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बिलाल से शादी का जिक्र करती तो तय थी गिरफ्तारी

Wed, 28 Oct 2020 02:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2020 02:05 AM IST
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Arrest was decided if I mentioned marriage to Bilal
जेल जाता बिलाल। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

पिता के घर से लाखों रुपये कैश और जेवर चोरी करने का बनता आरोप, तैयार बैठी थी पुलिस

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बरेली। लड़की को कोई कानूनी सलाह मिली या नहीं, यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन अदालत में उसने जो बयान दिया, उससे बिलाल, उसका परिवार और वह खुद कई मुश्किलों से बच गए। सूत्रों के मुताबिक वह अगर अदालत में दिए बयान में बिलाल से अपनी शादी का जिक्र करती तो पिता के घर से लाखों की रकम और जेवर चोरी करने के आरोप में उसकी गिरफ्तारी तय थी। पुलिस इसके लिए तैयार बैठी थी लेकिन उसने अपने माता-पिता के घर जाने की इच्छा जताकर इस नौबत को टाल दिया।
बरामदगी के बाद नारी निकेतन भेजी गई लड़की से उसके माता-पिता को काफी कोशिश करने के बावजूद नहीं मिलने दिया गया था लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह संदेश उस तक किसी न किसी तरह पहुंच गया कि अगर वह घर नहीं लौटी तो चोरी और धोखाधड़ी में जेल जा चुके बिलाल के साथ परिवार उसे भी आरोपी बनाने में रहम नहीं करेगा लिहाजा उसे भी जेल जाना पड़ेगा। यह उसने देख ही लिया था कि नारी निकेतन का जैसा माहौल है, वहां रहना आसान नहीं है। माना जा रहा है कि इसीलिए उसने घर लौटने का विकल्प चुना।
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अदालत में माता-पिता और बहन से सामना हुआ तो संभवत: उसे यह भी एहसास हुआ कि परिवार का उसके साथ अब भी भावनात्मक जुड़ाव कायम है। सूत्रों के मुताबिक जज के सामने पेशी से पहले कुछ करीबियों को उससे बात करने का भी मौका मिल गया। उसे बिलाल के खिलाफ बयान देने को कहा गया लेकिन उसने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि घर लौटने की बात मान ली और फिर अपने बयान में बिलाल से शादी का जिक्र नहीं किया।
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परिवार वालों से मिली गले लगकर रो पड़ी

अदालत में बयान दर्ज होने के बाद पुलिस दोपहर एक बजे लड़की को लेकर चली गई और उसे किसी गुप्त स्थान पर रखा। शाम करीब सवा सात बजे कागजात तैयार होने के बाद परिवार को कोर्ट परिसर में बुलाकर लड़की को उसके सुपुर्द किया गया। इस दौरान उसके पिता, मां, बहन, चाचा व चाची कई लोग कोर्ट में थे। लड़की उनके गले लगकर रोई भी। पिता ने बेटी की नादानी को माफ करने की बात कही। कहा, पूरा परिवार तनाव में था। पुलिस-प्रशासन, समाजसेवियों और हिंदू संगठनों के सहयोग से उनकी बेटी दोबारा घर लौटी है।

अदालत में मंडराते रहे दोनों पक्षों के लोग

मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस का कड़ा पहरा होने के बावजूद दोनों पक्षों के लोग किसी न किसी बहाने अदालत परिसर में पहुंच गए और अदालत की कार्रवाई पर नजर बनाए रखी। वकीलों के भी दो गुट अपने हिसाब से रणनीति में जुटे थे। मीडिया का भी जमावड़ा रहा। पुलिस ने भी किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रखी थी। किला के अलावा कोतवाली, बारादरी, कैंट, प्रेमनगर आदि थानों की पुलिस यहां मौजूद थी। सीओ सिटी दिलीप सिंह भी कोर्ट परिसर में लगातार मौजूद रहे।

हिंदू संगठनों ने कहा- बिलाल जैसे लोग संभल जाएं

हिंदू संगठनों के नेता भी लड़की के बयान के बाद संतुष्ट दिखे। भाजपा महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा ने कहा कि लड़की ने घर लौटकर समझदारी दिखाई है। यह उसके परिवार के संघर्ष का प्रतिफल है। बिलाल जैसे लोगों को चेतावनी है कि वे फरेबी हरकतों से बाज आएं वर्ना उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। विहिप के विभाग अध्यक्ष पवन अरोड़ा ने कहा कि हिंदू संगठनों के साथ विहिप ऐसे लोगों के खिलाफ लड़ रही है जो लड़कियों को बरगलाते हैं। पुलिस-प्रशासन को भी इस पर नजर रखनी चाहिए ताकि कोई बवाल न हो।

बिलाल के वकील ने कहा.. चोरी का आरोप भी साबित नहीं होगा

अदालत परिसर में बिलाल पक्ष का कोई सदस्य मौके पर नहीं था। बिलाल के वकील इमरान सकलैनी ने कहा कि लड़की का बयान बता रहा है कि नाबालिग को अगवा करने जैसा कोई आरोप बिलाल पर साबित नहीं हुआ। चोरी और धोखाधड़ी के जो आरोप उस पर लगाए गए हैं, उनके लिए वह कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें नहीं लगता कि अदालत में उस पर कोई आरोप साबित हो पाएगा।

यह हुई थी घटना

किला की लड़की 17 अक्तूबर को पड़ोस में डेयरी चलाने वाले दूसरे समुदाय के युवक बिलाल के साथ चली गई थी। इसी दिन उसके पिता ने थाना किला में बिलाल समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 20 अक्तूबर को थाने में ज्ञापन देने पहुंचे हिंदू संगठनों के तोड़फोड़ करने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। इसके बाद अफसरों ने इंस्पेक्टर सतीश यादव को लाइनहाजिर कर एक दरोगा व दो सिपाही निलंबित कर दिए। 21 अक्तूबर को पुलिस ने दोनों को अजमेर से बरामद किया था।
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