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पुस्तकालय की बैठक में उठा मुद्दा- कॉलेज है या कॉफी क्लब
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बरेली। बरेली कॉलेज में पुस्तकालय समिति की बैठक में एसोसिएट प्रोफेसर ने कॉलेज के विभागों में फ्रिज और कॉफी मशीन लगी होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रिसर्च स्कॉलर्स के बैठने के लिए जगह नहीं है, जबकि विभागों में फ्रिज व काफी मशीनें लगी हैं। इस दौरान पुस्तकालय और बुक बैंक का बजट तीन-तीन लाख करने को मंजूरी दी गई।
शुक्रवार को बरेली कॉलेज में पुस्तकालय समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में तय किया गया कि इस बार बुक बैंक और लाइब्रेरी का बजट दो-दो लाख से बढ़ाकर तीन-तीन लाख होगा। पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. शकुंतला सिंह ने बताया कि इसका लाभ सभी विभागों को मिलेगा और किताबें खरीदने का उनका बजट भी डेढ़ गुना कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सत्र से किताबें जारी करने और जमा करने के लिए कंप्यूटराइज्ड व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। इस दौरान गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने विभागों में रिसर्च स्कॉलर्स के बैठने के लिए जगह न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विभागों में फ्रिज और कॉफी मशीनें लगाकर कॉफी क्लब बना दिया गया है, लेकिन रिसर्च स्कॉलर के बैठने की जगह नहीं है। जहां शिक्षक उनकी तैयारी करा सकें। उन्होंने किताबें और लैपटॉप आदि रखने के लिए एक अलमारी की मांग की थी, वह तक नहीं दी गई।
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शुक्रवार को बरेली कॉलेज में पुस्तकालय समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में तय किया गया कि इस बार बुक बैंक और लाइब्रेरी का बजट दो-दो लाख से बढ़ाकर तीन-तीन लाख होगा। पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. शकुंतला सिंह ने बताया कि इसका लाभ सभी विभागों को मिलेगा और किताबें खरीदने का उनका बजट भी डेढ़ गुना कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सत्र से किताबें जारी करने और जमा करने के लिए कंप्यूटराइज्ड व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। इस दौरान गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने विभागों में रिसर्च स्कॉलर्स के बैठने के लिए जगह न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विभागों में फ्रिज और कॉफी मशीनें लगाकर कॉफी क्लब बना दिया गया है, लेकिन रिसर्च स्कॉलर के बैठने की जगह नहीं है। जहां शिक्षक उनकी तैयारी करा सकें। उन्होंने किताबें और लैपटॉप आदि रखने के लिए एक अलमारी की मांग की थी, वह तक नहीं दी गई।
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