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अपराध और उत्पीड़न का विरोध कर बनो अपराजिता
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अपराध और उत्पीड़न का विरोध कर बनो अपराजिता
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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अमर उजाला अपराजिता मुहिम के तहत पं. दीन दयाल उपाध्याय गवर्नमेंट मॉडल इंटर कॉलेज में छात्राओं ने बेबाकी से रखी अपनी बात
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बरेली। अमर उजाला अपराजिता ‘100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत गुरुवार को चौबारी स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय गवर्नमेंट मॉडल इंटर कॉलेज में पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। ‘महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण’ विषय पर आधारित प्रतियोगिता में प्रतिभागी छात्राओं का कहना था कि 21वीं सदी में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं, लेकिन उत्पीड़न का विरोध नहीं करने से वे पराजित हैं। कहा, अगर ये सहने के बजाय अपराध का विरोध करें तो वे जरूर अपराजिता कहलाएंगी।
पेंटिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने न सिर्फ महिला पर उत्पीड़न और अपराध को केंद्र कर पेंटिंग बनाई, बल्कि उन्हें सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी साकार करने में महिलाओं के योगदान को ड्राइंग शीट पर उकेरा। उन्होंने भ्रूण हत्या, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा आदि बिंदुओं को प्रमुखता से लिया और उसे चित्रों में उकेरकर रंग भरे। समय की पाबंदी होने से कुछ छात्राएं अपनी सृजनात्मकता में रंग नहीं भर सकीं, लेकिन उन्होंने जो विषय उभारे वे बेहद आकर्षक रहे। पेंटिंग में महिला हेल्प लाइन नंबरों के बारे में भी बताया गया। 1090, 1098, डायल 100 हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग से महिला अपराधों में आ रही कमी को भी दर्शाया। साथ ही सरकार के प्रयास को सराहा। कहा, योजनाओं का प्रभाव तभी होगा जब महिलाएं खुद आगे बढ़कर इनका उपयोग करेंगी। प्रतियोगिता में 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं की करीब डेढ़ सौ छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
पेंटिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने न सिर्फ महिला पर उत्पीड़न और अपराध को केंद्र कर पेंटिंग बनाई, बल्कि उन्हें सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी साकार करने में महिलाओं के योगदान को ड्राइंग शीट पर उकेरा। उन्होंने भ्रूण हत्या, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा आदि बिंदुओं को प्रमुखता से लिया और उसे चित्रों में उकेरकर रंग भरे। समय की पाबंदी होने से कुछ छात्राएं अपनी सृजनात्मकता में रंग नहीं भर सकीं, लेकिन उन्होंने जो विषय उभारे वे बेहद आकर्षक रहे। पेंटिंग में महिला हेल्प लाइन नंबरों के बारे में भी बताया गया। 1090, 1098, डायल 100 हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग से महिला अपराधों में आ रही कमी को भी दर्शाया। साथ ही सरकार के प्रयास को सराहा। कहा, योजनाओं का प्रभाव तभी होगा जब महिलाएं खुद आगे बढ़कर इनका उपयोग करेंगी। प्रतियोगिता में 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं की करीब डेढ़ सौ छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
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विजेताओं को मिला सर्टिफिकेट
करीब घंटे भर तक चली प्रतियोगिता के बाद विजेताओं के नाम घोषित किए गए। इसमें 12वीं की निमी, 12वीं की अंशु शर्मा, 12वीं की कुसुम, 9वीं की रुपाली और 9वीं की ही भागवती विजेता रहीं। इसके बाद उन्हें अमर उजाला की ओर से बेहतर प्रदर्शन करने पर प्रमाण पत्र से नवाज कर प्रोत्साहित किया गया। यहां प्रधानाचार्य निरुपमा शर्मा ने छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका मुकाबला करने की सीख दी। साथ ही सभी ने अपराजिता की शपथ ली।
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