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दिल्ली-लखनऊ के बीच फंसे लोगों के लिए टापू बना बरेली
सार
रामपुर में हाईवे और रेल ट्रैक पर बाढ़ का पानी आने से लगभग पूरे दिन बंद रहा रेल-सड़क यातायात, छोटे वाहनों के लिए अब भी हालात सामान्य नहीं
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बरेली दिल्ली राजमार्ग पर बाढ़ के पानी में फंसे वाहन्।
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विस्तार
बदले हुए रूट से चलाई गईं बसें और ट्रेनें, बरेली जंक्शन के बजाय कैंट स्टेशन से चली उपासना
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उधर, लखनऊ रूट पर हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ब्लॉक से हालात हुए और खराब, दिन भर झेला जाम
बरेली। यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद रामपुर-मुरादाबाद के बीच हाईवे और रेलवे ट्रैक पानी में डूब जाने से दिल्ली रूट पर जाने वाले यात्रियों के लिए पूरा दिन बेहद मुश्किलों भरा रहा। कई ट्रेनों को डायवर्ट करके चलाया गया जबकि कुछ को टर्मिनेट कर दिया गया। बरेली से दिल्ली जाने वाली बसों का भी रूट बदल दिया गया। देर शाम ट्रेनों और बसों की आवाजाही तो शुरू हो गई लेकिन हाईवे पर पानी भरा होने की वजह से छोटे वाहनों के लिए अब भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। उधर, लखनऊ रूट पर रेलवे के ब्लॉक की वजह से पूरे दिन हालात खराब रहे।
कालागढ़ से मंगलवार को भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की वजह से रामपुर-मुरादाबाद के बीच से गुजरने वाली कोसी नदी रात को ही उफना गई थी। बाढ़ से मूढापांडे के पास रेलवे के पुल पर ट्रैक की मिट्टी कट गई। इससे बुधवार को मुरादाबाद और इज्जतनगर मंडल की तमाम ट्रेनें थम गईं। सुबह 11 बजे से शाम साढ़े छह बजे तक मुरादाबाद से रामपुर के बीच ट्रेनें नहीं चलीं। रानीखेत एक्सप्रेस को दिल्ली से टर्मिनेट कर दिया गया। उपासना एक्सप्रेस को भी चंदौसी होते हुए दिल्ली की ओर भेजा गया।
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सहरसा-आनंद विहार एक्सप्रेस (01661 अप) और दरभंगा-नई दिल्ली पूजा स्पेशल ट्रेन (01669 अप) बरेली-मुरादाबाद रूट के बजाए कानपुर-गाजियाबाद रूट से गुजारा गया। जंक्शन पर दोनों ट्रेनों से सफर करने का इंतजार कर रहे यात्रियों को टिकट वापस कर पूरा रिफंड किया गया। इज्जतनगर रेल मंडल ने जैसलमेर-काठगोदाम/रामनगर रानीखेत एक्सप्रेस (05013/05313) दिल्ली में टर्मिनेट कर दिया गया। ट्रेन को दिल्ली से जैसलमेर के लिए रवाना किया। इज्जतनगर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया ट्रैक क्लियर होने पर इस ट्रेन का संचालन पहले की तरह होगा।
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मची भगदड़ : कैंट से चली उपासना जंक्शन पर इंतजार कर रहे थे यात्री
हावड़ा-देहरादून उपासना एक्सप्रेस (02327 अप) दोपहर करीब 11:20 बजे जंक्शन पहुंचती है। बुधवार को उसे बरेली कैंट स्टेशन पर ही रोक दिया गया। जंक्शन पर इंक्वायरी आफिस से यात्रियों को ट्रेन का रूट बदलने की जानकारी दी गई तो ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों में भगदड़ मच गई। आटो और दूसरे संसाधनों से वे किसी तरह बरेली कैंट स्टेशन पहुंचे। इस बीच लालफाटक रेलवे क्रासिंग पर उन्हें जाम का भी सामना करना पड़ा। ट्रेन करीब एक घंटे कैंट स्टेशन पर खड़ी रही। रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद के आदेश पर उसे चंदौसी के रास्ते मुरादाबाद रवाना किया गया। उपासना एक्सप्रेस से बरेली जंक्शन पर उतरने वाले यात्री भी आटो से गंतव्य को रवाना हुए।
बदायूं होकर दिल्ली गई रोडवेज बसें
रामपुर पास हाईवे पर पानी भरने से रोडवेज बसों का भी संचालन पूरे दिन प्रभावित रहा। दिल्ली की ओर जाने वाली रोडवेज बसों को बदायूं होकर निकाला गया। इस वजह से यात्रियों की जेब पर किराए का अतिरिक्त बोझ भी पड़ा। रूट बदलने से रोडवेज ने यात्रियों से अतिरिक्त किराया वसूला। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि रूट बाधित होने की वजह से दो दर्जन से अधिक बसों का मार्ग परिवर्तन किया गया हालांकि रास्ते पर पानी आने की वजह से बरेली और रुहेलखंड डिपो की कोई बस रद्द नहीं की गई।
लखनऊ के बदले हुए रास्तों पर दिन भर जाम
फतेहगंज पूर्वी। लखनऊ हाईवे पर फतेहगंज पूर्वी और मीरानपुर कटरा के मध्य हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम की वजह से रेलवे ट्रैक पर तय समय के बजाय दो घंटे देर से काम शुरू कर पाया। पुलिस ने रूट डायवर्ट किया लेकिन भीषण जाम की वजह से काम शुरू कर पाने की स्थिति नहीं बन पाई। डाउन लाइन पर मेंटिनेंस के कारण ट्रेनें धीमी गति से निकाली गईं।
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर चकरेल बदलने, पत्थर डालने, रोड डालने जैसे काम होने थे। जाम के कारण तय समय नौ बजे से काम शुरू नहीं हो सका। दरअसल लिंक मार्गों की हालत पहले से जर्जर है। बारिश ने सड़कों की और ज्यादा दुर्दशा कर दी है। ऐसे में इन रास्तों पर जाम लगा रहा और मेंटिनेंस का काम दो घंटे रुका रहा। बुधवार सुबह प्रशासन ने फरीदपुर, बरेली, मीरानपुर कटरा और शाहजहांपुर की तरफ रूट डायवर्ट कर ट्रैफिक निकाला। बता दें कि हाईवे पर पेड़ गिरने से मंगलवार को ही जाम लग गया था जो अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है।
दलदल बनी सड़क पर फंसे वाहन, ट्रैक्टर और क्रेन से खिंचवाए
फरीदपुर। लखनऊ हाईवे पर ब्लॉक की वजह से बुधवार को किया गया रूट डायवर्जन लोगों पर काफी भारी पड़ा। जगह-जगह वाहन भारी जाम में फंसे रहे। भुता के पास सड़क पर बने दलदल में कई वाहन फंस गए जिन्हें ट्रैक्टर और क्रेन से खिंचवाकर निकलवाना पड़ा।
फरीदपुर से बीसलपुर रोड पर वाहनों को डायवर्ट किया गया था। बरेली से आने वाले वाहन फरीदपुर से बीसलपुर रोड होते हुए शाहजहांपुर की ओर गुजारे जा रहे थे। भुता के गांव अर्जुनपुर के पास वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम लग गया। रिछोला रिछुलिया गांव के पास करीब एक किलोमीटर सड़क बेहद जर्जर में है जहां बारिश का पानी भर गया था। यहां से गुजरे भारी वाहन सड़क पर बने दलदल में फंस गए। इससे जाम लगना शुरू हो गया। वाहनों को ट्रैक्टर और क्रेन से निकाला गया। पूरे दिन यही सिलसिला चलता रहा।
एक वाहन निकलता तो दूसरा फंस जाता
रिछोला-रिछुलिया के पास पूरे दिन ही जाम के हालात बने रहे। दलदल के कारण दूसरे वाहन का सहारा लेकर वहां से एक वाहन निकाला जाता तो दूसरा फंस जाता। इस वजह से यहां लोग रात तक परेशान होते रहे।
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उधर, लखनऊ रूट पर हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ब्लॉक से हालात हुए और खराब, दिन भर झेला जाम बरेली। यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद रामपुर-मुरादाबाद के बीच हाईवे और रेलवे ट्रैक पानी में डूब जाने से दिल्ली रूट पर जाने वाले यात्रियों के लिए पूरा दिन बेहद मुश्किलों भरा रहा। कई ट्रेनों को डायवर्ट करके चलाया गया जबकि कुछ को टर्मिनेट कर दिया गया। बरेली से दिल्ली जाने वाली बसों का भी रूट बदल दिया गया। देर शाम ट्रेनों और बसों की आवाजाही तो शुरू हो गई लेकिन हाईवे पर पानी भरा होने की वजह से छोटे वाहनों के लिए अब भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। उधर, लखनऊ रूट पर रेलवे के ब्लॉक की वजह से पूरे दिन हालात खराब रहे।
कालागढ़ से मंगलवार को भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की वजह से रामपुर-मुरादाबाद के बीच से गुजरने वाली कोसी नदी रात को ही उफना गई थी। बाढ़ से मूढापांडे के पास रेलवे के पुल पर ट्रैक की मिट्टी कट गई। इससे बुधवार को मुरादाबाद और इज्जतनगर मंडल की तमाम ट्रेनें थम गईं। सुबह 11 बजे से शाम साढ़े छह बजे तक मुरादाबाद से रामपुर के बीच ट्रेनें नहीं चलीं। रानीखेत एक्सप्रेस को दिल्ली से टर्मिनेट कर दिया गया। उपासना एक्सप्रेस को भी चंदौसी होते हुए दिल्ली की ओर भेजा गया।
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सहरसा-आनंद विहार एक्सप्रेस (01661 अप) और दरभंगा-नई दिल्ली पूजा स्पेशल ट्रेन (01669 अप) बरेली-मुरादाबाद रूट के बजाए कानपुर-गाजियाबाद रूट से गुजारा गया। जंक्शन पर दोनों ट्रेनों से सफर करने का इंतजार कर रहे यात्रियों को टिकट वापस कर पूरा रिफंड किया गया। इज्जतनगर रेल मंडल ने जैसलमेर-काठगोदाम/रामनगर रानीखेत एक्सप्रेस (05013/05313) दिल्ली में टर्मिनेट कर दिया गया। ट्रेन को दिल्ली से जैसलमेर के लिए रवाना किया। इज्जतनगर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया ट्रैक क्लियर होने पर इस ट्रेन का संचालन पहले की तरह होगा।
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मची भगदड़ : कैंट से चली उपासना जंक्शन पर इंतजार कर रहे थे यात्री
हावड़ा-देहरादून उपासना एक्सप्रेस (02327 अप) दोपहर करीब 11:20 बजे जंक्शन पहुंचती है। बुधवार को उसे बरेली कैंट स्टेशन पर ही रोक दिया गया। जंक्शन पर इंक्वायरी आफिस से यात्रियों को ट्रेन का रूट बदलने की जानकारी दी गई तो ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों में भगदड़ मच गई। आटो और दूसरे संसाधनों से वे किसी तरह बरेली कैंट स्टेशन पहुंचे। इस बीच लालफाटक रेलवे क्रासिंग पर उन्हें जाम का भी सामना करना पड़ा। ट्रेन करीब एक घंटे कैंट स्टेशन पर खड़ी रही। रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद के आदेश पर उसे चंदौसी के रास्ते मुरादाबाद रवाना किया गया। उपासना एक्सप्रेस से बरेली जंक्शन पर उतरने वाले यात्री भी आटो से गंतव्य को रवाना हुए।बदायूं होकर दिल्ली गई रोडवेज बसें
रामपुर पास हाईवे पर पानी भरने से रोडवेज बसों का भी संचालन पूरे दिन प्रभावित रहा। दिल्ली की ओर जाने वाली रोडवेज बसों को बदायूं होकर निकाला गया। इस वजह से यात्रियों की जेब पर किराए का अतिरिक्त बोझ भी पड़ा। रूट बदलने से रोडवेज ने यात्रियों से अतिरिक्त किराया वसूला। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि रूट बाधित होने की वजह से दो दर्जन से अधिक बसों का मार्ग परिवर्तन किया गया हालांकि रास्ते पर पानी आने की वजह से बरेली और रुहेलखंड डिपो की कोई बस रद्द नहीं की गई।लखनऊ के बदले हुए रास्तों पर दिन भर जाम
फतेहगंज पूर्वी। लखनऊ हाईवे पर फतेहगंज पूर्वी और मीरानपुर कटरा के मध्य हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम की वजह से रेलवे ट्रैक पर तय समय के बजाय दो घंटे देर से काम शुरू कर पाया। पुलिस ने रूट डायवर्ट किया लेकिन भीषण जाम की वजह से काम शुरू कर पाने की स्थिति नहीं बन पाई। डाउन लाइन पर मेंटिनेंस के कारण ट्रेनें धीमी गति से निकाली गईं।हुलासनगरा क्रॉसिंग पर चकरेल बदलने, पत्थर डालने, रोड डालने जैसे काम होने थे। जाम के कारण तय समय नौ बजे से काम शुरू नहीं हो सका। दरअसल लिंक मार्गों की हालत पहले से जर्जर है। बारिश ने सड़कों की और ज्यादा दुर्दशा कर दी है। ऐसे में इन रास्तों पर जाम लगा रहा और मेंटिनेंस का काम दो घंटे रुका रहा। बुधवार सुबह प्रशासन ने फरीदपुर, बरेली, मीरानपुर कटरा और शाहजहांपुर की तरफ रूट डायवर्ट कर ट्रैफिक निकाला। बता दें कि हाईवे पर पेड़ गिरने से मंगलवार को ही जाम लग गया था जो अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है।
दलदल बनी सड़क पर फंसे वाहन, ट्रैक्टर और क्रेन से खिंचवाए
फरीदपुर। लखनऊ हाईवे पर ब्लॉक की वजह से बुधवार को किया गया रूट डायवर्जन लोगों पर काफी भारी पड़ा। जगह-जगह वाहन भारी जाम में फंसे रहे। भुता के पास सड़क पर बने दलदल में कई वाहन फंस गए जिन्हें ट्रैक्टर और क्रेन से खिंचवाकर निकलवाना पड़ा।फरीदपुर से बीसलपुर रोड पर वाहनों को डायवर्ट किया गया था। बरेली से आने वाले वाहन फरीदपुर से बीसलपुर रोड होते हुए शाहजहांपुर की ओर गुजारे जा रहे थे। भुता के गांव अर्जुनपुर के पास वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम लग गया। रिछोला रिछुलिया गांव के पास करीब एक किलोमीटर सड़क बेहद जर्जर में है जहां बारिश का पानी भर गया था। यहां से गुजरे भारी वाहन सड़क पर बने दलदल में फंस गए। इससे जाम लगना शुरू हो गया। वाहनों को ट्रैक्टर और क्रेन से निकाला गया। पूरे दिन यही सिलसिला चलता रहा।