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छज्जा और दीवार गिरने से दो मासूमों की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 19 Jul 2016 01:25 AM IST
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लगातार हो रही बरसात का कहर जिले भर में मकान, छज्जे और दीवारें गिरने के रूप में दिखाई दिया। बहेड़ी और फरीदपुर में मकान का छज्जा व दीवार गिरने से दो मासूमों की मलबे में दबकर मौत हो गई। दो घरों में इकलौता चिराग बूझ जाने से कोहराम मच गया। कई अन्य स्थानों पर भी हादसे हुए।
टांडाछंगा के टेहरा गांव के मुन्नालाल का सात साल का इकलौता बेटा ओमवीर गांव के शिशु मंदिर में कक्षा दो में पढ़ता था। सोमवार सुबह उसकी मां श्याम देवी ने उसे तैयार किया। घर के एक कमरे में बैठकर वह नाश्ता कर रहा था। मां आंगन में ही चूल्हे पर उसके लिए दूध गर्म कर रही थी। अचानक कमरे में बना सीमेंट का छज्जा ओमवीर के ऊपर गिर गया। जब तक मलबा हटाकर निकाला गया, उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। हालांकि जान बचने की उम्मीद में घरवाले उसे लेकर सीएचसी पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर कानूनगो ने गांव जाकर जांच की। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि अधिक बारिश होने और पास से बह रहे नाले के पानी से मकान में सीलन थी और इसी वजह से स्लैब गिरा। ग्रामीणों ने मुआवजा दिलाने की मांग की। गांव में ही बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
फरीदपुर के सारीपुर गांव में कच्ची दीवार गिरने से तीन साल के मासूम की मौत हो गई। मंगलवार दोपहर 12 बजे कुंवर पाल का तीन साल का इकलौता बेटा दीपक नए मकान में खेल रहा था। अचानक वह पुराने मकान की ओर चला गया। वहां पहुंचते ही कच्ची दीवार भरभरा कर दीपक के ऊपर गिर गई। शोर गुल सूनने पर गांव वाले मौके पर पहुंचे और मलबा हटाया। तब तक दीपक की सांसें थम चुकी थीं। दीपक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। तहसील प्रशासन की टीम भी गांव पहुंची।
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इकलौते ओमवीर की मौत से घर में मातम
टांडाछंगा। ओमवीर की मां श्याम देवी बदहवास थीं। ओमवीर ने मां से कहा था कि उसने अपना टिफिन बैग में रख लिया है। बस नाश्ता करके दूध पीकर जल्दी स्कूल चला जाएगा। इससे पहले ही उसकी जान चली गई। मलबा हटाकर अपने लाल का शव गोद में लिए और उसके सिर पर निकल रहे खून को आंचल से पोंछते हुए श्याम देवी भागती हुई गांव के प्रधान ताहिर रजा के पास पहुंची। प्रधान की मदद से उसे इलाज के लिए तत्काल सीएचसी भेजा गया। जब उसकी लाश वापस गांव पहुंची तो उसकी श्याम देवी फिर शव के पास बेसुध होकर गिर पड़ीं। गांव वाले भी आंसू नहीं रोक सके।
धराशाई हुई नलकूप की कोठरी
बरसेर। सिरौली के गांव ढकपुरा में कालीचरन का निजी नलकूप है। इससे वह अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। रविवार को हुई तेज बरसात में पूरा कुंआ कमरे सहित करीब दस फुट जमीन में धंस गया। सुबह जब वह खेत पर गए तो कुंआ जमीन में धंसा देखकर दंग रह गए। यहां का हाल देखकर काफी भीड़ लग गई।
अचानक घर ढहा, एक परिवार के छह लोग घायल
सीबीगंज। इलाके के खना गौंटिया गांव निवासी बादाम शाह के घर पर खपरैल पड़ी थी। रविवार आधी रात झमाझम बारिश हो रही थी। पूरा परिवार घर में सोया हुआ था। तभी अचानक खपरैल ढहने से पूरा परिवार मलबे में दब गया। बादाम शाह उर्फ गुड्डू किसी तरह बाहर निकला और मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए और मलबा हटाकर नीचे दबे घायलोें को बाहर निकाला। घायलों में गुड्डू के अलावा उसकी मां इद्दो, बहन अफसाना, बहनोई भूरे, तीन साल का भांजा शाहिद और राशिद हैं। रात में भी सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार है।
स्कूल के कमरों की दीवार गिरी, हादसा टला
शीशगढ़। बारिश से नजदीकी बारात घर की नींव में पानी भर जाने से कस्बे के मोहल्ला गढ़ी स्थित प्राइमरी स्कूल के कमरों की दीवार गिर पड़ी। लोग शुक्र मना रहे हैं कि हादसा रात में हुआ, वरना बड़ी घटना हो सकती थी।
नगर पंचायत कस्बे में बारातघर का निर्माण करा रही है। इसके बराबर में प्राथमिक विद्यालय प्रथम है। शनिवार को स्कूल के पीछे की दीवार के करीब जेसीबी से बारातघर की गहरी बुनियाद खोदी गई थी। इसके बाद से ही लगातार मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इससे नींव में काफी पानी भर गया। इसका असर यह हुआ कि स्कूल के दो कमरों की पीछे की दीवारें धड़धड़ा कर गिर गईं। सुबह लोगों ने यह हाल देखा तो अवाक रह गए। चेयरमैन हाजी गुड्डू का कहना है कि बारात घर की नींव की वजह से यह हादसा हुआ है। स्कूल की दीवार बनवाना भी नगर पंचायत की जिम्मेदारी है। दीवार पर काम शुरू करा दिया गया है, दीवार जैसी थी वैसी ही कर दी जाएगी।
फतेहगंज पूर्वी में मकान गिरा, पांच लोग घायल
फतेहगंज पूर्वी। दो दिन से हो रही तेज बारिश में रविवार रात शब्बीर कालोनी निवासी हरिनाम सिंह का मकान गिर पड़ा। ईट और मिट्टी के गारे से बनी दीवार भरभराकर गिरी तो इसके सहारे लगे छप्पर में सो रहे परिवार के पांच लोग घायल हो गए। हरिनाम की पत्नी रामरती, बड़ा बेटा बबलू (25), जितेंद्र (10) और शिवानी (16) दब गये। इनमें जितेंद्र की हालत नाजुक है। उसका सीने के नीचे का हिस्सा निष्क्रिय हो गया है।
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टांडाछंगा के टेहरा गांव के मुन्नालाल का सात साल का इकलौता बेटा ओमवीर गांव के शिशु मंदिर में कक्षा दो में पढ़ता था। सोमवार सुबह उसकी मां श्याम देवी ने उसे तैयार किया। घर के एक कमरे में बैठकर वह नाश्ता कर रहा था। मां आंगन में ही चूल्हे पर उसके लिए दूध गर्म कर रही थी। अचानक कमरे में बना सीमेंट का छज्जा ओमवीर के ऊपर गिर गया। जब तक मलबा हटाकर निकाला गया, उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। हालांकि जान बचने की उम्मीद में घरवाले उसे लेकर सीएचसी पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर कानूनगो ने गांव जाकर जांच की। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि अधिक बारिश होने और पास से बह रहे नाले के पानी से मकान में सीलन थी और इसी वजह से स्लैब गिरा। ग्रामीणों ने मुआवजा दिलाने की मांग की। गांव में ही बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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फरीदपुर के सारीपुर गांव में कच्ची दीवार गिरने से तीन साल के मासूम की मौत हो गई। मंगलवार दोपहर 12 बजे कुंवर पाल का तीन साल का इकलौता बेटा दीपक नए मकान में खेल रहा था। अचानक वह पुराने मकान की ओर चला गया। वहां पहुंचते ही कच्ची दीवार भरभरा कर दीपक के ऊपर गिर गई। शोर गुल सूनने पर गांव वाले मौके पर पहुंचे और मलबा हटाया। तब तक दीपक की सांसें थम चुकी थीं। दीपक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। तहसील प्रशासन की टीम भी गांव पहुंची।
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इकलौते ओमवीर की मौत से घर में मातम
टांडाछंगा। ओमवीर की मां श्याम देवी बदहवास थीं। ओमवीर ने मां से कहा था कि उसने अपना टिफिन बैग में रख लिया है। बस नाश्ता करके दूध पीकर जल्दी स्कूल चला जाएगा। इससे पहले ही उसकी जान चली गई। मलबा हटाकर अपने लाल का शव गोद में लिए और उसके सिर पर निकल रहे खून को आंचल से पोंछते हुए श्याम देवी भागती हुई गांव के प्रधान ताहिर रजा के पास पहुंची। प्रधान की मदद से उसे इलाज के लिए तत्काल सीएचसी भेजा गया। जब उसकी लाश वापस गांव पहुंची तो उसकी श्याम देवी फिर शव के पास बेसुध होकर गिर पड़ीं। गांव वाले भी आंसू नहीं रोक सके।
धराशाई हुई नलकूप की कोठरी
बरसेर। सिरौली के गांव ढकपुरा में कालीचरन का निजी नलकूप है। इससे वह अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। रविवार को हुई तेज बरसात में पूरा कुंआ कमरे सहित करीब दस फुट जमीन में धंस गया। सुबह जब वह खेत पर गए तो कुंआ जमीन में धंसा देखकर दंग रह गए। यहां का हाल देखकर काफी भीड़ लग गई।
अचानक घर ढहा, एक परिवार के छह लोग घायल
सीबीगंज। इलाके के खना गौंटिया गांव निवासी बादाम शाह के घर पर खपरैल पड़ी थी। रविवार आधी रात झमाझम बारिश हो रही थी। पूरा परिवार घर में सोया हुआ था। तभी अचानक खपरैल ढहने से पूरा परिवार मलबे में दब गया। बादाम शाह उर्फ गुड्डू किसी तरह बाहर निकला और मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए और मलबा हटाकर नीचे दबे घायलोें को बाहर निकाला। घायलों में गुड्डू के अलावा उसकी मां इद्दो, बहन अफसाना, बहनोई भूरे, तीन साल का भांजा शाहिद और राशिद हैं। रात में भी सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार है।
स्कूल के कमरों की दीवार गिरी, हादसा टला
शीशगढ़। बारिश से नजदीकी बारात घर की नींव में पानी भर जाने से कस्बे के मोहल्ला गढ़ी स्थित प्राइमरी स्कूल के कमरों की दीवार गिर पड़ी। लोग शुक्र मना रहे हैं कि हादसा रात में हुआ, वरना बड़ी घटना हो सकती थी।
नगर पंचायत कस्बे में बारातघर का निर्माण करा रही है। इसके बराबर में प्राथमिक विद्यालय प्रथम है। शनिवार को स्कूल के पीछे की दीवार के करीब जेसीबी से बारातघर की गहरी बुनियाद खोदी गई थी। इसके बाद से ही लगातार मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इससे नींव में काफी पानी भर गया। इसका असर यह हुआ कि स्कूल के दो कमरों की पीछे की दीवारें धड़धड़ा कर गिर गईं। सुबह लोगों ने यह हाल देखा तो अवाक रह गए। चेयरमैन हाजी गुड्डू का कहना है कि बारात घर की नींव की वजह से यह हादसा हुआ है। स्कूल की दीवार बनवाना भी नगर पंचायत की जिम्मेदारी है। दीवार पर काम शुरू करा दिया गया है, दीवार जैसी थी वैसी ही कर दी जाएगी।
फतेहगंज पूर्वी में मकान गिरा, पांच लोग घायल
फतेहगंज पूर्वी। दो दिन से हो रही तेज बारिश में रविवार रात शब्बीर कालोनी निवासी हरिनाम सिंह का मकान गिर पड़ा। ईट और मिट्टी के गारे से बनी दीवार भरभराकर गिरी तो इसके सहारे लगे छप्पर में सो रहे परिवार के पांच लोग घायल हो गए। हरिनाम की पत्नी रामरती, बड़ा बेटा बबलू (25), जितेंद्र (10) और शिवानी (16) दब गये। इनमें जितेंद्र की हालत नाजुक है। उसका सीने के नीचे का हिस्सा निष्क्रिय हो गया है।