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बरेली कॉलेज में परीक्षा से ऐन पहले प्राचार्य और शिक्षक संघ आमने-सामने
बरेली
Updated Sat, 10 Jan 2015 01:29 AM IST
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बरेली कॉलेज शिक्षक संघ की ओर से भेजे गए कुछ प्रस्ताव प्राचार्य को काफी नागवार गुजरे हैं। उन्होंने जवाब में शिक्षकों संघ को खरी-खरी लिखते हुए कहा है कि ये प्रस्ताव इस बात का प्रमाण हैं कि शिक्षक संघ येन-केन प्रकारेण परीक्षाओं की व्यवस्था बिगाड़ने में जुटा हुआ है। शिक्षक संघ प्राचार्य के दायित्व बताने के बजाय अपने दायित्वों को पूरा करें। प्राचार्य को उसके दायित्व बताए जा रहे हैं तो यह भी बताया जाए कि इम्प्रूवमेंट परीक्षा में आदेश के बावजूद एक भी ड्यूटी न करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाए!
बरेली कॉलेज में परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले ही बरेली कॉलेज शिक्षक संघ और प्राचार्य आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल बरेली कॉलेज में शिक्षक संघ की कार्यकारिणी की बैठक के बाद तैयार किए गए प्रस्ताव प्राचार्य को भेजे गए थे। इसमें प्रस्ताव संख्या एक में लिखा है कि अगर कोई अस्थाई शिक्षक, चाहे वह प्रॉक्टोरियल बोर्ड का सदस्य क्यों न हो, विवि की परीक्षा में कॉलेज के गेट पर या उड़न दस्ते के सदस्य के रूप में ड्यूटी करता है तो किसी भी स्थाई शिक्षक की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में न लगाई जाए। प्राचार्य ने इसके जवाब में लिखा है कि अस्थाई शिक्षक पूरे साल प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य के तौर पर गेट पर ड्यूटी करते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी वे ड्यूटी पर डटे रहते हैं। अगर स्थाई शिक्षकों की गरिमा अस्थाई शिक्षकों के गेट पर बैठने या उड़न दस्ते में होने से प्रभावित होती है तो ऐसे शिक्षकों के नाम बताएं तो इतने ही मानदेय पर पूरे साल गेट पर काम करने को तैयार हों।
शिक्षक संघ का दूसरा प्रस्ताव यह था कि एलएलबी, बीबीए, बीसीए की परीक्षाओं में उड़न दस्ते के साथ वरिष्ठ केंद्राध्यक्ष, केंद्राध्यक्ष और प्राचार्य की खुद उपस्थित रहे ताकि सघन तलाशी अभियान चलाकर परीक्षाओं की शुचिता बनाई रखी जा सके। इस पर प्राचार्य ने लिखा है कि कॉलेज में हमेशा तलाशी के समय एसएस, एएस और प्राचार्य उपस्थित रहते हैं। शिक्षक संघ प्राचार्य के दायित्वों की सीमा बताने के बजाय अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इन प्रस्तावों से तो यह जाहिर होता है कि शिक्षक संघ येन-केन प्रकारेण परीक्षाओं की व्यवस्था को बिगाड़ना चाहता है। उन्होंने शिक्षक संघ से यह भी बताने को कहा है कि इम्प्रूवमेंट परीक्षाओं में ड्यूटी लगाने के बाद भी अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाए। क्योंकि शासनादेश के मुताबिक परीक्षा के दौरान केवल उन्हीं शिक्षकों की छुट्टियां मान्य होती हैं जो पहले ही स्वीकृति ले चुके होते हैं। इम्प्रूवमेंट परीक्षा में पहले से छुट्टी लेने वाले कोई भी शिक्षक नहीं है।
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बरेली कॉलेज में परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले ही बरेली कॉलेज शिक्षक संघ और प्राचार्य आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल बरेली कॉलेज में शिक्षक संघ की कार्यकारिणी की बैठक के बाद तैयार किए गए प्रस्ताव प्राचार्य को भेजे गए थे। इसमें प्रस्ताव संख्या एक में लिखा है कि अगर कोई अस्थाई शिक्षक, चाहे वह प्रॉक्टोरियल बोर्ड का सदस्य क्यों न हो, विवि की परीक्षा में कॉलेज के गेट पर या उड़न दस्ते के सदस्य के रूप में ड्यूटी करता है तो किसी भी स्थाई शिक्षक की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में न लगाई जाए। प्राचार्य ने इसके जवाब में लिखा है कि अस्थाई शिक्षक पूरे साल प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य के तौर पर गेट पर ड्यूटी करते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी वे ड्यूटी पर डटे रहते हैं। अगर स्थाई शिक्षकों की गरिमा अस्थाई शिक्षकों के गेट पर बैठने या उड़न दस्ते में होने से प्रभावित होती है तो ऐसे शिक्षकों के नाम बताएं तो इतने ही मानदेय पर पूरे साल गेट पर काम करने को तैयार हों।
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शिक्षक संघ का दूसरा प्रस्ताव यह था कि एलएलबी, बीबीए, बीसीए की परीक्षाओं में उड़न दस्ते के साथ वरिष्ठ केंद्राध्यक्ष, केंद्राध्यक्ष और प्राचार्य की खुद उपस्थित रहे ताकि सघन तलाशी अभियान चलाकर परीक्षाओं की शुचिता बनाई रखी जा सके। इस पर प्राचार्य ने लिखा है कि कॉलेज में हमेशा तलाशी के समय एसएस, एएस और प्राचार्य उपस्थित रहते हैं। शिक्षक संघ प्राचार्य के दायित्वों की सीमा बताने के बजाय अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इन प्रस्तावों से तो यह जाहिर होता है कि शिक्षक संघ येन-केन प्रकारेण परीक्षाओं की व्यवस्था को बिगाड़ना चाहता है। उन्होंने शिक्षक संघ से यह भी बताने को कहा है कि इम्प्रूवमेंट परीक्षाओं में ड्यूटी लगाने के बाद भी अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाए। क्योंकि शासनादेश के मुताबिक परीक्षा के दौरान केवल उन्हीं शिक्षकों की छुट्टियां मान्य होती हैं जो पहले ही स्वीकृति ले चुके होते हैं। इम्प्रूवमेंट परीक्षा में पहले से छुट्टी लेने वाले कोई भी शिक्षक नहीं है।
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