बैंड-बाजे और बरात वाले ज्यादा मुश्किल में
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बैंड वालों के पास आने लगे बुकिंग रद्द करने के लिए फोन
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एसोसिएशन ने प्रशासन से की 11 बजे से कर्फ्यू की मांग
बरेली। रात का कर्फ्यू लागू होने से बैंड-बाजे वाले ज्यादा मुश्किल में घिर गए हैं। लोगों के अपनी बुकिंग रद्द कराने के लिए पहुंचना शुरू होने से उन्हें फिर धंधा चौपट होता दिख रहा है।
बैंड एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि रात में कर्फ्यू शुरू होने का समय नौ बजे के बजाय 11 बजे किया जाए ताकि उनकी आजीविका चलती रहे। उनका कहना है कि रात का कर्फ्यू लगते ही लोग उनके पास अपनी बुकिंग रद्द कराने के लिए पहुंचने लगे हैं। ज्यादातर लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनुमति लेने के झंझट में फंसने से बेहतर है कि कुछ समय के लिए शादी ही टाल दी जाए। कुछ लोग उनसे ही अनुमति लेने या फिर बुकिंग रद्द करने को कह रहे हैं। एसोसिएशन का कहना है कि कोरोना के पिछले दौर में सहालग के बाद भी उनके भूखे मरने की नौबत आ गई थी। इस बार भी सहालग पर ग्रहण लगता दिख रहा है। कुछ लोग दिन में शादी करने को कह रहे हैं लेकिन उन्हें इसमें भी काफी नुकसान होगा।
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पिछले साल हमने तगड़ा नुकसान झेला है। शादी में सीमित बरातियों की पाबंदी के बाद लोगों ने बैंड-बाजे का बजट भी कम कर दिया। कई लोगों ने बुकिंग रद्द करा दी। इस बार भी सहालग शुरू होने से ऐन पहले रात का कर्फ्यू लगने से पिछले साल जैसे हालात बन गए हैं। हम कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए काम करने को तैयार हैं। प्रशासन से अपील है कि कर्फ्यू 11 बजे से लगाया जाए। - शाहिद हुसैन, अध्यक्ष बैंड ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन
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रात का कर्फ्यू लगने की घोषणा होने के बाद से लगातार लोगों के फोन आ रहे हैं। होटलों और बरातघरों से भी हमें फोन आ रहे हैं। आगे की स्थिति बहुत साफ नहीं है इससे लोग डरे हुए हैं। उन्हें चिंता है कि इन हालात में शादी कर भी पाएंगे या नहीं। यदि किसी से कहो कि अनुमति का देखेंगे तो उसका साफ जवाब होता है, वह आप देख लीजिएगा। उससे हमारा कोई लेना देना नहीं है। इससे समस्याएं आ रही हैं। - साजिद हुसैन, बैंड मास्टर
पिछले साल लॉकडाउन के कारण हमने कई समस्याओं का सामना किया। अब तक तंगी से जूझ रहे हैं। सोचा था कि इस साल वैक्सीन आ गई तो हालात पहले से बेहतर होंगे लेकिन फिर वही समस्याएं आनी शुरू हो गई हैं। लोग लगातार फोन कर आगे की स्थिति के बारे में पूछ रहे हैं। फिलहाल सभी से यही कह रहे हैं कि कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए कार्यक्रम कर लेंगे। - समीर, बैंड मास्टर
लॉकडाउन की अफवाह से बाजार में बढ़ी भीड़
बरेली। रात्रि कर्फ्यू लागू होने से पहले शुक्रवार को दिन में बाजारों में खासी भीड़ रही। दरअसल, लॉकडाउन को लेकर अफवाहें उड़ रही हैं। लिहाजा लोग जरूरत का सामान इकट्ठा खरीदने के लिए बाजारों में जुट रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं पूर्ण लॉकडाउन होने पर उन्हें पिछली बार की तरह जरूरत की चीजों के लिए फिर न तरसने पड़े। लिहाजा हर कोई पहले से इंतजाम कर लेना चाहता है। फुटकर दुकानदारों ने भी स्टॉक बढ़ाना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि पिछली बार बहुत दिक्कत हुई थी। सबसे ज्यादा परेशान हौजरी और हैंडलूम के व्यापारी हैं। उनका कहना है कि सहालग को देखते हुए उन्होंने माल का स्टॉक कर लिया है, लेकिन अब लगता है कि सहालग में कारोबार नहीं हो पाएगा।
थोक और फुटकर दुकानदारों ने माल खरीदकर जमा करना शुरू कर दिया है। यह रात के कर्फ्यू की घोषणा होने के बाद हुआ है। हालांकि लोगों को हम यहीं बता रहे हैं कि अगर पूर्ण लॉकडाउन की स्थिति बनी भी तो प्रशासन जरूरी वस्तुओं की दुकानों को बंद नहीं कराएगा। लिहाजा परेशान न हों, लेकिन लोग लॉकडाउन लगने के डर से माल खरीद कर रहे हैं। - अश्विनी चौरसिया, श्यामगंज
पिछले साल जब लॉकडाउन लगा तो दुकानों पर माल ही नहीं था। ऐसे में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब फिर से माहौल खराब हो रहा है तो रोजाना जितनी खरीद करते हैं, उससे थोड़ी ज्यादा कर रहे है। दूसरी बात यह भी है कि वैसे तो रोजाना बाजार आना पड़ता है लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है तो रोजाना आने से बचने के लिए भी कुछ जरूरी वस्तुओं की खरीद अधिक कर ली है। - राजाराम, पीलीभीत रोड, फुटकर विक्रेता
हैंडलूम और हौजरी का कारोबार सबसे अधिक सहालग में ही होता है। दुकानदार सहालग को देखते हुए ही माल स्टॉक करते हैं। इस बार भी किया है लेकिन अभी नाइट कर्फ्यू ने चिंता बढ़ा दी है। इससे दुकानदारी पर खासा असर बढ़ेगा। उम्मीद करते हैं कि लॉकडाउन न बढ़ाया जाए और स्थितियां जल्द सामान्य हो जाएं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हैंडलूम व्यापार से जुड़े लोग बर्बादी की कगार पर आ जाएंगे। - राजेश छाबड़ा, शास्त्री मार्केट
एसोसिएशन ने प्रशासन से की 11 बजे से कर्फ्यू की मांग बरेली। रात का कर्फ्यू लागू होने से बैंड-बाजे वाले ज्यादा मुश्किल में घिर गए हैं। लोगों के अपनी बुकिंग रद्द कराने के लिए पहुंचना शुरू होने से उन्हें फिर धंधा चौपट होता दिख रहा है।
बैंड एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि रात में कर्फ्यू शुरू होने का समय नौ बजे के बजाय 11 बजे किया जाए ताकि उनकी आजीविका चलती रहे। उनका कहना है कि रात का कर्फ्यू लगते ही लोग उनके पास अपनी बुकिंग रद्द कराने के लिए पहुंचने लगे हैं। ज्यादातर लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनुमति लेने के झंझट में फंसने से बेहतर है कि कुछ समय के लिए शादी ही टाल दी जाए। कुछ लोग उनसे ही अनुमति लेने या फिर बुकिंग रद्द करने को कह रहे हैं। एसोसिएशन का कहना है कि कोरोना के पिछले दौर में सहालग के बाद भी उनके भूखे मरने की नौबत आ गई थी। इस बार भी सहालग पर ग्रहण लगता दिख रहा है। कुछ लोग दिन में शादी करने को कह रहे हैं लेकिन उन्हें इसमें भी काफी नुकसान होगा।
पिछले साल हमने तगड़ा नुकसान झेला है। शादी में सीमित बरातियों की पाबंदी के बाद लोगों ने बैंड-बाजे का बजट भी कम कर दिया। कई लोगों ने बुकिंग रद्द करा दी। इस बार भी सहालग शुरू होने से ऐन पहले रात का कर्फ्यू लगने से पिछले साल जैसे हालात बन गए हैं। हम कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए काम करने को तैयार हैं। प्रशासन से अपील है कि कर्फ्यू 11 बजे से लगाया जाए। - शाहिद हुसैन, अध्यक्ष बैंड ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन
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रात का कर्फ्यू लगने की घोषणा होने के बाद से लगातार लोगों के फोन आ रहे हैं। होटलों और बरातघरों से भी हमें फोन आ रहे हैं। आगे की स्थिति बहुत साफ नहीं है इससे लोग डरे हुए हैं। उन्हें चिंता है कि इन हालात में शादी कर भी पाएंगे या नहीं। यदि किसी से कहो कि अनुमति का देखेंगे तो उसका साफ जवाब होता है, वह आप देख लीजिएगा। उससे हमारा कोई लेना देना नहीं है। इससे समस्याएं आ रही हैं। - साजिद हुसैन, बैंड मास्टर
पिछले साल लॉकडाउन के कारण हमने कई समस्याओं का सामना किया। अब तक तंगी से जूझ रहे हैं। सोचा था कि इस साल वैक्सीन आ गई तो हालात पहले से बेहतर होंगे लेकिन फिर वही समस्याएं आनी शुरू हो गई हैं। लोग लगातार फोन कर आगे की स्थिति के बारे में पूछ रहे हैं। फिलहाल सभी से यही कह रहे हैं कि कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए कार्यक्रम कर लेंगे। - समीर, बैंड मास्टर
लॉकडाउन की अफवाह से बाजार में बढ़ी भीड़
बरेली। रात्रि कर्फ्यू लागू होने से पहले शुक्रवार को दिन में बाजारों में खासी भीड़ रही। दरअसल, लॉकडाउन को लेकर अफवाहें उड़ रही हैं। लिहाजा लोग जरूरत का सामान इकट्ठा खरीदने के लिए बाजारों में जुट रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं पूर्ण लॉकडाउन होने पर उन्हें पिछली बार की तरह जरूरत की चीजों के लिए फिर न तरसने पड़े। लिहाजा हर कोई पहले से इंतजाम कर लेना चाहता है। फुटकर दुकानदारों ने भी स्टॉक बढ़ाना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि पिछली बार बहुत दिक्कत हुई थी। सबसे ज्यादा परेशान हौजरी और हैंडलूम के व्यापारी हैं। उनका कहना है कि सहालग को देखते हुए उन्होंने माल का स्टॉक कर लिया है, लेकिन अब लगता है कि सहालग में कारोबार नहीं हो पाएगा।थोक और फुटकर दुकानदारों ने माल खरीदकर जमा करना शुरू कर दिया है। यह रात के कर्फ्यू की घोषणा होने के बाद हुआ है। हालांकि लोगों को हम यहीं बता रहे हैं कि अगर पूर्ण लॉकडाउन की स्थिति बनी भी तो प्रशासन जरूरी वस्तुओं की दुकानों को बंद नहीं कराएगा। लिहाजा परेशान न हों, लेकिन लोग लॉकडाउन लगने के डर से माल खरीद कर रहे हैं। - अश्विनी चौरसिया, श्यामगंज
पिछले साल जब लॉकडाउन लगा तो दुकानों पर माल ही नहीं था। ऐसे में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब फिर से माहौल खराब हो रहा है तो रोजाना जितनी खरीद करते हैं, उससे थोड़ी ज्यादा कर रहे है। दूसरी बात यह भी है कि वैसे तो रोजाना बाजार आना पड़ता है लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है तो रोजाना आने से बचने के लिए भी कुछ जरूरी वस्तुओं की खरीद अधिक कर ली है। - राजाराम, पीलीभीत रोड, फुटकर विक्रेता
हैंडलूम और हौजरी का कारोबार सबसे अधिक सहालग में ही होता है। दुकानदार सहालग को देखते हुए ही माल स्टॉक करते हैं। इस बार भी किया है लेकिन अभी नाइट कर्फ्यू ने चिंता बढ़ा दी है। इससे दुकानदारी पर खासा असर बढ़ेगा। उम्मीद करते हैं कि लॉकडाउन न बढ़ाया जाए और स्थितियां जल्द सामान्य हो जाएं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हैंडलूम व्यापार से जुड़े लोग बर्बादी की कगार पर आ जाएंगे। - राजेश छाबड़ा, शास्त्री मार्केट