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अब ज्यादा दिन नहीं चलेगा राशन के अटैचमेंट का खेल
बरेली, ब्यूरो
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:38 AM IST
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राशन की दुकान निलंबित होने पर ग्रामीण दूसरे गांव से राशन लेने नहीं जाएंगे। इस बारे में डीएम ने आदेश जारी कर दिए हैं। गांव में दुकान राशन की निलंबित हुई तो दूसरे गांव का डीलर उसी गांव में पहले मुनादी कराएगा, उसी के बाद राशन का वितरण कराएगा। किसी भी ग्रामीण को दूसरे गांव में राशन के लिए बुलाया तो अटैचमेंट कराने वाले डीलर के खिलाफ कार्रवाई होगी। यह आदेश डीएम ने एक राशन की दुकान को निलंबित कराकर दूसरे डीलर के यहां राशन अटैचमेंट के खेल को बंद करने के उद्देश्य से किया है।
डीएम को खुफिया रिपोर्ट मिली है कि जिले का 40 फीसदी राशन फ्लोर मिलों को बेचा जा रहा है। यह भी पुख्ता सबूत मिल गए हैं कि कौन-कौन से फ्लोर मिल राशन के गेहूं से आटा बनाने में इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्यादातर मिलों में गोदाम से ही सीधे गेहूं के बोरे चले जाते हैं। जिनको बदला भी नहीं जाता है। गेहूं खाली होने के बाद मिलों के अंदर ही बोरों को नष्ट कर दिया जाता है। इस गोलमाल में शामिल माफिया राशन की दुकानों के निलंबन और उसके बाद मनचाहे डीलर के यहां कोटा अटैच कराने का खेल करा रहे हैं।
यहां तक कि लोग निलंबित राशन डीलरों के प्रकरण को लंबे अर्से तक अपील में लटकवा देते हैं। पिछले माह डीएम की ओर से राशन डीलरों की अपील के आंकडे़ निकलवाए गए थे। इन आंकड़ों में सर्वाधिक 62 अपील उपायुक्त खाद्य के यहां लंबित पाई गईं थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने उपायुक्त (खाद्य) को चेतावनी जारी की है। जिसमें कहा है कि वह 15 दिन के अंदर राशन डीलरों की अपील निस्तारित करा दें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई को शासन में लिख दिया जाएगा।
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कोट
कुछ माफिया राशन की दुकानों का अटैचमेंट कराते हैं, उनके इस सिस्टम को तोड़ने के उद्देश्य से यह आदेश किया गया है। कोशिश है कि सभी लोगों को राशन मिले, इसीलिए गांवों में राशन वितरण की व्यवस्था कराई गई है।
- पंकज यादव, डीएम
कलक्ट्रेट के भी अटैचमेंट खत्म
बरेली। डीएम ने कलक्ट्रेट के मलाईदार पटलों पर कुंडली मारे बैठे लिपिकों के अटैचमेंट खत्म कर दिए हैं। इस आदेश से 24 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लिपिकों का कहना है कि इस आदेश से कई महत्वपूर्ण और अधिक काम काज वाले पटलों को देखने वाला कोई नहीं है। ऐसे में काम काज कराने में दिक्कतें आएंगी। पिछले माह डीएम ने विकास भवन में छापे के दौरान विकास भवन के सभी अटैचमेंट खत्म करने के आदेश किए थे। उनके आदेश पर वहां के अटैचमैंट तो खत्म हो गए थे लेकिन कलक्ट्रेट के यथावत बने हुए थे। डीएम के इस आदेश से कलक्ट्रेट के शस्त्र अनुभाग और जीसी से एक-एक, अरेंजर परगना से तीन पटल खाली हो जाएंगे। कलक्ट्रेट में 165 पद हैं, जिनमें से 136 ही कार्यरत हैं, बाकी के पद खाली पड़े हुए हैं, इन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए राजस्व परिषद से अनुमति मांगी गई है।
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डीएम को खुफिया रिपोर्ट मिली है कि जिले का 40 फीसदी राशन फ्लोर मिलों को बेचा जा रहा है। यह भी पुख्ता सबूत मिल गए हैं कि कौन-कौन से फ्लोर मिल राशन के गेहूं से आटा बनाने में इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्यादातर मिलों में गोदाम से ही सीधे गेहूं के बोरे चले जाते हैं। जिनको बदला भी नहीं जाता है। गेहूं खाली होने के बाद मिलों के अंदर ही बोरों को नष्ट कर दिया जाता है। इस गोलमाल में शामिल माफिया राशन की दुकानों के निलंबन और उसके बाद मनचाहे डीलर के यहां कोटा अटैच कराने का खेल करा रहे हैं।
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यहां तक कि लोग निलंबित राशन डीलरों के प्रकरण को लंबे अर्से तक अपील में लटकवा देते हैं। पिछले माह डीएम की ओर से राशन डीलरों की अपील के आंकडे़ निकलवाए गए थे। इन आंकड़ों में सर्वाधिक 62 अपील उपायुक्त खाद्य के यहां लंबित पाई गईं थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने उपायुक्त (खाद्य) को चेतावनी जारी की है। जिसमें कहा है कि वह 15 दिन के अंदर राशन डीलरों की अपील निस्तारित करा दें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई को शासन में लिख दिया जाएगा।
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कुछ माफिया राशन की दुकानों का अटैचमेंट कराते हैं, उनके इस सिस्टम को तोड़ने के उद्देश्य से यह आदेश किया गया है। कोशिश है कि सभी लोगों को राशन मिले, इसीलिए गांवों में राशन वितरण की व्यवस्था कराई गई है।
- पंकज यादव, डीएम
कलक्ट्रेट के भी अटैचमेंट खत्म
बरेली। डीएम ने कलक्ट्रेट के मलाईदार पटलों पर कुंडली मारे बैठे लिपिकों के अटैचमेंट खत्म कर दिए हैं। इस आदेश से 24 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लिपिकों का कहना है कि इस आदेश से कई महत्वपूर्ण और अधिक काम काज वाले पटलों को देखने वाला कोई नहीं है। ऐसे में काम काज कराने में दिक्कतें आएंगी। पिछले माह डीएम ने विकास भवन में छापे के दौरान विकास भवन के सभी अटैचमेंट खत्म करने के आदेश किए थे। उनके आदेश पर वहां के अटैचमैंट तो खत्म हो गए थे लेकिन कलक्ट्रेट के यथावत बने हुए थे। डीएम के इस आदेश से कलक्ट्रेट के शस्त्र अनुभाग और जीसी से एक-एक, अरेंजर परगना से तीन पटल खाली हो जाएंगे। कलक्ट्रेट में 165 पद हैं, जिनमें से 136 ही कार्यरत हैं, बाकी के पद खाली पड़े हुए हैं, इन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए राजस्व परिषद से अनुमति मांगी गई है।