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बरेली गेहूं खरीद में आगे, कुछ एजेंसियों ने बंद कर दिए केंद्र
बरेली।
Updated Fri, 26 May 2017 01:03 AM IST
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गेहूं से पटी हुई मंडी।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडल में बरेली जिला गेहूं खरीद में बढ़त बनाए हुए, जबकि कुछ एजेंसियों ने क्रय केंद्रों पर ताला लगा दिया है। इससे किसान अपना गेहूं खुले बाजार में बेचने को मजबूर हैं।
न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के तहत 15 जून तक गेहूं खरीद किया जाना है, इसके लिए जिले में 89 केंद्र खोले गए हैं, लेकिन जिले में पीसीएफ, राज्य खाद्य निगम और कोआपरेटिव सेक्टर के दर्जन भर से ज्यादा केंद्रों पर ताला लग चुका है। बताया जाता है कि संबंधित क्रय एजेंसियां गेहूं तस्करों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र संचालन नहीं करना चाहती हैं, इसलिए खरीद अवधि में भी इन एजेंसियों ने आधा अधूरा ही काम किया है। जैसे ही मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक निपटी कि एजेंसियों बेलगाम हो गईं और मानीटरिंग भी सुस्त हो गई। जिले में अभी तक करीब 80 हजार टन खरीद हुई है, जबकि लक्ष्य 2.40 लाख टन है। यानि करीब 35 प्रतिशत ही लक्ष्य पूरा हो पाया है।
समीक्षा बैठक में गेहूं खरीद पर संतोष जताया गया था, इसलिए अब अधिकारी इसे पॉजिटिव मानते हुए अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। इससे मंडल में खरीद सुस्त हो गई है। मंडल 13.63 लाख टन लक्ष्य है, जबकि खरीद करीब पौने चार लाख टन ही हो पाई है। किसानों के घर से गेहूं खरीद करने की योजना कागजों में ही सिमट कर रह गई। इसका फायदा अवैध कारोबारियों को मिल रहा है।
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बरेली मंडल में सभी केंद्रों पर खरीद करायी जा रही है। बंद हुए केंद्रों की चेकिंग कर कार्रवाई होगी। खरीद लक्ष्य पूरा करने के प्रयास हो रहे हैं।
- शिवेंद्र सिंह, संभागीय खाद्य नियंत्रक
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न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के तहत 15 जून तक गेहूं खरीद किया जाना है, इसके लिए जिले में 89 केंद्र खोले गए हैं, लेकिन जिले में पीसीएफ, राज्य खाद्य निगम और कोआपरेटिव सेक्टर के दर्जन भर से ज्यादा केंद्रों पर ताला लग चुका है। बताया जाता है कि संबंधित क्रय एजेंसियां गेहूं तस्करों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र संचालन नहीं करना चाहती हैं, इसलिए खरीद अवधि में भी इन एजेंसियों ने आधा अधूरा ही काम किया है। जैसे ही मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक निपटी कि एजेंसियों बेलगाम हो गईं और मानीटरिंग भी सुस्त हो गई। जिले में अभी तक करीब 80 हजार टन खरीद हुई है, जबकि लक्ष्य 2.40 लाख टन है। यानि करीब 35 प्रतिशत ही लक्ष्य पूरा हो पाया है।
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समीक्षा बैठक में गेहूं खरीद पर संतोष जताया गया था, इसलिए अब अधिकारी इसे पॉजिटिव मानते हुए अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। इससे मंडल में खरीद सुस्त हो गई है। मंडल 13.63 लाख टन लक्ष्य है, जबकि खरीद करीब पौने चार लाख टन ही हो पाई है। किसानों के घर से गेहूं खरीद करने की योजना कागजों में ही सिमट कर रह गई। इसका फायदा अवैध कारोबारियों को मिल रहा है।
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बरेली मंडल में सभी केंद्रों पर खरीद करायी जा रही है। बंद हुए केंद्रों की चेकिंग कर कार्रवाई होगी। खरीद लक्ष्य पूरा करने के प्रयास हो रहे हैं।
- शिवेंद्र सिंह, संभागीय खाद्य नियंत्रक