Bareilly: राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक विजेता प्रियंका गोस्वामी से खास बातचीत, संघर्षों की सुनाई दास्तां
प्रियंका ने अमर उजाला से बातचीत में अपने पुराने संघर्ष के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि तकरीबन एक से दो साल उन्होंने जिम्नास्टिक्स की जिसके बाद मेरठ में आयोजित जिला स्तर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उन्हें प्रतिभाग करने का मौका मिला।
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बर्मिंघम के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को गौरवान्वित करने वाली प्रियंका गोस्वामी (26) बुधवार को बरेली पहुंचीं। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर में लिपिक के पद पर कार्यरत प्रियंका ने बताया कि अब यूपी के खिलाड़ी भी देश का मान बढ़ा रहे हैं। अपनी आने वाली प्रतियोगिता में उन्होंने जुलाई में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप और चीन में होने वाले एशियन खेलों का जिक्र किया और पदक जीतने का आश्वासन दिया।
मुजफ्फरनगर में जन्मीं प्रियंका आठ साल की उम्र में परिवार के साथ मेरठ आ गई थीं। 2009 में उन्होंने जिम्नास्टिक में अपनी किस्मत अजमाईं। दो साल बाद उन्होंने मेरठ के कनोहर लाल गर्ल्स स्कूल में आयोजित जिलास्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। इसमें उन्होंने वॉक रेस के साथ 400 मीटर, 800 मीटर आदि दौड़ में भी हिस्सा लिया। पहली ही प्रतियोगिता में उनको तीसरा स्थान मिला। बस वहीं से वॉक रेस में भविष्य बनाने का सफर शुरू हो गया।
प्रियंका ने बताया कि जिला से राज्य और राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर अपने को तैयार किया। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि वर्तमान में वह पूरे परिवार का खर्च खुद उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले यूपी पिछड़ा था, लेकिन अब ऐसा नहीं है, खेलों में परिवार का साथ भी बेहद महत्वपूर्ण है। नए दौर में परिवार और सरकार दोनों की ओर से मदद मिल रही है, थोड़ी मेहनत से आने वाले समय में ज्यादा पदक भारत के नाम किए जा सकते हैं।
डीआरएम और स्टाफ की प्रशंसा की
उन्होंने डीआरएम रेखा यादव और कार्यालय सदस्यों की प्रशंसा भी की। प्रियंका ने बताया कि कोरोना काल में एक ही जगह बंद रहना खिलाड़ी के लिए काफी मुश्किल था। उसे याद करने पर भी खराब लगता है। अब धीरे-धीरे सब सामान्य हो रहा है। खिलाड़ियों को नए मौके भी मिल रहे हैं।बीते वर्ष की उपलब्धि
प्रियंका ने बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में 10 हजार मीटर पैदल दौड़ में रजत पदक हासिल किया था। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक की वॉक रेस स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। 60 प्रतिभागियों में उन्होंने 17वां स्थान प्राप्त किया था। 19 मार्च 2023 को जापान में हुई एशियन 20 किलोमीटर वॉक रेस में कांस्य पदक हासिल किया है। इससे उन्होंने अगले राष्ट्रमंडल, एशियन गेम्स और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है।रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
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