Shahjahanpur: आशा कर्मियों ने राज्य कर्मचारी का मांगा दर्जा, छह माह में मांगें न मानने पर आंदोलन की चेतावनी
आशा संगनियों और कार्यकर्ताओं ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। जिसमें बताया गया कि शासन द्वारा दी जा रही धनराशि से उनका परिवार चलाना काफी कठिन है। ऐसे में उन लोगों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए निश्चित मानदेय तय किया जाए।
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शाहजहांपुर में मानदेय बढ़ाने समेत कई मांगों को पूरा किए जाने के लिए आशा कार्यकर्ता व आशा संगिनी सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचीं और प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन दिया। आशा कार्यकर्ताओं ने मांगों का संज्ञान न लिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सामाजिक संगठन आपकी आवाज के बैनर तले कलक्ट्रेट पहुंचीं आशा संगनियों और कार्यकर्ताओं ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट महेश कैथल को ज्ञापन देकर बताया कि शासन द्वारा दी जा रही धनराशि से उनका परिवार चलाना काफी कठिन है। ऐसे में उन लोगों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए निश्चित मानदेय तय किया जाए।
उनको दी जा रही प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर होना सुनिश्चित किया जाए। सभी योग्यताधारी आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी को एएनएम पद पर नियुक्त किए जाने की आयु सीमा 35 से बढ़ाकर 50 वर्ष तक की जाए। इसके आवा श्रमयोगी मान धन के लिए उम्र की सीमा का निर्धारण हटाया जाए।
छह माह में पूरी की जाएं मांगे
सेवाकाल में मृत्यु के बाद परिजनों को योग्यतानुसार सेवा नियुक्ति प्रदान की जाए और दुर्घटना बीमा 50 लाख रुपये बिना किसी देय के निर्धारित हो। उन लोगों की मांग है कि सभी मांगों को छह महीने के अंदर लागू किया जाए वरना वे लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने मांगों का संज्ञान लिए जाने का आश्वासन दिया है। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम पांडेय, नगर अध्यक्ष सुमन श्रीवास्तव, सीमा आर्या, अर्पणा दीक्षित, आरती वर्मा, माधुरी देवी, शशि गुप्ता, अनीता, नीतू पाल, पुष्पा आदि मौजूद रहीं।