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खेती-किसानी में एक करोड़ से ऊपर भी लेनदेन तो नहीं कटेगा टीडीएस
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बरेली। वित्त मंत्रालय ने बैंकों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा रकम की निकासी करने पर टीडीसी कटौती आदेश सशर्त वापस ले लिया है। अब कारोबारी बैंकों से असीमित लेनदेन कर सकेंगे, हालांकि उन्हें बैंकों को लिखित प्रमाण देना होगा कि वे कृषि से कारोबार करते हैं।
अवैध लेनदेन पर रोक लगाने के लिए पहली सितंबर से एक वर्ष में सिर्फ एक करोड़ रुपये का बैंकों से लेनदेन करने की व्यवस्था लागू कर दी गई थी। इससे ऊपर की धनराशि पर दो प्रतिशत टीडीएस कटौती के आदेश सभी बैंकों को दिए गए थे। इस व्यवस्था से कारोबार प्रभावित होने के साथ किसानों को होने वाले भुगतान भी ठप हो गया। इस बीच सरकारी धान खरीद योजना शुरू हुई। इसमें भी निजी कंपनियां और कारोबारी खरीद करते हैं। बैंक लेनदेन सीमा एक करोड़ रुपये होने से कारोबारियों ने हाथ खड़े कर दिए। विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने अव्यवहारिक रोक हटाने की गुहार वित्तमंत्रालय से की, तो खलबली मची। क्योंकि लेनदेन सीमा लागू रहने से किसानों की उपज की खरीद ही प्रभावित होने लगी थी।
वित्तमंत्रालय ने सवा माह बाद बैंक से लेनदेन संबंधी आदेश संशोधित कर दिया है। इसके तहत कृषि क्षेत्र और किसानों को भुगतान करने वाले व्यापारी, फर्म और कंपनियां ही एक करोड़ रुपये ज्यादा यानी असीमित बैंकों से लेनदेन कर सकते हैं। इस पर कोई टैक्स अथवा टीडीएस कटौती नहीं होगी। संबंधित फर्म और व्यापारी का इसका प्रमाण देना अनिवार्य होगा किया वह कृषि से जुड़ा कारोबार कर रहा है। इसके लिए मंडी समिति और अन्य लाइसेंस ब्योरा भी उपलब्ध कराना होगा।
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अवैध लेनदेन पर रोक लगाने के लिए पहली सितंबर से एक वर्ष में सिर्फ एक करोड़ रुपये का बैंकों से लेनदेन करने की व्यवस्था लागू कर दी गई थी। इससे ऊपर की धनराशि पर दो प्रतिशत टीडीएस कटौती के आदेश सभी बैंकों को दिए गए थे। इस व्यवस्था से कारोबार प्रभावित होने के साथ किसानों को होने वाले भुगतान भी ठप हो गया। इस बीच सरकारी धान खरीद योजना शुरू हुई। इसमें भी निजी कंपनियां और कारोबारी खरीद करते हैं। बैंक लेनदेन सीमा एक करोड़ रुपये होने से कारोबारियों ने हाथ खड़े कर दिए। विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने अव्यवहारिक रोक हटाने की गुहार वित्तमंत्रालय से की, तो खलबली मची। क्योंकि लेनदेन सीमा लागू रहने से किसानों की उपज की खरीद ही प्रभावित होने लगी थी।
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वित्तमंत्रालय ने सवा माह बाद बैंक से लेनदेन संबंधी आदेश संशोधित कर दिया है। इसके तहत कृषि क्षेत्र और किसानों को भुगतान करने वाले व्यापारी, फर्म और कंपनियां ही एक करोड़ रुपये ज्यादा यानी असीमित बैंकों से लेनदेन कर सकते हैं। इस पर कोई टैक्स अथवा टीडीएस कटौती नहीं होगी। संबंधित फर्म और व्यापारी का इसका प्रमाण देना अनिवार्य होगा किया वह कृषि से जुड़ा कारोबार कर रहा है। इसके लिए मंडी समिति और अन्य लाइसेंस ब्योरा भी उपलब्ध कराना होगा।
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