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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बोले: राजनीति कर रहा मुस्लिम पर्सनल बोर्ड, मुसलमानों को न्यायालय पर भरोसा
Sat, 03 Feb 2024 10:16 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 03 Feb 2024 10:16 PM IST
सार
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर समझौता नहीं किया जा सकता, मगर भारत के मुसलमानों को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। हमें इंसाफ मिलेगा।
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मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने शनिवार को बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल बोर्ड राजनीति कर रहा है। वह कह रहे हैं कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा नहीं है। सुन्नी, सूफी मुसलमानों का मानना है कि मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के गठन का मकसद शरीयत के वसूलों की रक्षा करना और मुसलमानों के धार्मिक मसले हल करना था। मगर, बोर्ड अपने असल मकसद से भटक गया है। मुसलमानों की शरई नुमाइंदगी करने के बजाय राजनीतिक मामलों में ज्यादा दिलचस्पी लेने लगा है।
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मौलाना ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर समझौता नहीं किया जा सकता, मगर भारत के मुसलमानों को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। हमें इंसाफ मिलेगा। देश के मुसलमान बोर्ड के बयान से सहमत नहीं है। बोर्ड के लोग जिम्मेदार और विद्वान हैं, उनको भरोसा तोड़ने वाली बात नहीं कहना चाहिए। बोर्ड को वाराणसी की जिला अदालत, इलाहाबाद हाईकोर्ट, और सुप्रीम कोर्ट में बड़े वकीलों का पैनल खड़ा करके ज्ञानवापी मस्जिद के पक्ष सबूत व दलीलें पेश करना चाहिए था, मगर ऐसा नहीं किया।
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मौलाना ने कहा कि जिस स्थापना के दिन से लेकर आज तक एक ही विचारधारा के लोगों का बोर्ड पर कब्जा रहा। जबकि, बोर्ड के संविधान में ये लिखा हुआ है कि हर विचारधारा के व्यक्तियों को नुमाइंदगी दी जाएगी मगर ऐसा नहीं हुआ। भारत में मुसलमानों की कुल आबादी में 70 फीसदी सुन्नी सूफी बरेलवी मुसलमानों की आबादी है। ये 70 फीसदी आबादी बोर्ड पर भरोसा नहीं करती और न ही बोर्ड इनका नुमाइंदा है।
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