा।’
- डा. आनंद अग्रवाल, प्रमुख आयकर आयुक्त