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बैंकों की हड़ताल आज, प्रदर्शन किया
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:15 AM IST
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पांच सहयोगी बैंकों का एसबीआई में विलय का विरोध और अन्य मांगों को लेकर सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारी शुक्रवार को कामकाज ठप रखेंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूर्व संध्या पर प्रदर्शन कर मांगे भी दोहराई गईं। उधर, बैंक प्रबंधन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। आज सिर्फ इंटरनेट बैंकिंग ही सहारा होगा।
यूनाइटेड बैंक यूनियन फोरम ने बृहस्पतिवार की शाम कमल सिनेमा के पास यूको बैंक पर प्रदर्शन कर सभा की। इस मौके पर फोरम संयोजक दिनेश सक्सेना और अध्यक्ष सुनील मित्तल ने कहा कि पूंजीपति भारीभरकम कर्जा लेकर विदेश भाग रहे हैं, सरकार ने मौन धारण कर लिया है। इससे हो रहे घाटे का खामियाजा बैंक और कर्मचारी भुगत रहे हैं। आर्थिक सुधार के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है। कर्जा वसूली के लिए कड़े कानून बनाने में सरकार फैसला नहीं ले पा रही है। पांच सहयोगी बैंक का एसबीआई में विलय कर अस्तित्व को खत्म किया जा रहा है, लेकिन फोरम ऐसा नहीं होने देगी। इस मौके पर संजीव मेहरोत्रा, ओपी वढ़ेरा, पंकज शर्मा, एनपी सिंह, आरबी खन्ना, पीके माहेश्वरी, पीपी सिंह, रवि आनंद, चित्रा भटनागर आदि ने विचार रखे।
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यूनाइटेड बैंक यूनियन फोरम ने बृहस्पतिवार की शाम कमल सिनेमा के पास यूको बैंक पर प्रदर्शन कर सभा की। इस मौके पर फोरम संयोजक दिनेश सक्सेना और अध्यक्ष सुनील मित्तल ने कहा कि पूंजीपति भारीभरकम कर्जा लेकर विदेश भाग रहे हैं, सरकार ने मौन धारण कर लिया है। इससे हो रहे घाटे का खामियाजा बैंक और कर्मचारी भुगत रहे हैं। आर्थिक सुधार के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है। कर्जा वसूली के लिए कड़े कानून बनाने में सरकार फैसला नहीं ले पा रही है। पांच सहयोगी बैंक का एसबीआई में विलय कर अस्तित्व को खत्म किया जा रहा है, लेकिन फोरम ऐसा नहीं होने देगी। इस मौके पर संजीव मेहरोत्रा, ओपी वढ़ेरा, पंकज शर्मा, एनपी सिंह, आरबी खन्ना, पीके माहेश्वरी, पीपी सिंह, रवि आनंद, चित्रा भटनागर आदि ने विचार रखे।
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